अफ्रीका

मेरे तीन दोस्तों को 'मेरी आंखों के सामने मार दिया गया'

आतंकवाद के पीड़ितों के स्मरण एवं उन्हें श्रृद्धांजलि का अंतरराष्ट्रीय दिवस हर वर्ष 21 अगस्त को मनाया जाता है. यूएन समाचार की टीम ने 2019 के शुरू में पश्चिम अफ़्रीका के देशों - चाड और कैमरून के सुदूर पूर्वी क्षेत्र का दौरा किया और उन लोगों से बात की जिनके जीवन आतंकवाद ने तबाह कर दिए हैं.

लीबिया में ईद के मौक़े पर युद्धविराम से हिंसा में कमी

संयुक्त राष्ट्र ने लीबिया में ईद-अल-अज़हा से ठीक पहले मानवीय आधार पर लड़ाई रोके जाने की अपील की थी जिसके बाद त्रिपोली और आस-पास के इलाक़ों में हिंसा में कमी आने की ख़बरें मिली हैं. लीबिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन ने एक बयान जारी कर इसका स्वागत करते हुए कहा है कि उल्लंघन के छुटपुट मामले सामने आने के बावजूद अब युद्धविराम को स्थाई रूप से लागू करने की आवश्यकता है.

बेनग़ाज़ी में कार बम हमले में तीन यूएन कर्मचारियों की मौत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने लीबिया के बेनग़ाज़ी शहर में एक शॉपिंग मॉल के बाहर हुए कार बम हमले की निंदा की है. इस हमले में तीन संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं जिनमें तीन यूएन कर्मचारी भी हैं. सुरक्षा परिषद ने कड़े शब्दों में इस घातक हमले की निंदा करते हुए कहा है कि इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता. 

ज़िम्बाब्वे में खाद्य संकट के हालात, मानवीय सहायता की नई अपील

पश्चिम अफ्रीकी देश ज़िम्बाब्वे में सूखा, बाढ़ और आर्थिक जड़ता की वजह से परिस्थितियाँ बहुत ख़राब हो गई हैं. देश में भुखमरी के हालात के मद्देनज़र संयुक्त राष्ट्र खाद्य सहायता एजेंसी ने मानवीय सहायता की नई अपील जारी की है ताकि इन प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियों से प्रभावित लोगों को भोजन सामग्री मुहैया कराई जा सके. 

इबोला संक्रमण के लगातार फैलने से सुरक्षा परिषद चिंतित

कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला बीमारी के नए मामले लगातार सामने आने पर शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गहरी चिंता ज़ाहिर की है. सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों ने व्यापक रूप से बीमारी से निपटने के लिए समन्वित और तत्काल प्रयासों पर ज़ोर देते हुए कहा है कि अगर इस पर क़ाबू नहीं पाया गया तो पड़ोसी देशों में संक्रमण फैलने के गंभीर मानवीय नतीजे होंगे जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर भी प्रभाव पड़ेगा.

एक मरीज़ की मौत के बाद इबोला पर क़ाबू पाने के प्रयास तेज़

काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में मंगलवार को गोमा शहर में इबोला संक्रमण का एक नया मामला सामने आया और पीड़ित मरीज़ की मौत हो गई है. 10 लाख से ज़्यादा की आबादी वाले गोमा शहर में इबोला का यह दूसरा मामला था जिससे घनी आबादी वाले इलाक़ों में बीमारी फैलने का जोखिम बना हुआ है. संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने इबोला संक्रमण को सीमित दायरे में रखने और उससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मज़बूत वैश्विक प्रयासों और निवेश की आवश्यकता को ज़रूरी बताया है.

'परोक्ष युद्ध' का दंश झेल रहा है लीबिया

लीबिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNSMIL) के प्रमुख ग़ासन सलामे ने कहा है कि देश में लड़ाई रुकने के आसार नहीं दिख रहे हैं और मानवीय हालात बदतर होते जा रहे हैं. सोमवार को सुरक्षा परिषद को जानकारी देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्थिरता और विदेशी हथियारों के पहुंचने से इस उत्तर अफ़्रीकी देश में ‘परोक्ष युद्ध’ को भी हवा मिल रही है.

नाइजीरिया में 'भयावह जनसंहार' की निंदा

नाइजीरिया के पूर्वोत्तर हिस्से में संदिग्ध बोको हराम आतंकवादियों ने 65 से ज़्यादा लोगों की हत्या कर दी है. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के प्रमुख फ़िलिपो ग्रान्डी ने इस घटना को भयावह क़रार देते हुए हमले की निंदा की है.

लाइबेरिया: संघर्ष से शांतिरक्षा तक

कुछ वर्षों पहले तक लाइबेरिया ख़ुद संघर्ष से जूझ रहा था और संयुक्त राष्ट्र के शांति रक्षक वहाँ अमन क़ायम करने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन अब लाइबेरिया उस बुरे दौर से निकलकर शांति रक्षा अभियानों में योगदान करने के पड़ाव पर पहुँच गया है. लाइबेरिया ने माली में शांति रक्षक मुहैया कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ एक समझौता किया है. इस समझौते में अवर महासचिव अतुल खरे की ख़ास भूमिका रही है. उनके साथ संयुक्त राष्ट्र समाचार की विशेष बातचीत. रिपोर्टर - महबूब ख़ान.

नाव डूबने से 150 प्रवासियों के डूबने की आशंका

भूमध्य सागर में एक नाव डूबने से कम से कम 150 लोगों की मौत हो जाने की आशंका जताई गई है. इनमें ज़्यादातर वो लोग थे जो शांति, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की तलाश में भूमध्य सागर के रास्ते जोखिम भरी यात्रा पर निकले थे. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने इस भयावह घटना पर गहरा शोक प्रकट किया है. इसे वर्ष 2019 में भूमध्य सागर में सबसे बड़ी त्रासदी के रूप में देखा जा रहा है.