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आपराधिक तत्व कोविड-19 की स्थिति से फ़ायदा उठाने की ताक में

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि ऐसे में जबकि आपराधिक समूह कोविड-19 महामारी से उत्पन्न संकटपूर्ण स्थिति का दोहन अपने फ़ायदे के लिये करने की जुगत में लगे हैं, ये बहुत ज़रूरी है कि तमाम देश मानव तस्करी, हथियारों की तस्करी और सीमा-पार के अपराधों का मुक़ाबला करने के लिये संयुक्त राष्ट्र की सन्धि के मुताबिक़ कार्रवाई करें.

पिछले 20 वर्षों के दौरान जलवायु आपदाओं में चिन्ताजनक बढ़ोत्तरी हुई

संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि 21वीं शताब्दी के पहले 20 वर्षों में जलवायु आपदाओं में भारी बढ़ोत्तरी हुई है. संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने सोमवार को एक नई रिपोर्ट जारी करने के मौक़े पर एक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि लगभग सभी देशों ने उन नुक़सानदेह उत्सर्जनों से निपटने के लिये पर्याप्त क़दम नहीं उठाए हैं जोकि जलवायु ख़तरों से जुड़े हैं और बड़ी संख्या में त्रासदियों के लिये ज़िम्मेदार हैं.  

प्लास्टिक के विकल्प की तलाश

संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयासों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिये विभिन्न देशों के 17 युवाओं को एसडीजी चैम्पियन घोषित किया है. इन्हीं में से एक हैं, बांग्लादेश के ज़हीन रज़ीन. टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में अपना योगदान देने के बारे में उनके काम, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में उनके विचार, उन्हीं की ज़ुबानी... (वीडियो)

कोविड-19: संयुक्त राष्ट्र म्याँमार में लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिये तत्पर   

म्याँमार में संयुक्त राष्ट्र की 20 से ज़्यादा एजेंसियाँ वैश्विक महामारी कोविड-19 पर जवाबी कार्रवाई के तहत समन्वित प्रयासों में जुटी है. अग्रिम मोर्चे पर डटे यूएन कर्मचारी लोगों की ज़िन्दगियाँ बचाने और उनकी आजीविकाओं की रक्षा करने के लिये संगठन के प्रयासों को मज़बूती दे रहे हैं.  म्याँमार में अब तक कोविड-19 के संक्रमण के 26 हज़ार से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हुई है और 598 लोगों की मौत हुई है. 

नागोर्नो-काराबाख़ संघर्ष क्षेत्र में युद्धविराम समझौते का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने नागोर्नो-काराबाख़ संघर्ष क्षेत्र में युद्धविराम पर आर्मीनिया और अज़रबैजान में हुए समझौते का स्वागत किया है. शुक्रवार को रूस में हुई वार्ता के बाद दोनों पक्षों में हिंसा रोकने पर सहमति बनी है. दक्षिण कॉकशेस में नागोर्नो-काराबाख़ सीमा क्षेत्र पिछले तीन दशकों से संघर्ष का शिकार है और सितम्बर के अन्त में आर्मीनिया व अज़रबैजान के सुरक्षा बलों के बीच फिर से हिंसा भड़क उठी थी. 

'विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस' पर यूएन महासचिव का सन्देश

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने शनिवार, 10 अक्टूबर, को ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ के अवसर पर कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 से उपजे संकट से तेज़ी से उबरने के लिये यह ज़रूरी है कि सभी ज़रूरतमन्दों को गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराई जाए.  

गुणवत्तापरक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश बढ़ाने की पुकार

वैश्विक महामारी कोविड-19 से उपजे गहरे संकट से तेज़ी से उबरने के लिये यह ज़रूरी है कि सभी ज़रूरतमन्दों को गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराई जाए. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने शनिवार, 10 अक्टूबर, को ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ के अवसर पर आगाह किया है कि कोरोनावायरस के कारण लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भारी असर हुआ है और इसके दुष्परिणामों से निपटने के लिये संसाधन निवेश की तत्काल सख़्त ज़रूरत है. 

कोविड-19: चीन सर्वजन के लिये वैक्सीन सुनिश्चित करने के वैश्विक प्रयासों में शामिल

चीन सहित तीन देश कोविड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में एक असरदार वैक्सीन विकसित किये जाने और उसे न्यायसंगत रूप से वितरित किये जाने के लिये शुरू की गई वैश्विक पहल में शामिल हो गए हैं. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने जिनीवा में शुक्रवार को एक प्रैस वार्ता के दौरान इस सम्बन्ध में जानकारी सामने रखी. 

यूएन खाद्य एजेंसी WFP को नोबेल पुरस्कार, महासचिव का बधाई सन्देश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अपने वीडियो सन्देश में नोबेल पुरस्कार समिति के निर्णय पर प्रसन्नता ज़ाहिर करते हुए विश्व खाद्य कार्यक्रम को खाद्य असुरक्षा के मोर्चे पर विश्व की पहली खाद्य संस्था के रूप में बयाँ किया है. ये संगठन दुनिया भर में करोड़ों लोगों को जीवनदायी खाद्य सहायता मुहैया कराता है, अक्सर बेहद ख़तरनाक और दुर्लभ परिस्थितियों में भी.

विश्व खाद्य कार्यक्रम: एक तीन-वर्षीय प्रयोग जो अनिवार्य बन गया

वर्ष 2020 के लिये नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) की आवश्यकता आज दुनिया में पहले से कहीं अधिक है. एक ऐसे दौर में जब काँगो लोकतान्त्रिक गणराज्य में हिंसक संघर्षों से लेकर दक्षिण सूडान में बाढ़ तक, और यमन में गृहयुद्ध से मानवजनित व प्राकृतिक आपदाओं में फँसे करोड़ों पीड़ितों के पास जीवन-यापन के लिये पर्याप्त भोजन का अभाव है और उनके जीवन में अनिश्चितता और ज़्यादा गहरी हो रही है.