यूरोप

75वाँ सत्र: ब्रिटेन की ओछे मतभेद भुलाकर, साझा दुश्मन के ख़िलाफ़ एकजुटता की पुकार

ब्रिटेन के प्रधानमन्त्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि कोविड-19 महामारी ने मानवता में अभूतपूर्व तरीक़े से एकता पैदा कर दी है. यूएन महासभा के वार्षिक 75वें सत्र के दौरान जनरल डिबेट को दिये वीडियो सन्देश में उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि अलबत्ता ये स्वास्थ्य संकट विभाजन के लिये भी एक असाधारण शक्ति साबित हुआ है.

बेलारूस: शान्तिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बल-प्रयोग पर चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बेलारूस में विवादित राष्ट्रपति चुनाव नतीजों के बाद शान्तिपूर्ण प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहे प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बलपूर्वक कार्रवाई के जारी रहने और उन्हें हिरासत में लिये जाने पर गहरी चिन्ता जताई है. उन्होंने बेलारूस की सरकार को ध्यान दिलाया है कि विरोध-प्रदर्शनकारी अपने लोकतान्त्रिक अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं.  

स्विटज़रलैण्ड: आतंकवाद विरोधी विधेयक से ख़तरनाक चलन शुरू होने का डर

संयुक्त राष्ट्र के पाँच मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा है कि स्विट्ज़रलैण्ड में प्रस्तावित नया आतंकवाद विरोधी विधेयक दुनिया भर में राजनैतिक असहमति को दबाने के लिये एक नया व ख़तरनाक चलन शुरू कर सकता है. इन मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा है कि ये प्रस्तावित विधेयक इस समय स्विस संसद में विचाराधीन है और सांसदों से इस विधेयक को नामंज़ूर करने का आग्रह किया गया है.

ग्रीस द्वीप में नई आग लगने से बचे-कुछे आवास भी नष्ट, हज़ारों लोग बेघर

ग्रीस के एक द्वीपीय केन्द्र लेसबॉस में नए सिरे से लगी आग ने वहाँ ठहराए गए हज़ारों शरणार्थियों व प्रसावियों के लिये आवासों को नष्ट कर दिया है. इससे पहले मंगलवार शाम को भी वहाँ आग लग चुकी है जिसमें बड़ी संख्या में इन शरणार्थियों व प्रवासियों के आवासों को नुक़सान पहुँचा था.

बेलारूस को प्रदर्शनकारियों पर ज़ुल्म ढाना बन्द करना होगा

संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने बेलारूस सरकार का आहवान किया है 9 अगस्त के राष्ट्रपति पद के चुनाव के मुद्दे पर हो रहे व्यापक प्रदर्शनों के दौरान बन्दी बनाए गए लोगों को प्रताड़ित करना बन्द करे, और उन पुलिस अधिकारियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए जिन्होंने अपनी हिरासत में रखे गए प्रदर्शनकारियों की कथित रूप में बेइज़्ज़ती व पिटाई की है.

भूमध्यसागर में फँसे शरणार्थियों को जहाज़ो से सुरक्षित उतारे जाने की पुकार 

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने कहा है कि भूमध्यसागर में बचाव एवँ तलाश अभियान के दौरान बचाए गए लोगों को तटों तक सुरक्षित पहुँचाने के लिये जल्द से जल्द प्रयास किये जाने होंगे. ग़ौरतलब है कि 400 से ज़्यादा शरणार्थी व प्रवासी तीन जहाज़ों पर मौजूद हैं और उनमें से कुछ लोग कई हफ़्तों से वहाँ फँसे हुए हैं.  अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन और संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने शरणार्थियों व प्रवासियों को सुरक्षित ढँग से उतारे जाने के लिये एक क्षेत्रीय समझौते की ज़रूरत को भी रेखांकित किया है.

स्रेब्रेनीत्सा जनसंहार की 25वीं बरसी पर आपसी सुलह-समझौते की पुकार

स्रेब्रेनीत्सा जनसंहार के 25 वर्ष बाद भी बोसनिया एण्ड हरज़ेगोविना में शान्ति एक नाज़ुक डोर से बन्धी है. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दूसरे विश्व युद्ध के बाद योरोप में अत्याचार के सबसे भयावह अध्याय के रूप में देखे जाने वाले स्रेब्रेनीत्सा जनसंहार की 25वीं बरसी पर क्षेत्र में आपसी मेलमिलाप के लिए ईमानदार प्रयासों की ज़रूरत को रेखांकित किया है. 

स्रेब्रेनीत्सा जनसंहार के 25 वर्ष

यूएन महासचिव ने कहा है कि 25 वर्ष पहले बोसनिया हरज़गोविना के स्रेब्रेनीत्सा में नफ़रत के कारण हज़ारों मुसलमानों का जनसंहार कर दिया गया था. पूर्व महासचिव कोफ़ी अन्नान के कहा था कि अन्तरराष्ट्रीय समुदाय की वो नाकामी इतिहास का कभी पीछा नहीं छोड़ेगी. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश का कहना है कि पूरे अन्तरराष्ट्रीय समुदाय की ये ज़िम्मेदारी है कि उस जनसंहार के पीड़ितों को तकलीफ़ों से उबारकर सुलह-सफ़ाई व स्थिरता का माहौल बनाया जाए. वीडियो सन्देश...

कोविड-19: 'जब तक सब सुरक्षित नहीं, तब तक कोई भी नहीं'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी पर क़ाबू पाने के लिए “इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयास” की ज़रूरत है. यूएन प्रमुख ने सोमवार को ब्रसेल्स में योरोपीय संघ के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बात कही जिसका आयोजन दान के ज़रिए धन जुटाने का संकल्प व्यक्त करने के लिए किया गया. 

कोविड-19: योरोपीय जीवन में अभूतपूर्व बदलाव, निडर कार्रवाई का आहवान

विश्व स्वास्थ्य संगठन में योरोपीय क्षेत्र के लिए निदेशक डॉक्टर हैन्स हेनरी क्लुगे ने कहा है कि कोविड-19 का संक्रमण के फैलने से लाखों-करोड़ों लोग जीवन में भारी बदलाव का सामना कर रहे हैं लेकिन आपसी एकजुटता से इस चुनौती को हराया भी जा सकता है. विश्व भर में कोरोनावायरस संक्रमण के एक तिहाई से ज़्यादा मामले अब योरोपीय देशों से हैं और इटली, फ़्रांस, जर्मनी व स्पेन सहित अन्य देश ख़ास तौर पर प्रभावित हुए हैं.