अफ्रीका

दक्षिण सूडान: लोगों को जबरन भुखमरी में धकेलना 'हो सकता है युद्धापराध'

दक्षिण सूडान के विभिन्न इलाक़ों में जातीय और राजनैतिक कारणों से लोगों को जानबूझकर भुखमरी का शिकार बनाने और महिलाओं व पुरुषों के ख़िलाफ़ यौन हिंसा के मामले सामने आए हैं. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा गठित एक आयोग ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा है कि ऐसे मामले युद्धापराध के दायरे में परिभाषित हो सकते हैं, लेकिन गंभीर हालात के बीच दक्षिण सूडान में राजनैतिक कुलीन वर्ग आम लोगों की पीड़ाओं से बेपरवाह है.

टिड्डियों के झुंड से फ़सलों को भारी नुक़सान, खाद्य सुरक्षा को ख़तरा

पूर्वी अफ़्रीका के देशों में लाखों-करोड़ों टिड्डियों के झुंड ने फ़सलों को भारी नुक़सान पहुंचाया है जिससे क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा को ख़तरा पैदा हो गया है. संयुक्त राष्ट्र ने सोमवार को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा कि टिड्डियों के क़हर से निपटने के लिए असरदार कार्रवाई करने का समय निकला जा रहा है और समय पर असरदार कार्रवाई नहीं की गई तो एक बड़ा मानवीय संकट पैदा हो सकता है.

अफ़्रीका के समक्ष तीन बड़ी चुनौतियां, व्यापक व समन्वित प्रयासों की पुकार

मौजूदा दौर में अफ़्रीकी देश जटिल और बहुआयामी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं जिनसे निपटने के लिए वैश्विक समुदाय द्वारा सामूहिक, व्यापक और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने रविवार को अफ़्रीकी संघ शिखर वार्ता को संबोधित करते हुए ग़रीबी, जलवायु संकट व हिंसा से लड़ाई में यूएन और अफ़्रीकी संघ की साझेदारी को अहम बताया है. 

हिंसक चरमपंथ के विरुद्ध लड़ाई में अफ़्रीकी देशों को मदद की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफ़्रीका में सुरक्षा परिषद समर्थित आतंकवाद-विरोधी अभियानों की अहमियत को समझने की पुकार लगाई है. यूएन प्रमुख ने कहा है कि अफ़्रीकी महाद्वीप पर आतंकवाद और हिंसक चरमपंथ के बढ़ते ख़तरे से निपटने के लिए इस लड़ाई में पर्याप्त फ़ंडिंग और समर्थन की आवश्यकता है. 

महिला ख़तना के कारण हर साल अरबों डॉलर का नुक़सान

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि महिला जननांग विकृति यानी महिला ख़तना ना केवल महिलाओं के स्वास्थ्य और अच्छे रहन-सहन के लिए गंभीर ख़तरे पैदा करता है बल्कि इसके कारण विशाल आर्थिक नुक़सान भी होता है. इस दर्द भरी प्रथा के स्याह पक्षों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसे रोकने के लिए हर वर्ष 6 फ़रवरी को अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है.

हथियारों की बेरोक-टोक आपूर्ति और उपलब्धता से होती हैं लाखों मौतें

संयुक्त राष्ट्र की निरस्त्रीकरण प्रमुख इज़ूमी नाकामीत्सू ने कहा है कि दुनिया भर में साल 2010 से 2015 के बीच हिंसक कारणों से जितनी मौतें हुईं उनमें से लगतभग 50 फ़ीसदी मौतों के लिए छोटे हथियारों का इस्तेमाल हुआ. नाकामीत्सू ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को बताया कि दुनिया भर में हर साल दो लाख से भी ज़्यादा लोगों की मौत हिंसक कारणों से हो जाती है.

मध्य अफ्रीकी गणराज्य पर लगा शस्त्र प्रतिबंध जुलाई तक बढ़ा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को मध्य अफ्रीकी गणराज्य के विरुद्ध शस्त्र प्रतिबंधों की अवधि बढ़ा दी है, साथ ही इस देश के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को लागू करने में मदद करने वाले विशेषज्ञ पैनल का कार्यकाल भी बढ़ा दिया गया है.

यमन: युद्ध में तेज़ी को रोकना होगा, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए

यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद के एक आपात सत्र में कहा कि देश में सरकार समर्थक सेनाओं और विद्रोहियों समर्थित लड़ाकों के बीच हिंसा में हाल के समय में आई तेज़ी को रोकना होगा, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए. दोनों पक्षों के बीच बीते कुछ सप्ताहों के दौरान कुछ शांति बनी हुई थी.

लीबिया: जनता की भलाई व स्थिरता की ख़ातिर, राजनैतिक हल ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि लीबिया में अनेक वर्षों से जारी संघर्ष के कारण मानवीय स्थिति ख़तरनाक हो गई है, लाखों आम लोगों को भारी तकलीफ़ों का सामना करना पड़ रहा है और वहाँ संघर्ष और भीषण होने के साथ-साथ तबाही भी बढ़ती जा रही है. 

हेती: भूकंप के प्रभावितों की याद, भविष्य संवारने में मदद का वादा भी

हेती में जनवरी 2010 में आए विनाशकारी भूकंप में लगभग दो लाख 20 लोगों की मौत हो गई थी और तीन लाख से ज़्यादा घायल हुए थे. मृतकों में संयुक्त राष्ट्र के 102 कर्मचारी भी थे.  केवल 35 सेकंड तक चले 7.0 की तीव्रता वाले उस भूकंप के बाद लगभग 15 लाख लोग बेघर भी हो गए थे. भूकंप के दस वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रभावितों को यूएन मुख्यालय में शुक्रवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सम्मान के साथ याद किया गया.