एशिया प्रशांत

संयुक्त राष्ट्र ने बांग्लादेश में शांतिपूर्ण और विश्वसनीय चुनाव की अपील की

बांग्लादेश में रविवार को होने वाले चुनाव से पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने हिंसा, भय और दबाव से दूर एक ऐसा माहौल बनाने का आह्वान किया है जिससे देश में शांतिपूर्ण, विश्वसनीय और समावेशी चुनाव कराए जाने में मदद मिले. 

इंडोनेशिया में सूनामी से तबाही के बाद राहत कार्य तेज़

इंडोनेशिया के जावा और सुमात्रा द्वीपों में सूनामी से आई आपदा के बाद सरकार के नेतृत्व में स्थानीय एजेंसियां राहत अभियान में जुट गईं हैं.  संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता मामलों की एजेंसी (OCHA) ने इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी का हवाला देता हुए कहा है कि अब तक 430 लोगों की मौत हो चुकी है, 1,494 लोग घायल हुए हैं जबकि 159 लोग अब भी लापता हैं. 

पूर्व खमेर रूज नेताओं को दोषी सिद्ध करने के ऐतिहासिक फैसले का स्‍वागत

संयुक्‍त राष्‍ट्र समर्थित अंतर्राष्‍ट्रीय ट्राइब्‍यूनल द्वारा कम्‍बोडिया में खमेरूज के दो पूर्व नेताओं को नरसंहार के आरोपों का दोषी पाए जाने के ऐतिहासिक फ़ैसले का संयुक्‍त राष्‍ट्र नरसंहार निरोधी विशेष सलाहकार ने स्‍वागत किया. 

रोहिंज्या शरणार्थियों को जबरन वापस न भेजने के बांग्‍लादेश के वक्‍तव्‍य का स्‍वागत

संयुक्‍त राष्‍ट्र बाल कोष, यूनिसेफ ने बांग्‍लादेश सरकार की तरफ़ से इस पुष्टि का स्‍वागत किया कि रोहिंग्‍या शरणार्थियों को उनकी इच्‍छा के बिना म्‍यांमार वापस नहीं भेजा जाएगा जहां से उनके अधिकारों का उल्‍लंघन जारी रहने की खबरें आ रही हैं. 

ख़त्म हो रहा है एंटीबॉयोटिक्स दवाओं का असर

अगर इंसानों की आदतों और तथ्यों पर ग़ौर करें तो ये कोई चौंकाने वाली बात नहीं होगी. 21वीं सदी के आधा पूरा होने तक एशिया में ऐसे हालात पैदा हो सकते हैं कि हर साल क़रीब पचास लाख लोगों की मौत एंटीबॉयोटिक्स दवाओं के बेअसर होने की वजह से होने लगेगी.

रोहिंज्या लोगों की वापसी सुरक्षित और उनकी मर्ज़ी से हो

संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी मामलों के लिए शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि म्याँमार से सुरक्षा के लिए भागने को मजबूर होकर बांग्लादेश पहुँचे रोहिंज्या शरणार्थियों की स्वदेश वापसी उनकी इच्छानुसार ही होनी चाहिए. फिलिपो ग्रैंडी ने कहा कि म्याँमार में रोहिंज्या लोगों के मूल निवास स्थानों पर अब भी हालात सुरक्षित नहीं हैं जिससे कि उनकी सम्मानजक और टिकाऊ तरीक़े से वापसी हो सके.

‘हरित अर्थव्यवस्था पर पूरा दम लगाएं’

महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व नेताओं का आहवान करते हुए कहा है कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने के लिए किए जा रहे उपायों और विकास कार्यक्रमों के बीच कोई टकराव नहीं है, बल्कि ये एक दूसरे के लिए अनुकूल हैं.

अरबों लोग अब भी टॉयलेट से वंचित

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतॉनियो गुटेरेश ने कहा है कि दुनिया भर में अब भी क़रीब दो अरब 30 करोड़ लोगों को बुनियादी स्‍वच्‍छता सुविधाएं सुलभ नहीं हैं और स्वच्छता को एजेंडा 2030 के तहत प्राथमिकता बनाया जाना ज़रूरी है.