एशिया प्रशांत

अफ़ग़ानिस्तान जांच: ड्रग्स लैब पर बमबारी में कम से कम 60 लोगों की मौत

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) ने कहा है कि कथित रूप से मेथाफ़ेटामाइन - नशीली दवा (ड्रग्स) - बनाने के ठिकानों को सैन्य रूप से निशाना बनाते हुए उन पर हवाई बमबारी नहीं की जानी चाहिए थी. यूएन मिशन की जांच में पाया गया है कि इन ठिकानों का सीधे तौर पर तालिबान के साथ संबंध स्थापित नहीं हो पाया है. अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई में कम से कम 60 आम नागरिकों के मारे जाने की रिपोर्टें हैं.

बुज़ुर्गों की बढ़ती आबादी की ज़रूरतें पूरी करना ज़रूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि दक्षिण पूर्वी एशियाई क्षेत्र में बुज़ुर्ग आबादी बढ़ रही है. इस क्षेत्र में मुख्य रूप से 11 देश शामिल हैं जिनके नाम हैं – भारत, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, इंडोनेशिया, म्यांमार, मालदीव, भूटान, थाईलैंड, उत्तर कोरिया (डीपीआरके) और तिमोर लेस्टे.

अफ़ग़ानिस्तान: राष्ट्रपति चुनाव में नागरिकों की भूमिका की सराहना

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अफ़ग़ानिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव के लिए 28 सितंबर को हुए मतदान के सफलतापूर्वक संपन्न होने का स्वागत किया है. यूएन प्रमुख ने तालेबान चरमपंथियों द्वारा हमलों की धमकियों और सुरक्षा हालात पर चिंताओं के बीच मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए अफ़ग़ान नागरिकों की प्रशंसा की है.

इमरान ख़ान: कश्मीर मुद्दे पर भारत के साथ खुले टकराव की चेतावनी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शुक्रवार, 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए पड़ोसी देश भारत के साथ खुले टकराव की स्थिति पैदा होने की चेतावनी दी. महासभा के 74वें सत्र की उच्चस्तरीय जनरल डिबेट में शिरकत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत जब विवादित क्षेत्र कश्मीर में लगभग दो महीनों से लगाया हुआ कर्फ्यू उठाएगा तो वहाँ ख़ूनख़राबा होने के बहुत आसार हैं.

अफग़ानिस्तान में शांति का रास्ता 'सीधी वार्ता' से ही संभव

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि तादामिची यामामोतो ने कहा है कि देश में  वर्षों से चले आ रहे हिंसक संघर्ष को विभिन्न अफग़ान समुदायों के बीच सीधी वार्ता के ज़रिए ही सुलझाया जा सकता है. उन्होंने 28 सितंबर को राष्ट्रपति चुनाव से पहले पारदर्शी व निष्पक्ष चुनावों के लिए सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत बनाने और हिंसा रोके जाने की अपील भी जारी की है. 

महात्मा गांधी का पथप्रदर्शक संदेश आज भी प्रकाशमान है - उपमहासचिव

"एक शांतिपूर्ण और टिकाऊ विश्व के लिए महात्मा गाँधी का चिरमय व पथप्रदर्शक संदेश आज भी प्रकाशमान है. उनका जीवन अहिंसक और सामाजिक सौहार्द्र के समय में नैतिक साहस की प्रेरणा देता है और हमें याद दिलाता है कि प्रभावशाली लोगों की गतिविधियाँ और आंदोलन किस तरह सामाजिक बदलावों के लिए प्रेरणास्रोत हो सकते हैं."

ख़सरा और रुबेला के 2023 तक ख़ात्मे का संकल्प

विश्व स्वास्थ्य संगठन के दक्षिण पूर्वी एशिया के क्षेत्र के सदस्य देशों ने अपने यहाँ ख़सरा और रुबेला बीमारियों को साल 2023 तक पूरी तरह से ख़त्म करने का संकल्प व्यक्त किया है. दक्षिण पूर्वी एशियाई क्षेत्र के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की क्षेत्रीय समिति के नई दिल्ली में 5 सितंबर को हुए 72वें सत्र में ये संकल्प लिया गया.

म्याँमार में सेना द्वारा बंधक बनाए गए लोगों के उत्पीड़न पर चिंता

म्याँमार की सेना द्वारा एक बंदी शिविर में रखे गए राखीन प्रांत के लोगों के उत्पीड़न और फिर उनकी मौत के आरोपों के बाद संयुक्त राष्ट्र के तीन स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने ये उत्पीड़न तुरंत रोके जाने का आहवान किया है. इन विशेषज्ञों ने साथ ही इन आरापों की 'निष्पक्ष व भरोसेमंद' जाँच कराने का भी आहवान किया है.

भूमि प्रबंधन पर संयुक्‍त राष्ट्र सम्‍मेलन - कॉप-14 भारत में शुरू

भूमि को जलवायु परिवर्तन के ख़तरों से बंजर होने से बचाने के लिए कान्फ्रेंस ऑफ पार्टीज़ यानी कॉप का 14वां सम्मेलन भारत में सोमवार को आरंभ हुआ. 2 से 13 सितंबर तक राजधानी दिल्ली के पास ग्रेटर नोएडा में होने वाले इस सम्मेलन में लगभग 196 देश शिरकत कर रहे हैं जो बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने के तरीक़ों पर मंथन करेंगे.

नेपाल में मानवाधिकार उल्लंघन, यातना और जबरन मज़दूरी का मामला

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति ने नेपाल से कहा है कि यातना और जबरन मज़दूरी कराए जाने के पीड़ितों को शिकायतें दर्ज कराने में आने वाली मुश्किलों को दूर करना होगा. मानवाधिकार समिति ने जिनीवा में मंगलवार को एक व्यक्ति द्वारा मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायत पर सुनाए गए अपने एक निर्णय में ये बात कही है.