एशिया प्रशांत

म्याँमार: प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसा की निन्दा, 'बुनियादी अधिकारों का सम्मान हो'

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने म्याँमार में बढ़ती हिंसा की कड़े शब्दों में निन्दा की है और बल प्रयोग पर तत्काल रोक लगाए जाने की माँग की है. म्याँमार में सेना द्वारा सत्ता पर क़ब्ज़ा किये जाने के बाद, विरोध-प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 18 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है.  

म्याँमार: 'लोकतन्त्र दरकिनार', देश के राजदूत ने की तख़्तापलट की निन्दा

म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत क्रिस्टीन श्रेंगेर बुर्गेनेर ने कहा है कि देश में, 1 फ़रवरी को सेना द्वारा सत्ता पर क़ब्ज़ा किये जाने के बाद, व्यापक स्तर पर प्रदर्शन, हिंसा और गिरफ़्तारियों का सिलसिला जारी है, देश की काउंसिलर आँग सान सू ची अब भी हिरासत में हैं, इन सभी हालात को देखते हुए यही कहा जा सकता है कि “लोकतान्त्रिक प्रक्रियाएँ दरकिनार कर दी गई हैं.”  

मलेशिया: प्रवासियों को म्याँमार वापिस भेजे जाने के फ़ैसले की आलोचना

संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने, हिरासत में रखे गए, एक हज़ार से ज़्यादा प्रवासियों को, संकटग्रस्त म्याँमार वापिस भेजे जाने के मलेशियाई सरकार के फ़ैसले की आलोचना की है. मलेशिया की एक अदालत ने न्यायिक समीक्षा होने तक, प्रवासियों को देश वापिस भेजे जाने रोक लगाई थी, लेकिन इसके बावजूद इन प्रवासियों को निर्वासित किया गया है. 

एशिया-प्रशान्त: महामारी से पुनर्बहाली में टिकाऊ ऊर्जा पर ज़ोर

एशिया-प्रशान्त के लिये संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (ESCAP) की ऊर्जा समिति के तीसरे सत्र में, उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों ने ज़ोर देकर कहा है कि एशिया-प्रशान्त क्षेत्र जैसे-जैसे , कोविड-19 महामारी के बाद पुनर्बहाली की ओर बढ़ रहा है,  एक स्थाई, और कम कार्बन उत्सर्जन पर आधारित ऊर्जा की ओर क़दम उठाना अब पहले से भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है.

अफ़ग़ानिस्तान में, शान्ति वार्ता शुरू होने के बाद से, हताहतों की संख्या बढ़ी

संयुक्त राष्ट्र की मंगलवार को जारी एक मानवाधिकार रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में, सितम्बर 2020 में, शान्ति वार्ता शुरू होने के बाद से, देश में हताहत हुए आम लोगों की संख्या में तीव्र बढ़ोत्तरी हुई है. अलबत्ता, पूरे वर्ष 2020 के दौरान, हताहतों की संख्या में, उससे पहले के वर्ष की तुलना में, कुछ कमी दर्ज की गई है.

एशिया प्रशान्त: टिकाऊ ऊर्जा ही कोविड-19 से पुनर्बहाली की कुँजी

एशिया-प्रशान्त के लिये संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (ESCAP) की एक नई रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि कोविड-19 महामारी ख़त्म होने के बाद, पुनर्बहाली में सतत ऊर्जा किस तरह अहम भूमिका निभाएगी. आयोग की कार्यकारी सचिव और संयुक्त राष्ट्र की अवर महासचिव आर्मिदा सालसाहिया अलिसजबाना का ब्लॉग. 

अंडमान समुद्र में मुसीबत में फँसे रोहिंज्या शरणार्थियों की तुरन्त मदद की अपील

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने उन रोहिंज्या शरणार्थियों के समूह की खोजबीन करने का आहवान किया है जो अंडमान समुद्र में, लगभग एक सप्ताह से फँसे हुए हैं यानि वो सुरक्षित ठिकाने की तलाश में भटक रहे हैं.

म्याँमार: यूएन प्रमुख ने प्रदर्शनों पर घातक हिंसा के प्रयोग की निन्दा की

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने म्याँमार में, प्रदर्शनकारियों पर घातक बल प्रयोग किये जाने की निन्दा की है. ध्यान रहे कि म्याँमार में, सेना द्वारा, 1 फ़रवरी 2021 को, सरकार अपने हाथों में लेने के विरोध में, प्रदर्शनों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है.

रंजीतसिंह डिसले  - शिक्षा बाँटने वाले अदभुत अध्यापक

ब्रिटेन के वर्के फ़ाउण्डेशन और संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने हाल ही में, भारत में महाराष्ट्र प्रदेश के एक सरकारी स्कूल में अध्यापक, रंजीतसिंह डिसले  को, ‘वैश्विक शिक्षक पुरस्कार’ (Global Teacher Prize) से सम्मानित किया है. यह सम्मान उन अध्यापकों को दिया जाता है जो शिक्षा प्रदान करने के दायित्व को पूरा करते हुए, सामान्य चलन से आगे बढ़कर कुछ अलग कर दिखाते हैं.

भारत: जम्मू कश्मीर में बदलावों से 'अल्पसंख्यकों के अधिकार कमज़ोर होने का जोखिम'

संयुक्त राष्ट्र के स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने चिन्ता जताई है कि भारत के जम्मू कश्मीर राज्य की स्वायत्तता समाप्त किये जाने और नए क़ानून लागू किये जाने से मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यक समूहों की राजनैतिक भागीदारी का स्तर घटने की आशंका है. मानवाधिकार विशेषज्ञों ने गुरूवार को जारी अपने वक्तव्य में, भारत सरकार से राज्य की जनता के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.