अफ्रीका

ब्राज़ील और भारत की महिला शान्तिरक्षकों को साझा रूप से पुरस्कार

लैंगिक समानता पर उत्कृष्ट कार्य के लिए भारतीय और ब्राज़ीलियाई महिला शान्तिरक्षकों को वर्ष 2019 के लिए संयुक्त रूप से 'यूएन मिलिट्री जैन्डर एडवोकेट ऑफ़ द ईयर' अवॉर्ड से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है. ब्राज़ील की नौसैनिक अधिकारी कमान्डर कार्ला मोन्तिएरो डे कास्त्रो अराउजो मध्य अफ़्रीका गणराज्य में यूएन मिशन (MINUSCA) में कार्यरत हैं और भारतीय सेना में मेजर सुमन गवानी दक्षिण सूडान के यूएन मिशन (UNMISS) में सैन्य पर्यवेक्षक के तौर पर ज़िम्मेदारी संभाल चुकी हैं.

कोविड-19: 'अफ्रीकी प्रगति को बचाने के लिए एकजुटता की दरकार'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 वैश्विक महामारी ने अफ्रीकी महाद्वीप में अभी तक हासिल की गई प्रगति के खो जाने का जोखिम पैदा कर दिया है. उन्होंने बुधवार को तमाम दुनिया से अफ्रीकी लोगों के साथ मज़बूती से खड़े होने का आग्रह किया है – अभी और महामारी से बेहतर तरीक़े से उबरने के प्रयासों के दौरान.

सूडान में महिला ख़तना पर प्रतिबंध, मगर रास्ता बहुत कठिन है... (ब्लॉग)

जहाँ पूरी दुनिया कोरोनावायरस महामारी के दौरान एक अदृश्य दुश्मन से जंग लड़ने में में लगी हुई है, वहीं सूडान ने महिला जननांग विकृति पर रोक लगाने के उपायों के तहत इस प्रथा को अपराध क़रार दे दिया गया  है. यह ऐतिहासिक उपाय 1 मई को विश्व मज़दूर दिवस के मौक़े पर लागू हो गया है. लेकिन  इन उपायों के तहत महिलाओं को इस दर्दनाक प्रथा से मुक्ति दिलाना कितना मुश्किल व आसान होगा?  इस विषय पर केनया में संयुक्त राष्ट्र के रैज़िडेंट कोऑर्डिनेटर, सिद्धार्थ चैटर्जी का ब्लॉग...

कोविड-19: भारी क़र्ज़ों वाले देशों पर अत्यधिक दबाव, बाज़ारों में ठहराव

अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्रियों और वित्तीय विशेषज्ञों ने आगाह करते हुए कहा है कि जो देश अत्यधिक सार्वजनिक क़र्ज़ के दबाव तले दबे हैं उन पर कोविड-19 महामारी के माहौल में बहुत गहरी आर्थिक प्रभाव होने की आशंका है. इन देशों की मदद के लिए एकजुटता के सिद्धांत पर आधारित पुनर्गठन योजनाओं का आहवान किया गया है.

माली स्थिति पर सुरक्षा परिषद की वर्चुअल मीटिंग

वैश्विक महामारी कोविड-19 ने जैसे-जैसे पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया, ऐसे में माली में संयक्त राष्ट्र शांतिरक्षा मिशन के अध्यक्ष ने सुरक्षा परिषद को बताया है कि मिशन अपना शासनादेश पूरा करने के साथ-साथ देश में महामारी का फैलाव रोकने के लिए भी यथासंभव प्रयास कर रहा है.

'रवांडा जनसंहार से सबक़ सीखें'

रवांडा में 1994 में तुत्सियों के ख़िलाफ़ हुए जनसंहार में केवल 100 दिनों के भीतर दस लाख से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी गई थी. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 7 अप्रैल को इस जनसंहार की वर्षगाँठ पर अपने संदेश में इस दुखद अध्याय से सबक़ लेने और राष्ट्रवाद व ध्रुवीकरण की ताक़तों को नकार देने की पुकार लगाई है...

'महिलाओं के बिना कोई टिकाऊ विकास व शांति नहीं'

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा है कि अगर दुनिया भर में आधी आबादी (महिलाओं) को अगर पीछे छोड़ दिया जाता है तो विश्व टिकाऊ विकास लक्ष्य हासिल करने के योग्य नहीं बन पाएगा. उप महासचिव ने रविवार, 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौक़े पर पपुआ न्यू गिनी में ये बात कही.

दक्षिण सूडान: राष्ट्रीय एकता सरकार के गठन का स्वागत    

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दक्षिण सूडान में राष्ट्रीय एकता वाली अंतरिम सरकार के गठन का स्वागत किया है. दक्षिण सूडान में शांति समझौते के तहत विपक्षी नेता रिएक मचार सहित चार नेताओं ने उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली है. यूएन प्रमुख ने दक्षिण सूडान में संघर्ष के निपटारे के लिए नए सिरे से समझौते पर सहमति बनाने के लिए दोनों पक्षों की प्रशंसा की है. 
 

दक्षिण सूडान: लोगों को जबरन भुखमरी में धकेलना 'हो सकता है युद्धापराध'

दक्षिण सूडान के विभिन्न इलाक़ों में जातीय और राजनैतिक कारणों से लोगों को जानबूझकर भुखमरी का शिकार बनाने और महिलाओं व पुरुषों के ख़िलाफ़ यौन हिंसा के मामले सामने आए हैं. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा गठित एक आयोग ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा है कि ऐसे मामले युद्धापराध के दायरे में परिभाषित हो सकते हैं, लेकिन गंभीर हालात के बीच दक्षिण सूडान में राजनैतिक कुलीन वर्ग आम लोगों की पीड़ाओं से बेपरवाह है.

टिड्डियों के झुंड से फ़सलों को भारी नुक़सान, खाद्य सुरक्षा को ख़तरा

पूर्वी अफ़्रीका के देशों में लाखों-करोड़ों टिड्डियों के झुंड ने फ़सलों को भारी नुक़सान पहुंचाया है जिससे क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा को ख़तरा पैदा हो गया है. संयुक्त राष्ट्र ने सोमवार को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा कि टिड्डियों के क़हर से निपटने के लिए असरदार कार्रवाई करने का समय निकला जा रहा है और समय पर असरदार कार्रवाई नहीं की गई तो एक बड़ा मानवीय संकट पैदा हो सकता है.