एशिया प्रशांत

अफ़ग़ानिस्तान: यूएन, धन की कमी के बावजूद, मदद के लिये मुस्तैद

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कर्मियों ने फिर दोहराया है कि वो अफ़ग़ानिस्तान में, ज़रूरमन्दों की मदद करने के लिये वहाँ रुकने का पक्का इरादा रखते हैं, जबकि ज़्यादातर पश्चिमी देशों की सरकारों ने, अफ़ग़ानिस्तान में अपनी मौजूदगी पूरी तरह ख़त्म कर दी है.

जीवनरक्षक चिकित्सा सामग्री की खेप पहुँची अफ़ग़ानिस्तान – यूएन स्वास्थ्य एजेंसी

अफ़ग़ानिस्तान पर तालेबान के नियंत्रण के बाद पहली बार, संयुक्त राष्ट्र द्वारा वायु मार्ग से जीवनरक्षक चिकित्सा सामग्री देश में पहुँचाई गई है. यूएन एजेंसी के मुताबिक इस खेप की मदद से फ़िलहाल स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखने में मदद मिलेगी.  

अफ़ग़ानिस्तान: ‘पीड़ित बच्चों को उनके हाल पर नहीं छोड़ा जा सकता’

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने क्षोभ जताया है कि बच्चों को अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा और असुरक्षा की भारी क़ीमत चुकानी पड़ रही है. मौजूदा हालात में उन्हें बेघर होने, स्कूलों व मित्रों से दूर होने के लिये मजबूर कर दिया है, साथ ही वे बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं से भी वंचित हैं.

अफ़ग़ानिस्तान: काबुल एयरपोर्ट पर आतंकी हमले की सुरक्षा परिषद ने की कड़ी निन्दा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के हवाई अड्डे पर, गुरूवार, 26 अगस्त को हुए हमलों की कड़े शब्दों में निन्दा की है. मीडिया ख़बरों के अनुसार इन हमलों में 13 अमेरिकी सैन्यकर्मियों सहित 100 से अधिक लोगों की मौत हुई है.

अफ़ग़ानिस्तान: काबुल हवाई अड्डे के पास आतंकी धमाकों की निन्दा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरूवार को अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में एयरपोर्ट के आसपास के इलाक़े में हुए आतंकी बम हमलों की निन्दा की है. यूएन प्रमुख ने इस हमले में हताहत हुए लोगों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी सम्वेदना व्यक्त की है.

यूएन प्रवासन एजेंसी: अफ़ग़ानिस्तान के लिये दो करोड़ 40 लाख डॉलर की अपील

अफ़ग़ानिस्तान में गहराते मानवीय संकट को ध्यान में रखते हुए, अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने गुरूवार को दो करोड़ 40 लाख डॉलर की तत्काल राहत की अपील जारी की है ताकि पिछले दो महीनों में, देश भर में विस्थापित हुए लाखों लोगों तक ज़रूरी सहायता पहुँचाई जा सके.

रोहिंज्या शरणार्थियों की सुरक्षित व स्वैच्छिक वापसी के लिये कार्रवाई की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने रोहिंज्या शरणार्थियों की सुरक्षित, इच्छानुसार और गरिमामय ढँग से म्याँमार वापसी के लिये अनुकूल परिस्थितियों के निर्माण व तत्काल कार्रवाई का आहवान किया है. 

हिंसा, आर्थिक बदहाली, विस्थापन, महामारी – अफ़ग़ानिस्तान में 'अविश्वसनीय' संकट

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुए आगाह किया है कि अफ़ग़ानिस्तान में हिंसक संघर्ष, सूखे और कोविड-19 महामारी से अविश्वसनीय स्तर पर एक संकट आकार ले रहा है, जो स्थानीय समुदायों को मानवीय विनाश की ओर धकेल रहा है.  

एशिया-प्रशान्त: जटिल संकटों से निपटने के लिये कारगर रणनीति का आहवान

एशिया-प्रशान्त क्षेत्र के लिये संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवँ सामाजिक आयोग (UNESCAP) की एक समिति की बैठक में देशों की सरकारों से बीमारियों, आपदाओं व जलवायु परिवर्तन के तिहरे संकटों से निपटने के लिये प्रयासों में तेज़ी लाने का आहवान किया गया है. 

मानवाधिकार परिषद में अफ़ग़ानिस्तान पर चर्चा - महिला अधिकारों के हनन पर चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार मामलों की प्रमुख मिशेल बाशेलेट ने तालेबान नेताओं से अफ़ग़ानिस्तान में सभी व्यक्तियों के अधिकारों का सम्मान करने की पुकार लगाई है. उन्होंने आगाह किया है कि महिलाओं व लड़कियों के साथ किये जाने वाला बर्ताव एक ऐसी ‘लाल रेखा’ है, जिसे लाँघा नहीं जाना चाहिए.