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कोविड-19: ज़रूरतमन्दों तक मानवीय सहायता पहुंचाने की ज़िम्मेदारी

कोविड-19 महामारी की विकराल चुनौती से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर व्यापक स्तर पर तेज़ कार्रवाई जारी है. इसके साथ ही यूएन की मानवीय राहत एजेंसियों ने युद्ध प्रभावित क्षेत्रों और आपात हालात में रहने को मजबूर 10 करोड़ से ज़्यादा लोगों तक मदद पहुंचाने का काम भी जारी रखा है. इन प्रयासों के तहत साढ़े आठ करोड़ से ज़्यादा लोगों को भोजन सहित जीवनरक्षक सहायता मुहैया कराई जा रही है. 

कोविड-19: भ्रान्तियाँ, अफ़वाहें व तथ्य

कोविड-19 महामारी ने दुनिया को हिलाकर रख दिया है. इस बीमारी के वायरस के बारे में सटीक जानकारी व इलाज के अभाव में लोग अक्सर भ्रमित हैं और भ्रान्तियों व अफ़वाहों का भी शिकार हो रहे हैं. इस वीडियो में कुछ भ्रान्तियों व ग़लतफ़हमियों को दूर करने की कोशिश...

कोविड-19 की आपदा में सटीक जानकारी व सूचना का निर्बाध प्रवाह अहम

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कोविड-19 महामारी से रोज़मर्रा के जीवन में आए अभूतपूर्व व्यवधानों के बीच सचेत किया है कि इस कठिन समय में सूचना का बेरोकटोक प्रवाह सुनिश्चित किया जाना ज़रूरी है. उन्होंने कहा है कि झूठी सूचनाओं के फैलने से अव्यवस्था फैल सकती है और स्वास्थ्य को क्षति पहुंच सकती है इसलिए तथ्यपरक जानकारी की सुलभता, लोगों की निजता व पत्रकारों की आज़ादी का ख़याल रखा जाना अहम है. 

कोविड-19 से निपटने में फ़लस्तीनियों के साथ भेदभाव स्वीकार्य नहीं

संयुक्त राष्ट्र के एक मानवाधिकार विशेषज्ञ ने इसराइल, फ़लस्तीनी प्राधिकरण और हमास से आग्रह किया है कि उन्हें ग़ाज़ा, पश्चिमी तट और पूर्वी येरूशेलम में सभी फ़लस्तीनी लोगों को भी कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के लिए उनके स्वास्थ्य का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए अपनी अंतरराष्ट्रीय क़ानूनी ज़िम्मेदारियाँ भली-भाँति तरीक़े से निभाएँ.

कोविड-19: 'एकजुटता, उम्मीद व समन्वित कार्रवाई की दरकार'

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से लोगों में डर और अनिश्चितता गहरा रही है इसलिए इस संकट पर पार पाने के लिए आपसी एकजुटता, आशा और राजनैतिक इच्छाशक्ति की पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरत है. महासचिव गुटेरेश ने गुरुवार को एक ऑनलाइन प्रेस वार्ता में ये बातें कहीं. 

कोविड-19: प्रवासियों व शरणार्थियों के साथ गरिमामय बर्ताव ज़रूरी

अंतरराष्ट्रीय प्रवासन एजेंसी (आईओएम) ने कहा है कि महामारी कोविड-19 से उपजे संकट के दौर में भी यह हमेशा ध्यान रखना होगा कि प्रवासियों व शरणार्थियों के साथ गरिमा व सम्मान के साथ बर्ताव हो. यूएन एजेंसी के प्रवक्ता जोएल मिलमैन ने यूएन न्यूज़ को बताया कि इस महामारी के कारण व्यापक स्तर पर तालाबंदी होने से प्रवासियों, विशेषकर खाद्य उद्योग में कार्यरत लोगों, पर भी असर पड़ रहा है.

कोविड-19: वैक्सीन का प्रायोगिक परीक्षण शुरू, एकजुटता की पुकार

संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने कहा है कि चीन द्वारा कोविड-19 के जैनेटिक चरित्र के बारे में जानकारी साझा करने के 60 दिनों के भीतर इस वायरस के इलाज की वैक्सीन का प्रायोगिक परीक्षण (ट्रायल) शुरू हो गया है. संगठन के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने बुधवार को इसे “एक असाधारण उपलब्धि” क़रार देते हुए विश्व भर से उसी तरह की एकजुटता की भावना दिखाने का आग्रह किया जो ईबोला पर क़ाबू पाने में नज़र आई थी.

'मज़बूत नेतृत्व व ठोस नीतियों' से करोड़ों का रोज़गार बचाना संभव

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कोविड-19 के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराते संकट के बादलों के बीच रोज़गार बचाए रखने के लिए अनेक उपाय सुझाए हैं. यूएन एजेंसी ने कहा है कि अगर सरकारों ने जल्द क़दम उठाए तो कार्यस्थलों पर कर्मचारियों का ख़याल रखने, अर्थव्यवस्था को स्फूर्ति प्रदान करने और लाखों-करोड़ों लोगों का रोज़गार बचाना संभव हो सकेगा. 

कोविड-19: बाल मन में पनपी बेचैनियों को शांत करने के उपाय

दुनिया के 150 से ज़्यादा देशों में कोविड-19 के मामलों की पुष्टि होने से लोगों में भय, बेचैनी और अनिश्चितता का माहौल है और इस भावना से बच्चे भी अनछुए नहीं है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने इस कठिन समय में बच्चों के मन में चल रही उथल-पुथल को समझने का प्रयास किया है. साथ ही अभिभावकों को बच्चों के साथ खुले  व सौम्य ढंग से बातचीत कर उनकी जिज्ञासाओं को शांत करने के लिए भी प्रोत्साहित किया है. 

कोविड-19: भारत में सामुदायिक फैलाव की रोकथाम को प्राथमिकता

भारत में कोविड-19 पर क़ाबू पाने के लिए संक्रमितों की जल्द शिनाख़्त कर उन्हें अलगाव में रखने, उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाने व सामुदायिक फैलाव को सीमित रखने के प्रयासों को प्राथमिकता दी जा रही है. भारत में 17 मार्च तक कोविड-19 के संक्रमण के कुल 137 मामलों की पुष्टि हुई जिनमें 113 भारतीय नागरिक और 24 विदेशी नागरिक हैं. इनमें से 14 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं जबकि तीन लोगों की मौत हुई है.