एशिया प्रशांत

भारत: अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को शिक्षा व कामकाज से जोड़ने का प्रयास

भारत में विश्व बैंक की मदद से ‘नई मंज़िल’ नामक एक कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत अल्पसंख्यक समुदाय के ऐसे युवाओं को, कौशल प्रशिक्षण के ज़रिये आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है जो शिक्षा से वंचित रह जाते हैं. ‘नई मंज़िल’ योजना पर विश्व बैंक के शिक्षा विशेषज्ञ, मेघना शर्मा, प्रद्युम्न भट्टाचार्जी और मार्गुराइट क्लार्क का संयुक्त ब्लॉग...

भारत: वायु प्रदूषण के ख़िलाफ़ प्रदेशों की मुहिम

भारत में वायु गुणवत्ता प्रबन्धन एक क्षेत्रीय मुद्दा है. विश्व बैंक, राज्य-व्यापी स्वच्छ वायु कार्य योजना विकसित करने के लिये, शहर स्तर पर योजना बनाने में उत्तर प्रदेश और बिहार प्रदेशों की  मदद कर रहा है, जिसे पूरे राज्य में विस्तार के लिये उपयोग किया जा सकेगा.

अफ़ग़ानिस्तान: संकटग्रस्त देश में, जच्चा-बच्चा के लिये जीवनरक्षक सहायता

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल का मलालाई मातृत्व अस्पताल, देश के व्यस्ततम अस्पतालों में से एक है जो हर दिन, इस दुनिया में क़रीब 85 नवजात शिशुओं का स्वागत करता है. इनमें लगभग 20 बच्चे ऑपरेशन के ज़रिये पैदा होते हैं. मगर देश में मौजूदा संकट, मरीज़ों की देखभाल करने की चिकित्सा स्टाफ़ की क्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है.

एशिया-प्रशान्त में टिकाऊ विकास के लिये नए परिवहन एजेण्डे पर चर्चा

संयुक्त राष्ट्र की अवर महासचिव व एशिया और प्रशान्त के लिये आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (ESCAP) की कार्यकारी सचिव, आर्मिडा सलसियाह अलिसजाहबना का मानना है कि कोविड-19 के दौरान एशिया-प्रशान्त की कमज़ोर सम्पर्क स्थिति उजागर हो गई है. इससे पहले कि हम फिर उसी ढर्रे पर वापस लौटें, परिवहन में बदलाव लाना बेहद ज़रूरी है.

पाकिस्तान: मानवाधिकार कार्यकर्ता इदरीस खटक को सज़ा की निन्दा

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने पाकिस्तान में अग्रणी मानवाधिकार और नागरिक समाज कार्यकर्ता इदरीस खटक को दोषी क़रार दिये जाने और 14 वर्ष के कारावास की सज़ा सुनाए जाने के फ़ैसले की निन्दा की है. मानवाधिकार विशेषज्ञों ने सैन्य अदालत में चलाए गए मुक़दमे की कार्रवाई की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाया है.

अफ़ग़ानिस्तान: मानवीय संकट से बुनियादी अधिकारों पर जोखिम; राहत अभियान में तेज़ी

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने, जिनीवा स्थित मानवाधिकार परिषद को अफ़ग़ानिस्तान में हालात से अवगत कराते हुए कहा है कि बुनियादी अधिकारों व स्वतंत्रताओं के लिये सम्मान सुनिश्चित किया जाना, देश में स्थिरता के नज़रिये से बेहद अहम है. इस बीच, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP), ज़रूरतमन्दों तक सहायता पहुँचाने के लिये अपने राहत अभियान तेज़ कर रहा है.

भारत: 'विषाक्त मर्दानगी मानसिकता को ख़त्म करना ज़रूरी'

भारत में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के प्रतिनिधि और भूटान के लिये डायरेक्टर, श्रीराम हरिदास का मानना है कि महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा को समाप्त करने के कार्यक्रमों में, पुरुषों और लड़कों को शामिल करना बेहद महत्वपूर्ण है.

'जबरन घर छोड़ने के लिये मजबूर', रोहिंज्या समुदाय को ना भुलाने की अपील 

म्याँमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ टॉम एण्ड्रयूज़ ने, बांग्लादेश का अपना पहला आधिकारिक दौरा शुरू करते हुए आगाह किया है कि म्याँमार से अपनी जान बचाकर कर सुरक्षित शरण की तलाश में जाने वाले, रोहिंज्या समुदाय के क़रीब 10 लाख लोगों की व्यथा को कभी नहीं भुलाया जाना होगा. 

पाकिस्तान: ‘जबरन गुमशुदगी के पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने से ना रोका जाए’

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों के एक समूह ने पाकिस्तान से, उस विधेयक में संशोधन की मंज़ूरी को रोकने का आहवान किया है जिसमें जबरन गुमशुदगी के शिकार लोगों के परिवारों, सम्बन्धियों और अन्य स्रोतों का आपराधिकरण करने और उन्हें दण्डित करने का प्रावधान प्रस्तावित है.

म्याँमार: मानवाधिकार हनन के मामले 'अभूतपूर्व स्तर' पर, एकजुट कार्रवाई की मांग

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने एक कड़ा सन्देश जारी करते हुए, म्याँमार में मानवाधिकार हनन के गम्भीर मामलों में चिन्ताजनक बढ़ोत्तरी पर गहरा क्षोभ जताया है. यूएन एजेंसी ने सैन्य नेतृत्व की जवाबदेही तय किये जाने और देश में लोकतंत्र बहाली के लिये दोगुने प्रयास किये जाने की मांग की है