एशिया प्रशांत

भारत: विवादास्पद कृषि क़ानून वापिस लिये जाने का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने, भारत सरकार द्वारा तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों को वापिस लेने के फ़ैसले का स्वागत किया है. ध्यान रहे कि इन क़ानूनों के कारण, लगभग एक वर्ष पहले राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे, जिनके दौरान लगभग 600 लोगों की मौत भी हुई.

नेपाल: संक्रमणकालीन न्याय प्रक्रिया के ज़रिये, जवाबदेही व मुआवज़ा सुनिश्चित किये जाने पर ज़ोर

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने नेपाल में एक दशक लम्बी हिंसा पर विराम लगाने वाले शान्ति समझौते के संकल्पों को वास्तविकता में पूरा किया जाने की आवश्यकता पर बल दिया है. यूएन एजेंसी का मानना है कि संक्रमणकालीन न्याय प्रक्रिया के ज़रिये मानवाधिकार उल्लंघनों के मामलों में जवाबदेही और पीड़ितों के लिये मुआवज़ा तय करने से, स्थाई शान्ति की ज़मीन तैयार करने में मदद मिलेगी. 

इण्टरव्यू: अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट ने छीना बच्चों का बचपन 

70 वर्षों से अधिक समय से, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने अफ़ग़ानिस्तान में अपनी मौजूदगी बनाए रखी है, और अगस्त 2021 में देश की सत्ता पर तालेबान का वर्चस्व होने के बाद उपजे कठिन माहौल में भी, स्थानीय बच्चों की देखभाल सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं. 

चीन: जेल में बन्द पत्रकार की तबीयत बिगड़ी, तत्काल रिहाई की माँग

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने चीन की नागरिक पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता झाँग झान की मानवीय आधार पर जेल से तत्काल रिहाई की माँग की है. बताया गया है कि उन्हें कोविड-19 के दौरान रिपोर्टिंग के लिये गिरफ़्तार किया गया था, और जेल में उनकी हालत तेज़ी से बिगड़ रही है.

अफ़ग़ानिस्तान: सूखा-पीड़ित किसानों व पशुपालकों के समक्ष एक विशाल संकट

संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने चेतावनी जारी की है कि अफ़ग़ानिस्तान में किसानों और पशुपालकों पर विनाशकारी और अकाल जैसी परिस्थितियाँ का संकट मंडरा रहा है और सर्दी के मौसम की शुरुआत के बाद हालात और भी बदतर हो सकते हैं. 

'अफ़ग़ान जनता से मुँह मोड़ने का समय नहीं', सहायता प्रयासों की पुकार

अफ़ग़ानिस्तान में हालात पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की विशेष प्रतिनिधि डेबराह लियोन्स ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान पर तालेबान के वर्चस्व के बाद, स्थानीय आबादी को महसूस हो रहा है कि उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया है, और उन्हें ऐसे हालात का दण्ड मिल रहा है, जिनमें उनका कोई दोष नहीं है. 

शॉम्बी शार्प, भारत में संयुक्त राष्ट्र के नए रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर - RCO

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शॉम्बी शार्प को, भारत में इस विश्व संगठन का नया रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया है. शॉम्बी शार्प, देशीय स्तर पर विकास के लिये, महासचिव के प्रतिनिधि के तौर पर काम करेंगे.

भारत: गंगा नदी में प्लास्टिक प्रदूषण के ख़िलाफ़ यूनेप की मुहिम

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूनेप) ने 2020 में ,एशिया और प्रशान्त क्षेत्र की गंगा और मीकांग नदियों में, प्लास्टिक कचरे के रिसाव की निगरानी और सर्वेक्षण करने के लिये ‘काउण्टरमैज़र परियोजना’ (CounterMEASURE project) शुरू की थी. यह परियोजना जापान से वित्त पोषित है. इसके तहत भारत में, गंगा नदी के किनारे बसे हरिद्वार, आगरा और प्रयागराज (पूर्व इलाहाबाद) शहरों में, प्लास्टिक जमाव और रिसाव वाले मुख्य केन्द्रों की पहचान की जी रही है. पूरी कार्रवाई पर भारत में यूनेप की सम्पादकीय सलाहकार, अनूषा कृष्णन की रिपोर्ट...

यूनेप और भारत के बीच, जलवायु कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिये समझौता

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूनेप) और भारत के बीच, दक्षिण एशिया में जलवायु कार्रवाई के लिये बेहतर सामंजस्य बैठाने और अधिक निकटता से कार्य करने के लिये एक समझौता हुआ है. इसे ‘मेज़बान देश समझौता’ कहा जा रहा है.

बांग्लादेश: किसानों के लाभ के लिये जलवायु निवेश ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र के अन्तरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) ने सरकारों से, छोटे किसानों की ज़रूरतों को जलवायु वित्तपोषण चर्चाओं के केन्द्र में रखने की अपील की है. वर्तमान में केवल 1.7 प्रतिशत जलवायु वित्त ही विकासशील देशों में छोटे किसानों के पास जाता है, जबकि उनपर जलवायु परिवर्तन का असर सबसे ज़्यादा है. बांग्लादेश के छोटे किसानों पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते संकट पर एक वीडियो रिपोर्ट..