एशिया प्रशांत

भारत में कोरोना योद्धा - महामारी के दौरान मातृत्व स्वास्थ्य देखभाल

कोविड-19 महामारी के कारण हुई तालाबन्दी से स्वास्थ्य प्रणालियों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे  यौन व प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा. इन ठोस चुनौतियों के बावजूद, कई साहसी महिलाओं ने आगे आकर ये सुनिश्चित किया कि महामारी के दौरान महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य व अधिकारों की उपेक्षा न हो पाए. विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर, भारत की ऐसी ही कुछ महिला फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं की निस्वार्थ सेवाओं की झलक, जो संकट के समय पूरी प्रतिबद्धता से अपना कर्तव्य निभा रही हैं. 
 

कोविड-19: वर्तमान स्थिति पर चिन्तन और भविष्य के आकलन का समय

जनसंख्या के हिसाब से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश भारत भी कोविड संकट से जूझ रहा है. अपनी विशिष्ट संस्कृति और जनसंख्या समूहों के कारण यहाँ की चुनौतियाँ भी अभूतपूर्व हैं. एक अरब 37 करोड़ की आबादी वाला ये देश दुनिया की सबसे युवा आबादी का भी प्रतिनिधित्व करता है. ऐसे में, कोविड-19 के ख़त्म होने के बाद देश के सकारात्मक पहलुओं को समन्वित करके, किस तरह चुनौतियों से निपटा जाए – 11 जुलाई को 'विश्व जनसंख्या दिवस' पर इन्हीं मुद्दों पर प्रकाश डालता भारत में यूएनएफ़पीए की प्रतिनिधि, अर्जेंटीना मातावेल का ब्लॉग.

भारत में शरणार्थी और मेज़बान समुदाय पर तालाबन्दी की मार

भारत में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) के साथ पंजीकृत 40 हज़ार 276 शरणार्थियों में से ज़्यादातर पहले ही जीवनयापन के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन कोरोनावायरस महामारी के कारण उनकी ज़िन्दगी और बिखर गई है. 

अफ़ग़ानिस्तान: शान्ति वार्ता से पहले हिंसा पर रोक व आम लोगों की रक्षा का आहवान 

अफ़ग़ान सरकार और तालिबान वार्ताकारों में शान्ति वार्ता की सम्भावनाओ के बीच अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) ने सभी पक्षों से आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयास दोगुना करने का आग्रह किया है. यूएन मिशन ने कहा है कि इससे लोगों की ज़िन्दगियों की रक्षा करने और शान्ति वार्ता के लिए मददगार माहौल बनाना सम्भव होगा. यह शान्ति वार्ता क़तर की राजधानी दोहा में होनी है. 

पाकिस्तान: कराची स्टॉक एक्सचेंज पर हमले की कड़ी निन्दा 

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पाकिस्तान के कराची शेयर बाज़ार में 29 जून को हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निन्दा की है. परिषद ने इस हमले में मारे गए लोगों के प्रति अपनी सम्वेदनाएँ प्रकट करते हुए इसे जघन्य और कायराना हरकत क़रार दिया है. 

भारत: पत्रकार की हत्या की निन्दा, दोषियों को सज़ा की माँग

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, सांस्कृतिक एवँ वैज्ञानिक संगठन (UNESCO) की महानिदेशक ऑड्री अज़ोले ने भारत के उत्तर प्रदेश प्रान्त में पत्रकार शुभम मणि त्रिपाठी की हत्या के लिए ज़िम्मेदार लोगों पर मुक़दमा चलाने की पुकार लगाई है. उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले में 19 जून को दो हमलावरों ने शुभम मणि त्रिपाठी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. 

पाकिस्तान: मानवाधिकार कार्यकर्ता की जबरन गुमशुदगी पर यूएन विशेषज्ञों का क्षोभ

संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने पाकिस्तान में लापता मानवाधिकार कार्यकर्ता इदरीस खटक के बारे में सरकार द्वारा जानकारी सार्वजनिक किये जाने का स्वागत किया है, लेकिन सात महीने से भी पहले उनके अचानक जबरन ग़ायब होने की घटना की कड़ी निन्दा भी की है. मानवाधिकार कार्यकर्ता इदरीस खटक को आख़िरी बार 13 नवम्बर 2091 को तब देखा गया था जब सुरक्षा एजेण्टों ने ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रान्त के स्वाबी इन्टरचेन्ज इलाक़े के पास उनकी कार को रोका था. 

कोविड-19: प्रभावित बच्चों के लिए यूनीसेफ़ का #ChildhoodChallenge अभियान

भारत की राजधानी नई दिल्ली में शुक्रवार को मशहूर बॉलीबुड अभिनेत्री और यूनीसेफ़ की सेलेब्रिटी एडवोकेट, करीना कपूर ख़ान ने #ChildhoodChallenge अभियान शुरू किया. ये अभियान यूनीसेफ़ के वैश्विक प्रयासों का हिस्सा है, जिसके तहत कोविड महामारी से बच्चों के भविष्य पर स्थाई असर पड़ने से बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं. 

भारतीय नागरिकता अधिनियम: प्रदर्शनकारी नेताओं को रिहा करने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने भारत सरकार से उन सभी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा करने की अपील की है जिन्हें नागरिकता क़ानून में हुए संशोधन के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए गिरफ़्तार किया गया है. नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) में भारत के अनेक पड़ोसी देशों से विशिष्ट धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए भारतीय नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया सरल और शीघ्रता से आगे बढ़ाने का प्रावधान है लेकिन मुसलमानों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है. 

प्लास्टिक कचरा प्रबन्धन पर सरकारों को करने होंगे ज़्यादा प्रयास

प्लास्टिक कचरे को कम करने के लिए ऊँची उम्मीदों के बावजूद वास्तविकता के धरातल पर असरदार कार्रवाई’ के बीच में अब भी एक बड़ा अन्तर  बना हुआ है. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और 'फ़ूड इन्डस्ट्री एशिया'(FIA) ने मंगलवार को दक्षिण-पूर्व एशिया में उपभोक्ताओं और खाद्य व पेय व्यवसायों के एक क्षेत्रीय सर्वेक्षण के नतीजे जारी किये हैं जिसमें यह बात उजागर हुई है. पिछले कुछ महीनों में कोविड-19 महामारी के कारण कचरे में बढ़ोत्तरी के अलावा प्लास्टिक प्रदूषण की चुनौतियाँ भी बढ़ी हैं.