एशिया प्रशांत

कोविड-19: शरणार्थियों की मदद

भारत में कोवड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में शरणार्थी भी अपनी तरह की मदद कर रहे हैं. भारत में अफ़ग़ानिस्तान और म्याँमार से आए शरणार्थी कॉटन के मास्क बनाकर अपने स्तर का योगदान कर रहे हैं क्योंकि इस लड़ाई में सब साथ हैं. वीडियो फ़ीचर...

कोविड-19: स्वच्छ हाथ बने हथियार

वैश्विक महामारी कोविड-19 का अभी तक कोई इलाज नहीं है. केवल ऐहतियात व रोकथाम ही एक मात्र उपाय है. चूँकि संक्रमित हाथों के ज़रिए ही ये वायरस हमारे शरीर में दाख़िल हो सकता है इसलिए इस वायरस से बचने में हाथों को पूरी तरह स्वच्छ रखना बेहद ज़रूरी है. हाथ धोने का सही तरीक़ा इस वीडियो में देखें...

कोविड-19: भारत में वंचित समूहों के लिए UNFPA की आपात सेवा

भारत में भी कोविड-19 महामारी का सामना करने के प्रयासों के तहत पूरे देश में तालाबंदी लागू  है जिससे जनजीवन व्यापक रूप में प्रभावित हुआ है. भारत में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने बिहार राज्य में पटना नगर निगम (PMC) के साथ मिलकर गर्भवती महिलाओं और बुज़ुर्गों की मदद के लिए ‘वी-केयर’ नाम की सहायता सेवा शुरू की है. इसके तहत बिहार की राजधानी पटना में झुग्गियों में रहने वाले कमज़ोर तबके के लोगों को मुफ़्त आपातकाल यातायात और अन्य स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं. 

भारत में बाढ़ के विनाशकारी प्रभाव से बचने के उपाय

कोविड-19 महामारी से पूरे विश्व की पर्यावरण, स्वास्थ्य और आर्थिक प्रणालियों की कमज़ोरी सामने आ गई है. संकट अभी जारी है, जिससे ये स्पष्ट होता जा रहा है कि किस तरह अनगिनत आर्थिक, सामाजिक और संस्थागत कारक वैश्विक तापमान और मानव स्वास्थ्य जैसे पर्यावरण जोखिमों को बढ़ाते हैं. भारत दुनिया में सबसे अधिक आपदा-प्रवण देशों में से एक है, जिसमें हाइड्रोलॉजिकल (पानी से संबंधित) आपदाएँ सबसे ज़्यादा होती हैं, जो अनगिनत मौतों और संपत्ति के नुक़सान का कारण बनती है.

कोविड-19 के बारे में कुछ सवाल-जवाब

वैश्विक महामारी कोविड-19 का प्रकोप दुनिया भर में फैल गया है जिसके कारण बहुत सी भ्रान्तियाँ और उत्सुकताएँ भी जागी हैं. लेकिन इसकी रोकथाम और इलाज के बारे में अब भी बहुत से प्रश्न अनुत्तरित हैं. कुछ सवालों के जवाब न्यूयॉर्क सिटी स्थित एक डॉक्टर की ज़ुबानी... 

पृथ्वी दिवस पर डिजिटल कॉन्सर्ट

पृथ्वी दिवस की 50 वीं वर्षगांठ पर संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार और पर्यावरणविद् रिकी केज ने 22 अप्रैल को एक 'डिजिटल कॉन्सर्ट - रिकी केज एट वन पेज स्पॉटलाइट' का आयोजन किया. इस कॉन्सर्ट का उद्देश्य, वैश्विक समुदाय को एकजुट करना और करुणा, बलिदान व आशा का संदेश फैलाने में मदद करना था. इसमें यूनेस्को, एमझीआईईपी, यूएनसीसीडी, यूनीसेफ़ इंडिया, समेत 5 ग्रैमी पुरस्कार विजेताओं समेत 44 संगीतकार शामिल हुए.

भारत: फ़ायदेमन्द प्राकृतिक खेती का रुख़

भारत के आंध्र प्रदेश राज्य में किसान जागरूक होकर प्राकृतिक खेती की ओर रुख़ कर रहे हैं. इसमें रसायनिक उर्वरकों के बजाय स्थानीय स्तर पर तैयार देसी खाद इस्तेमाल किया जाता है जिससे अच्छी क़िस्म की फ़सल होती है. ये प्राकृतिक खेती लोकप्रिय हो रही है और अगले कुछ वर्षों के दौरान ज़्यादा से ज़्यादा किसान शून्य बजट प्राकृतिक खेती को पूरी तरह से अपनाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं. एक वीडियो डॉक्यूमेंटरी...

अफ़ग़ानिस्तान: 2020 की पहली तिमाही में 500 से ज़्यादा लोगों की मौत

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा के कारण वर्ष 2020 के पहले तीन महीनों के दौरान 500 से ज़्यादा आम नागरिकों की मौत हुई जिनमें 150 से ज़्यादा बच्चे थे. रिपोर्ट में देश में कोविड-19 महामारी के बढ़ते ख़तरे के बीच सभी पक्षों से आम लोगों को हिंसा के दंश से बचाने के लिए ज़्यादा प्रयास करने की ज़रूरत पर बल दिया गया है.

कोविड-19: सीआरपीएफ़ की अनोखी पहल

भारत के असम राज्य में सीआरपीएफ़ और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने दिहाड़ी मज़दूरों को भोजन सामग्री वितरण के दौरान उनका हौसला बढ़ाने के लिए अनोखा तरीक़ा अपनाया. असम में कामरूप ज़िले के रानी में जवानों ने गीत गाकर उनके मानसिक स्वास्थ्य का भी ख़याल रखा. देखें वीडियो...

बांग्लादेश: लॉकडाउन में यूएन और सरकार प्रभावितों की मदद के लिए सक्रिय

बांग्लादेश जब वैश्विक महामारी कोविड-19 का मुक़ाबला करने की तैयारी में जुटा है तो संयुक्त राष्ट्र देश में सरकार, सिविल सोसायटी और निजी क्षेत्र के साथ घनिष्टता से काम कर रहा है. बांग्लादेश में संयुक्त राष्ट्र की शीर्षतम अधिकारी – रेज़िडेंट कॉर्डिनेटर मिया सेप्पो का ब्लॉग...