एशिया प्रशांत

चीन में साफ़ पानी की ख़ातिर...

चीन में, बीजिंग की एक युवती ने एक ऐसा मोबाइल ऐप बनाया है जिससे ग्रामीणों को यह पता चलता है कि उनके स्थानों पर उपलब्ध पानी पीने के लिये सुरक्षित है या नहीं. इसके लिये उन्हें संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण पुरस्कार - 'यंग चैम्पयिन ऑफ़ द अर्थ' से नवाज़ा गया है... (वीडियो)

एशिया-प्रशान्त में भी व्यापार पर कोविड का असर, मगर बाक़ी दुनिया से कम

संयुक्त राष्ट्र के एक विकास संगठन (ESCAP) ने कहा है कि कोविड-19 महामारी और लम्बे समय से चले आ रहे व्यापार तनावों के कारण, वर्ष 2020 के दौरान, वैश्विक व्यापार में आई भारी गिरावट के बावजूद, एशिया और प्रशान्त में, बाक़ी दुनिया की तुलना में, कुछ कम असर हुआ है. 

गन्दे नाले में मगरमच्छों की वापसी का रास्ता कैसे हुआ साफ़!

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने, भारत के गुजरात राज्य में,  ‘प्लास्टिक टाइड टर्नर चैलेंज’ अभियान के तहत एक विश्वविद्यालय की छात्रा ने प्लास्टिक कचरे के बारे में जानकारी हासिल कर, अपने कॉलेज के बीचो-बीच बहती जलधारा से प्लास्टिक का कचरा साफ़ करने की मुहिम चलाई. नतीजा यह हुआ कि बरसों से गन्दे नाले के रूप में पहचान पाने वाली खुकी जलधारा स्वच्छ तो हुई ही, उसमें मगरमच्छ और कछुए भी वापस लौट आए.

भारत में लैंगिक हब बनाने के लिये पहल

संयुक्त राष्ट्र की महिला संस्था, UN Women, और भारत के केरल प्रदेश की सरकार ने, देश के पहले लैंगिक डेटा हब की स्थापना के मक़सद से, सोमवार को एक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं.

जर्मन संसद में यूएन प्रमुख का भाषण, वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिये, वैश्विक समाधानों की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार को जर्मन संसद को सम्बोधित करते हुए आगाह करने के अन्दाज़ में कहा है कि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिये, जिन वैश्विक समाधानों की ज़रूरत है, उसके लिये अन्तरारष्ट्रीय सहयोग की बहुत कमी है.

यूएनडीपी की मानव विकास सूचकाँक रिपोर्ट, नॉर्वे इस वर्ष भी सबसे ऊपर

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने अपनी सालाना मानव विकास सूचकांक (Human Development Index) रिपोर्ट जारी की है. पिछले साल की तरह इस बार भी इस सूची में नॉर्वे सबसे ऊपर रहा और उसके बाद आयरलैंड, स्विट्जरलैंड, हांगकांग और आइसलैंड को जगह मिली. 

विद्युत मोहन: यंग चैम्पियन ऑफ़ द अर्थ-2020

भारत के युवा इंजीनियर विद्युत मोहन को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ((UNEP) का - यंग चैम्पियन ऑफ़ द अर्थ 2020 चुना गया है. विद्युत मोहन ने एक ऐसी तकनीक ईजाद की है जिसके ज़रिये, खेतीबाड़ी के कूड़े-करकट को पर्यावरण अनुकूल ईंधन में तब्दील किया जा सकता है, जिससे ना केवल प्रदूषण को रोकने में मदद मिलती है, बल्कि उससे आमदनी भी होती है. देखिये, इस वीडियो में...

चीन में मानवाधिकार पैरोकारों और वकीलों के ख़िलाफ़ कार्रवाई पर क्षोभ  

संयुक्त राष्ट्र के एक मानवाधिकार विशेषज्ञ ने चीन में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और वकीलों के साथ स्तब्धकारी बर्ताव पर चिन्ता जताई है. मानवाधिकारों की रक्षा के लिये सक्रिय कार्यकर्ताओं की स्थिति पर यूएन की विशेष रैपोर्टेयर मैरी लॉलोर ने कहा है कि पिछले पाँच सालों से, राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर मानवाधिकार पैरोकारों पर मुक़दमे दायर किये जाना, उन्हें हिरासत में लिया जाना, उनका ग़ायब होना व उत्पीड़न किया जाना जारी है.  

सिद्धार्थ चैटर्जी, चीन में नए यूएन आरसीओ

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भारतीय मूल के सिद्धार्थ चैटर्जी को चीन में संयुक्त राष्ट्र का रैज़िडेंट कोऑर्डिनटर – देश प्रतिनिधि नियुक्त किया है. ये नियुक्ति मेज़बान देश की सरकार की रज़ामन्दी से की जाती है.

युवा पृथ्वी चैम्पियन: स्वच्छ ऊर्जा की चाह पूर्ति के वाहक, विद्युत मोहन

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने, भारत के एक युवा इंजीनियर विद्युत मोहन को, एक ऐसी अदभुत तकनीक ईजाद करने के लिये पुरस्कृत किया है, जिससे ना केवल ऊर्जा पैदा होती है, बल्कि हवा को भी साफ़-सुथरा रखने में मदद मिलती है और अन्ततः जलवायु परिवर्तन में भी कमी होती है.