एशिया प्रशांत

इण्डोनेशिया में शरणार्थियों का टीकाकरण, सर्वजन के लिये लाभप्रद

इण्डोनेशिया में रह रहे शरणार्थी, कोविड-19 टीकाकरण के मामले में बाक़ी आबादी से बहुत पीछे हैं. इनमें एक बड़ी संख्या अफ़ग़ानिस्तान में संकट के कारण, इण्डोनेशिया में शरण लेने वाले अफ़ग़ान शरणार्थियों की है. संयुक्त राष्ट्र, इन हालात को बदलने के लिये प्रयासरत है.

अफ़ग़ानिस्तान: आधी से अधिक आबादी के लिये ‘संकट’ या ‘आपात’ स्तर की खाद्य असुरक्षा  

संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार, अफ़ग़ानिस्तान में दो करोड़ 30 लाख लोग, यानि अफ़ग़ान आबादी का क़रीब 55 फ़ीसदी हिस्सा, अभी से लेकर अगले वर्ष मार्च तक, संकटपूर्ण या फिर आपातकालीन स्तर की खाद्य असुरक्षा का सामना करने के लिये मजबूर है.
 

नेपाल की संज्ञा मल्ला को, 2021 की सर्वश्रेष्ठ महिला पुलिस अधिकारी का सम्मान

काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में संयुक्त राष्ट्र के शान्तिरक्षा व स्थिरता मिशन (MONUSCO) में कार्यरत, नेपाल की एक महिला अधिकारी संज्ञा मल्ला को, संयुक्त राष्ट्र के ‘वर्ष 2021 के महिला पुलिस अधिकारी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है.

अफ़ग़ानिस्तान: 'टूट व बिखर चुके लोगों को मदद की तत्काल ज़रूरत'

संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी (IOM) के प्रमुख एंतोनियो वितोरिनो ने, अफ़ग़ानिस्तान में आम लोगों के हालात के बारे में गुरूवार को बेबाक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वर्षों से जारी संघर्ष व अशान्ति, दमनात्मक निर्धनता और जलवायु सम्बन्धी आपदाओं ने, देश को पतन के किनारे पर पहुँचा दिया है.

अफ़ग़ानिस्तान में, मानवाधिकार रक्षकों के लिये गम्भीर डर का माहौल

संयुक्त राष्ट्र की एक स्वतंत्र मानवाधिकार रैपोर्टेयर ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में मानवाधिकार पैरोकारों ने बताया है कि वो अब डर, धमकियों और देश के मौजूदा हालात पर बढ़ती हताशा के माहौल में जी रहे हैं.

कोविड-19: भारत की कोवैक्सीन को आपात प्रयोग के लिये मंज़ूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोविड-19 से बचाने वाली एक आठवीं वैक्सीन को मंज़ूरी दी है जो भारत में निर्मित है. इस बीच दुनिया भर में कोविड-19 के मामलों में कुछ बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है.

अफ़ग़ानिस्तान: काबुल में अस्पताल पर हमला; स्वास्थ्य केन्द्रों को निशाना नहीं बनाए जाने की अपील 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उपप्रवक्ता ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के एक सैन्य अस्पताल पर हुए जानलेवा हमले ने फिर आगाह किया है कि स्वास्थ्य केन्द्रों को कभी भी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिये. इस बीच, यूएन एजेंसियाँ देश भर में ज़रूरतमन्दों तक राहत सामग्री पहुँचाने के कार्य को तेज़ी से आगे बढ़ा रही हैं.

भारत: युवजन ही लाएंगे बदलाव

भारत एक वैश्विक जलवायु नेतृत्व की ओर अग्रसर है. भारत का लक्ष्य है - 2030 तक अपनी कुल ऊर्जा का 40% नवीकरणीय स्रोतों से उत्पन्न करना. भारत की जलवायु महत्वाकांक्षा को साकार करने के लिये, युवजन भी दृढ़ता से खड़े हैं. भारत में WETHECHANGENOW अभियान के तहत जलवायु कार्रवाई पर एक वीडियो रिपोर्ट...
 

जलवायु परिवर्तन: सहनसक्षम विश्व की ओर

विश्व के जलवायु संकट का मतलब है कि हम ज़्यादा सघन तूफ़ान, समुद्रों का बढ़ता जल स्तर, बढ़ता सूखा, और ज़्यादा इनसानी तकलीफ़ें देख रहे हैं. मगर, एक प्रमुख भारतीय पर्यावरणविद सुनीता नारायण का कहना है कि ज़रूरी नहीं कि हम इसे स्वीकार ही करके बैठ जाएँ. हम जानते हैं कि अपने गाँवों, खेतों, शहरों, रास्तों और घरों को किस तरह सुरक्षित बनाया जाए. हमें इंसाफ़ की ख़ातिर, तत्काल कार्रवाई करनी होगी. जलवायु मुद्दे पर यूएन वीडियो सिरीज़ में अगली कड़ी...

अफ़ग़ानिस्तान में जच्चा-बच्चा की मदद के लिये संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता, नजाबा की कहानी

अफ़ग़ानिस्तान में अगस्त में, तालेबान का नियंत्रण होने के बाद से बिगड़े हालात के कारण, जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य सेवाएँ व्यापक गम्भीर रूप से बाधित हुई हैं और इनमें शिशुओं को जन्म देना भी कठिनाइयों से भर गया है. संयुक्त राष्ट्र की प्रजनन व जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य एजेंसी – UNFPA, वास्तविक व ज़मीनी हालात में जीवनरक्षक सेवाएँ मुहैया कराने में सक्रिय है. एजेंसी के अनुसार, 36 वर्षीय नजाबा ऐसी माताओं में से एक हैं जिन्होंने गर्भावस्था के दौरान गम्भीर ख़तरों के साथ-साथ बढ़ती असुरक्षा के हालात का सामना किया है.