अफ्रीका

तूफ़ान प्रभावित इलाक़ों में राहत अभियानों में जुटी यूएन एजेंसियां

चक्रवाती तूफ़ान 'इडाई' से तीन अफ़्रीकी देशों में हुई तबाही के बाद, संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसियां और साझेदार संगठनों ने व्यापक पैमाने पर राहत कार्यों को शुरू किया है. मोज़ाम्बिक, मलावी और ज़िम्बाब्वे के प्रभावित इलाक़ों में फंसे लाखों लोगों की भोजन, शरण और स्वास्थ्य संबंधी ज़रूरतों को पूरा किया जा रहा है. 

'हर घंटे बढ़ रहा है' तूफ़ान से तबाही का दायरा

चक्रवाती तूफ़ान 'इडाई' के गुज़रने के बाद तीन अफ़्रीकी देशों में उससे हुई तबाही का दायरा स्पष्ट होता जा रहा है. सिर्फ़ मोज़ाम्बिक में ही एक हज़ार लोगों की इस आपदा में मौत होने की आशंका ज़ाहिर की गई है. संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों का कहना है कि आपदा की व्यापकता हर घंटे बढ़ती जा रही है.

 

हिंसा की रोकथाम के लिए 'हरसंभव प्रयास' करेंगे

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष  प्रतिनिधि लैला ज़ेरूगी ने कहा है कि पिछले साल दिसंबर में राष्ट्रपति चुनावों के शांतिपूर्ण ढंग से निपट जाने के बावजूद देश के पूर्वी हिस्से में हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं. इन इलाक़ों में हथियारबंद गुटों की गतिविधियां बरक़रार हैं. 

तूफ़ान प्रभावित अफ़्रीकी देशों में राहत कार्य तेज़

मोज़ाम्बिक, मलावी और ज़िम्बाब्वे में क़हर बरपाने वाले चक्रवाती तूफ़ान 'इडाई' के बाद संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने प्रभावितों तक राहत पहुंचाने का कार्य तेज़ कर दिया है. तीन अफ़्रीकी देशों में जान-माल की भारी हानि हुई है और मलावी में ही अब तक 150 लोगों की मौत हो चुकी है. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने तूफ़ान से हुई तबाही पर शोक जताया है.

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य: हिंसा की नई लहर उठने की आशंका

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा है कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के पश्चिमी हिस्से में हिंसा की नई लहर कभी भी उठ सकती है. साथ ही सरकार से अनुरोध किया गया है कि हिंसा प्रभावित क्षेत्र में दो समुदायों के बीच तनाव और द्वेष को कम करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए.

गिनी-बिसाऊ में लोकतंत्र के नए ‘अध्याय का उदय’

पश्चिम अफ़्रीकी देश गिनी-बिसाऊ के लिए नियुक्त संयुक्त राष्ट्र के विशेष उपप्रतिनिधि ने नेशनल असेंबली चुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्वक ढंग से निपट जाने के लिए नेताओं, मतदाताओं और अधिकारियों को बधाई दी है. 
 

मानवाधिकार उच्चायुक्त ने बुरुंडी में कार्यालय बंद होने पर अफ़सोस जताया

मंगलवार को जारी एक वक्तव्य में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशलेट ने बुरुंडी में यूएन मानवाधिकार कार्यालय के बंद होने पर अफ़सोस ज़ाहिर किया है. बुरुंडी की सरकार के निर्णय के चलते दो दशकों पहले शुरू हुए इस कार्यालय को बंद करना पड़ा है. 

यूएन और अफ़्रीकी संघ की साझेदारी शांति प्रयासों की 'आधारशिला'

संयुक्त राष्ट्र और अफ़्रीकी संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी अफ़्रीका में शांति और सुरक्षा के लिए हो रही प्रयासों की आधारशिला बन गई है.  राजनीतिक मामलों के लिए यूएन की सहायक महासचिव रोज़मैरी डिकार्लो ने सुरक्षा परिषद में चर्चा के दौरान कहा कि अफ़्रीकी महाद्वीप पर बंदूकों को शांत करने की दिशा में प्रयास परिणाम दिखाने लगे हैं.   

'युद्धापराध' माना जा सकता है दक्षिण सूडान में मानवाधिकारों का हनन

दक्षिण सूडान में जारी मानवाधिकार हनन के मामलों के चलते हज़ारों लोग घर छोड़ने के लिए मजबूर हुए हैं. इससे चिंतित मानवाधिकार आयोग ने स्थानीय प्रशासन और अन्य पक्षों से पांच महीने पहले शांति समझौते पर नए सिरे से हुई सहमति का सम्मान करने और उसे लागू करने का आग्रह किया है. 

'ईबोला से एक कदम आगे रहने की ज़रूरत'

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की प्रमुख हेनरिएटा फ़ोर ने सचेत किया है कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के पूर्वी हिस्से में अगर ज़रूरी निवेश नही किया गया और वहां असुरक्षा कायम रही तो ईबोला संक्रमण तेज़ी से फैलने का ख़तरा बढ़ जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसे रास्ते ढूंढे जाने चाहिए ताकि ईबोला वायरस से लड़ाई में हमेशा  आगे रहा जा सके.