अफ्रीका

बाधाओं से परे: फ़ातिमा ख़ामिस का शान्ति मिशन

सूडानी मूल की फ़ातिमा ख़ामिस  मध्य अफ्रीकी गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र के मिशन में असाधारण योगदान कर रही हैं. कड़ी परम्पराओं वाले समाज में शिक्षा के लिये रास्ता बनाना और एक इजीनियर के रूप में काम करना फ़ातिमा ख़ामिस के लिये आसान नहीं रहा है, मगर उन्होंने बहुत सी बाधाएँ पार की हैं. उनकी कहानी, उन्हीं की ज़ुबानी - शान्ति ही मेरा मिशन है - वीडियो श्रंखला में...

नेलसन मण्डेला पुरस्कार 2020

मानवीय भलाई के कार्यों के लिये दिया जाने वाला दूसरा नेलसन मण्डेला पुरस्कार दो समाज सेवियों - मारियाना वी वार्दिनॉयानिस (ग्रीस) और डॉक्टर मॉरीसैण्डा कोयाते (गिनी) को दिया गया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने नेलसन मण्डेला पुरस्कार का प्रस्ताव 2014 में पारित किया था और पहला पुरस्कार 2015 में नामीबिया की डॉक्टर हेलेना न्ड्यूमे और पुर्तगाल के होर्गे फ़र्नाण्डो सैम्पाइयो को दिया गया था. ये पुरस्कार हर पाँच वर्ष में एक महिला और एक पुरुष को दिया जाता है... वीडियो....

'रवांडा जनसंहार से सबक़ सीखें'

रवांडा में 1994 में तुत्सियों के ख़िलाफ़ हुए जनसंहार में केवल 100 दिनों के भीतर दस लाख से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी गई थी. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 7 अप्रैल को इस जनसंहार की वर्षगाँठ पर अपने संदेश में इस दुखद अध्याय से सबक़ लेने और राष्ट्रवाद व ध्रुवीकरण की ताक़तों को नकार देने की पुकार लगाई है...

हेती भूकंप विनाश के दस वर्ष: यूएन मदद जारी रखने का संकल्प

12 जनवरी 2010 को हेती में सिर्फ़ 35 सेकंड का एक भूकंप आया मगर उसकी तीव्रता 7.0 थी जिसने राजधानी पोर्ट ओ प्रिंस को दहलाकर रख दिया. उस महाविनाशकारी भूकंप में लगभग 2 लाख 20 लोगों की मौत हुई और तीन लाख से ज़्यादा घायल हुए. लगभग 15 लोगों के घर छिन गए. महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने उस भूकंप के दस वर्ष पूरे होने पर जारी अपने संदेश में कहा है कि संयुक्त राष्ट्र हेती और वहाँ के लोगों के बेहत भविष्य निर्माण में मदद करना जारी रखेगा. (यूएन महासचिव का वीडियो संदेश...)

हेती: विनाशकारी भूकंप के दस वर्ष, यूएन मदद जारी रखने का वादा

12 जनवरी 2010 को हेती में 7.0 की तीव्रता वाला भूकंप आया जिसने राजधानी पोर्ट ओ प्रिंस को दहलाकर रख दिया. हेती सरकार के आँकड़ों के अनुसार उस भूकंप में लगभग दो लाख 20 हज़ार लोगों की जान चली गई थी. इनमें संयुक्त राष्ट्र के 102 कर्मचारी भी थे. हेती में संयुक्त राष्ट्र मिशन के मुख्यालय वाली इमारत भी ढह जाने से इन कर्मचारियों की मौत हुई.