एशिया प्रशांत

श्रीलंका में मानवाधिकार उल्लंघन के लिए जवाबदेही तय करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र  के मानवाधिकार विशेषज्ञों के एक समूह ने श्रीलंका में लैफ्टिनेंट जनरल शावेंद्र सिल्वा को देश का नया सेना प्रमुख नियुक्त किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की है और श्रीलंका सरकार का आहवान किया है कि सुरक्षा क्षेत्र में और अतीत में मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों की जाँच कराई जाए जिनमें पहले ही बहुत देर हो चुकी है.

म्यांमार की सेना पर सुनियोजित ढंग से यौन हिंसा और प्रताड़ना के आरोप

संयुक्त राष्ट्र के ‘इंडिपेंडेंट इंटरनेशनल फ़ैक्ट-फ़ाइंडिंग मिशन’ ने कहा है कि म्यांमार की सेना ने देश के जातीय अल्पसंख्यकों को आतंकित और दंडित करने के लिए यौन और लिंग आधारित हिंसा का सहारा लिया है जिसे रोका जाना होगा. अपनी नई रिपोर्ट में मिशन ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2017 में राखीन प्रांत में हिंसा का क्रूर स्वरूप दर्शाता है कि सेना की मंशा रोहिंज्या समुदाय को बर्बाद करने की थी.

कश्मीर में भारत सरकार से प्रतिबंध हटाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने भारत सरकार से उसके प्रशासन वाले कश्मीर में उन प्रतिबंधों को हटाने का आहवान किया है जो अगस्त महीने के आरंभ में लगाए गए थे. इनमें विचार व्यक्त करने पर पाबंदी, सूचना पाने और शांतिपूर्ण तरीक़े से प्रदर्शनों पर प्रतिबंध शामिल हैं. 

हिंसा और अस्थिरता से जूझते अफ़ग़ानिस्तान की आज़ादी के 100 वर्ष

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) के प्रमुख तादामीची यामामोतो ने कहा है कि स्वाधीनता के 100 वर्ष पूरे कर रहे अफ़ग़ानिस्तान के लिए यह एक अहम क्षण है और आने वाले दिनों में चुनावों से शांति स्थापना की दिशा में प्रगति होने की आशा है. लेकिन देश पर हिंसा और अस्थिरता का संकट अब भी मंडरा रहा है और हाल के दिनों में अफ़ग़ानिस्तान में आतंकी हमलों में आम लोगों को निशाना बनाया गया है जिसकी संयुक्त राष्ट्र ने कड़े शब्दों में निंदा की है.

काबुल आत्मघाती हमले में अनेक हताहत, तीखी भर्त्सना

संयुक्त राष्ट्र ने अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए एक बम विस्फोट की कड़ी निंदा की है जिसमें अनेक लोग हताहत हुए हैं. 17 अगस्त की शाम को हुआ ये हमला एक आत्मघाती हमलावर ने किया और हताहतों में महिलाएं व बच्चे भी हैं. 

कश्मीर पर सुरक्षा परिषद की बैठक - तीन देशों का रुख़

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कश्मीर स्थिति पर शुक्रवार 16 अगस्त 2019 को गोपनीय बैठक की जिसे बंद कमरे में हुई चर्चा भी कहा गया है. इस चर्चा के बारे में परिषद की तरफ़ से कोई आधिकारिक वक्तव्य नहीं जारी किया गया, अलबत्ता तीन देशों - चीन, पाकिस्तान और भारत के राजदूतों ने पत्रकारों के सामने अपने-अपने देशों का रुख़ रखा. 

कश्मीर मुद्दे पर सुरक्षा परिषद की 'बंद' बैठक, चीन द्वारा संयम का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कश्मीर में तनावपूर्ण स्थिति पर शुक्रवार को गोपनीय विचार-विमर्श किया. 1965 के बाद ये पहला मौक़ा था जब सुरक्षा परिषद ने  कश्मीर मुद्दे पर विचार विमर्श करने के लिए 'विशिष्ठ बैठक' आयोजित की. सुरक्षा परिषद पर दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा संबंधी मामलों का समाधान तलाश करने की ज़िम्मेदारी है.

हिजाब की अनिवार्यता का विरोध करने वाली महिलाओं की रिहाई की अपील

ईरान में हिजाब को अनिवार्य रूप से पहने जाने का आदेश कड़ाई से लागू किया जाता है और उसका विरोध करने वाली महिलाओं को दशकों लंबी जेल की सज़ा सुनाई जा रही है जिसकी संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने निंदा की है. हाल के दिनों में ईरान में महिलाधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई होने के मामले बढ़ने की रिपोर्टें मिली हैं.  

रोहिंज्या शरणार्थियों की एक 'पूरी पीढ़ी की आशाएं दांव पर'

म्यांमार से भागकर बांग्लादेश आने वाले रोहिंज्या शरणार्थी दैनिक जीवन की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं जिस वजह से एक पूरी पीढ़ी में हताशा घर कर रही है और आशाएं धूमिल हो रही हैं. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की कार्यकारी निदेशक हेनरिएटा फ़ोर ने कहा है कि इस पीढ़ी की उम्मीदों पर खरा उतरने के काम में विफल होने का जोखिम कोई विकल्प नहीं है.

म्यांमार में बाढ़ से हज़ारों लोग विस्थापन को मजबूर

म्यांमार में कई हफ़्तों से मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की वजह से लोगों को बड़े पैमाने पर जान-माल का नुक़सान उठाना पड़ रहा है. शुक्रवार को मोन प्रांत की पाउंग टाउनशिप में भूस्खलन होने से 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई और अनेक अब भी लापता हैं. 80 हज़ार से ज़्यादा लोगों ने सुरक्षित जगहों पर शरण ली हुई है.