एशिया प्रशांत

अफ़ग़ानिस्तान: जलालाबाद के जेल परिसर में आतंकी हमले की कड़ी निन्दा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अफ़ग़ानिस्तान के जलालाबाद शहर स्थित जेल परिसर में हुए एक आतंकी हमल को जघन्य और कायराना क़रार देते हुए कड़े शब्दों में उसकी निन्दा की है. सोमवार, 3 अगस्त, को हुए इस हमले में आम नागरिकों सहित 29 लोगों की मौत हो गई थी और अनेक लोग घायल हुए थे. इस्लामिक स्टेट (दाएश) ने इस हमले की ज़िम्मेदारी लेने का दावा किया है. 

भारत से जम्मू कश्मीर में चिन्ताजनक मानवाधिकार स्थिति का तत्काल हल निकालने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने भारत सरकार और अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से जम्मू कश्मीर में आम आबादी के मानवाधिकारों का उल्लंघन जारी रहने की स्थिति पर ध्यान देने के लिये तुरन्त कार्रवाई करने का आग्रह किया है. इन मानवाधिकार विशेषज्ञों ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म किये जाने का एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर ये पुकार लगाई है.

भारत में महिला सशक्तिकरण के लिये ‘दिशा’

भारत में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और आइकिया फाउण्डशन की ‘दिशा’ परियोजना के तहत दस लाख महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है. इसमें संरक्षकों का दल बनाकर, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा दिया जा रहा है. भारत में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की रैज़िडेंट रैप्रैज़ेटेटिव, शोको नोडा की क़लम से...

सामाजिक दूरी - क्यों है ज़रूरी?

कोरोनावायरस का सुपर विलेन आपके पीछे आ रहा है. लेकिन आपको भागने, छिपने या डरने की ज़रूरत नहीं है. आपको ज़रूरत है – उचित शारीरिक दूरी बनाने की! ये वीडियों  देखें और सभी को बताएँ कि खुद को कोरोना वायरस सुपर विलेन से बचाने के लिये शारीरिक दूरी बरतना क्यों ज़रूरी है? देखें ये एनीमेशन वीडियो...
 

नेपाल: मानव तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम क़दम 

नेपाल में हर वर्ष हज़ारों लोग मानव तस्करों के चंगुल में फँस कर यौन शोषण, जबरन मज़दूरी और शारीरिक अंगों की चोरी का शिकार बनते हैं. इस चुनौती से निपटने के प्रयासों के तहत नेपाल ने संयुक्त राष्ट्र के प्रोटोकॉल पर मुहर लगाई है जिसके लागू होने के बाद शोषण के सभी रूपों की शिनाख़्त करने, पीड़ितों को ज़रूरी सहायता प्रदान करने और दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई किये जाने की उम्मीदें जागी हैं. 

कोविड-19: दक्षिणपूर्व एशिया की टिकाऊ व समावेशी पुनर्बहाली का ख़ाका पेश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि दक्षिणपूर्व एशिया को वैश्विक महामारी कोविड-19 से असरदार ढँग से उबारने के लिये विषमताओं को दूर करना, डिजिटल खाइयों को पाटना, अर्थव्यवस्थाओं को हरित बनाना, मानवाधिकारों की रक्षा करना और सुशासन सुनिश्चित करना अहम होगा. यूएन प्रमुख ने गुरुवार को इस क्षेत्र पर केन्द्रित एक नया नीतिपत्र (Policy brief) जारी किया है जिसमें बेहतर पुनर्बहाली के लिये सिफ़ारिशें पेश की गई हैं. 

सीसा धातु से 80 करोड़ बच्चों के दिमाग़ों पर असर, आधे बच्चे दक्षिण एशिया में

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ और ‘प्योर अर्थ’ की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि  दुनिया भर के लगभग तीन चौथाई बच्चे सीसा धातु के ज़हर के साथ जी रहे हैं. इतनी बड़ी संख्या में  बच्चों के सीसा धातु से प्रभावित होने के मद्देनज़र एसिड बैटरियों को लापरवाही से फेंकने के ख़तरनाक चलन को बन्द करने का आहवान भी किया गया है.

 वैश्विक खाद्य उत्पादन में पारिवारिक किसानों की भूमिका पर केंद्रित नई मुहिम

एशिया-प्रशान्त क्षेत्र में लाखों-करोड़ों पारिवारिक किसानों का दुनिया में अधिकाँश खाद्य उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान है लेकिन वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण उनकी आजीविका पर गहरा असर पड़ा है. क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा में इन किसानों की अहम भूमिका के प्रति समझ बढ़ाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवँ कृषि संगठन (UNFAO) और अन्य साझीदार संगठनों ने बुधवार को एक मुहिम शुरू की है. 

भूटान में सह-अस्तित्व सीख रहे बाघ और किसान

भूटान में एक नई परियोजना के ज़रिये इन्सानों और बाघों के बीच सन्तुलन बनाए रखने में मदद मिल रही है. लक्समबर्ग सरकार द्वारा वित्तपोषित और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के नेतृत्व में भूटान में चल रहे इस ‘Vanishing Tigers Programme, 2020-2023’ का लक्ष्य है – विश्व में लुप्तप्राय बाघों की प्रजाति पर जलवायु परिवर्तन के असर और स्थानीय समुदायों और मानव-बाघ संघर्ष को गहराई से समझना. ये कार्यक्रम भूटान की शाही सरकार और वहाँ के टाइगर सेंटर के साथ साझेदारी में चलाया जा रहा है.

कोविड महामारी के बावजूद 'एसडीजी के पथ पर अग्रसर रहना होगा'

एशिया-प्रशान्त क्षेत्र में कोविड-19 महामारी से बचने के लिये किये गए ऐहतियाती उपायों के कारण लागू की गई तालाबन्दी जैसे-जैसे खुल रही है, यह भी स्पष्ट होता जा रहा है कि अब पहले की तरह व्यापार करना अकल्पनीय होगा, विशेषत: उन देशों में जो पहले से ही टिकाऊ विकास लक्ष्यों को पूरा करने से बहुत दूर थे. एशिया और प्रशान्त क्षेत्र के लिये आर्थिक एवँ सामाजिक आयोग (UNESCAP), संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और एशियाई विकास बैंक (ADB) के वरिष्ठ अधिकारियों का यह लेख इसी विषय पर विमर्श को आगे बढ़ाता है...