एशिया प्रशांत

म्याँमार में तत्काल अन्तरराष्ट्रीय जवाबी कार्रवाई की दरकार - यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने आगाह किया है कि म्याँमार संकट को विनाशकारी हालात में तब्दील ना होने देने के लिये तत्काल अन्तरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता है. यूएन प्रमुख ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भेजी गई एक रिपोर्ट में आशंका जताई है कि सैन्य नेतृत्व की सत्ता पर मज़बूत होती पकड़ से निपटना, समय बीतने के साथ मुश्किल हो जाएगा.   

अफ़ग़ानिस्तान में चरमरा रही हैं सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ, WHO की चेतावनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बुधवार को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रावधान बदहाल होते जा रहे हैं. देश में ख़सरा और दस्त (डायरिया) के मामलों में तेज़ वृद्धि हो रही है और पोलियो भी एक बड़ा जोखिम बनता जा रहा है.  

भारत: संयुक्त राष्ट्र के साथ 17 युवा जलवायु कार्यकर्ता एकजुट

भारत में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने जलवायु परिवर्तन पर स्थानीय नेतृत्व को प्रदर्शित करने के इरादे से ‘We The Change’ (‘हम ही बदलाव हैं’) नामक अपनी जलवायु मुहिम शुरू करने की घोषणा की है. इस अभियान के तहत, संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक जलवायु सम्मेलन (कॉप26) से कुछ हफ्तों पहले,  भारत के 17 युवा जलवायु कार्यकर्ताओं द्वारा विकसित जलवायु समाधानों को रेखांकित किया जाएगा. 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का, 'जनरल डिबेट' को सम्बोधन

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने, संयुक्त राष्ट्र महासभा को सम्बोधित करते हुए, लोकतंत्र के प्रति देश की प्रतिबद्धता फिर से पुष्ट की है और कोविड-19 महामारी की वैक्सीन विकसित करने और निर्माण में महान सफलता की तरफ़ भी ध्यान आकर्षित किया है. उन्होंने साथ ही, प्रतिगामी सोच वाले देशों से सावधान रहने के लिये सतर्क भी किया है.

पाकिस्तान का सुझाव, मौजूदा अफ़ग़ान सरकार को स्थिर बनाने में सभी का हित

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने यूएन महासभा की जनरल डिबेट को सम्बोधित करते हुए, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से, अफ़ग़ानिस्तान में “मौजूदा सरकार को मज़बूत करने” और “देश के लोगों की बेहतरी की ख़ातिर, उसे स्थिर किये जाने का आहवान किया है.”

जलवायु कार्रवाई में कैसे मदद करें

जलवायु परिवर्तन के ख़िलाफ़ लड़ाई में विकलांग लोगों को समान भागीदार बनाने के लिये, सांकेतिक भाषा का एक सुलभ वीडियो. अन्तरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर विशेष...

म्याँमार: मानवाधिकारों की त्रासदीपूर्ण स्थिति, तत्काल कार्रवाई की पुकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने गुरूवार को आगाह करते हुए कहा है कि म्याँमार में मौजूदा गम्भीर हालात को, पूर्ण संघर्ष में बदलने से रोकने के लिये, तत्काल ठोस कार्रवाई किये जाने के ज़रूरत है.

अफ़ग़ानिस्तान में स्वास्थ्य ढाँचा ढह जाने के कगार पर

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुखिया डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में स्वास्थ्य ढाँचा ढहने के कगार पर है, जबकि राजधानी काबुल के रास्तों पर परिवारों को जिस गम्भीर भुखमरी के जिन हालात का सामना करना पड़ रहा है, वो शहरी इलाक़ों और सूखे की मार से पीड़ित देश के ग्रामीण इलाक़ों, सभी में एक जैसे ही गम्भीर हैं.

अफ़ग़ानिस्तान: लड़कियों व महिलाओं की शिक्षा व अधिकार संरक्षण की पुकार

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने मंगलवार को यूएन महासभा के 76वें सत्र के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान ने अगस्त में सत्ता पर क़ब्ज़ा करने के बाद से, मानवाधिकारों का सम्मान करने के लिये कुछ प्रतिबद्धताएँ व्यक्त की हैं, हालाँकि उनकी गतिविधियों में इसके उलट हालात नज़र आते हैं जिनमें उन प्रतिबद्धताओं या वादों का दुखद उल्लंघन दिखाई देता है.

अफ़ग़ानिस्तान: यूनीसेफ़ का ज़ोर, लड़कियों को तालीम से वंचित ना रखा जाए

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने अफ़ग़ानिस्तान से मिली इन ख़बरों का स्वागत किया है कि वहाँ शनिवार से सैकण्डरी स्कूल खोले जा रहे हैं. कोविड-19 के कारण, कई महीनों से ये स्कूल बन्द थे. मगर, यूनीसेफ़ ने ज़ोर देकर ये भी कहा है कि लड़कियों को, स्कूलों से बाहर नहीं रखा जाए, यानि उन्हें भी स्कूलों में जाकर शिक्षा हासिल करने का मौक़ा दिया जाए.