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इराक़: तनाव भड़काने की कोशिशें देश की सुरक्षा के लिये 'गम्भीर ख़तरा'

इराक़ में संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अधिकारी जैनीन हैनिस-प्लासशर्ट ने  देश में स्थिरता के लिये संघीय ढाँचे की मज़बूती और संघीय इराक़ व कुर्द बहुल क्षेत्र के बीच सकारात्मक सम्बन्धों पर ज़ोर दिया है. यूएन की विशेष दूत ने कुर्द बहुल इलाक़े अर्बील में, सोमवार रात हुए घातक रॉकेट हमले की निन्दा करते हुए आगाह किया है कि तनाव भड़काने की ऐसी कोशिशें, देश में शान्ति के लिये ख़तरा हैं.   

कोरोनावायरस वैक्सीन का त्वरित वितरण - यूनीसेफ़ और विमान कम्पनियों में समझौता

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने कोविड-19 पर जवाबी कार्रवाई के लिये एक नई पहल की शुरुआत की है जिसके तहत ज़रूरी दवाओं, मेडिकल उपकरणों और त्वरित वैक्सीन वितरण को प्राथमिकता देने के इरादे से दस से ज़्यादा अग्रणी विमान कम्पनियों के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किये गए हैं. वायु मार्ग से माल ढुलाई पर केन्द्रित यूनीसेफ़ की पहल (UNICEF Humanitarian Airfreight Initiative) के अन्तर्गत विमान कम्पनियाँ 100 से ज़्यादा देशों में वैक्सीन पहुँचाने में मदद करेंगी.

यूएन, यौन शोषण व उत्पीड़न से कैसे निपटता है?

यौन शोषण और उत्पीड़न अस्वीकार्य हैं. अन्तरराष्ट्रीय सिविल सेवक के रूप में हम, संयुक्त राष्ट्र के मूल्यों और आदर्शों को समर्पित हैं, तो हम सभी को कहना है, ‘हम ये सहन नहीं करेंगे.’ (वीडियो)

WHO: ऑक्सफ़र्ड-ऐस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मन्ज़ूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोविड-19 महामारी से बचाव के लिये ऑक्सफ़र्ड-ऐस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन के दो संस्करणों को आपात इस्तेमाल सूची में शामिल किये जाने को मन्ज़ूरी दे दी है. यूएन एजेंसी के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि वैक्सीनों के त्वरित और न्यायसंगत वितरण को सम्भव बनाने के लिये उत्पादन का स्तर बढ़ाये जाने की ज़रूरत है.

अफ़ग़ानिस्तान: तीन वर्षों में 65 मीडियाकर्मियों व मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को गँवानी पड़ी ज़िन्दगी

हाल के वर्षों में अफ़ग़ानिस्तान में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और मीडियाकर्मियों पर हमलों और उनके मारे जाने की घटनाओं में तेज़ बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि वर्ष 2018 से अब तक देश में 65 पत्रकार, मीडियाकर्मी और मानवाधिकार कार्यकर्ता मारे जा चुके हैं. सितम्बर 2020 में अफ़ग़ान शान्ति प्रक्रिया की शुरुआत के बाद से 31 जनवरी 2021 तक कम से कम 11 मानवाधिकार कार्यकर्ता और मीडियाकर्मी लक्षित हमलों में मारे गए हैं. 

म्याँमार में हालात पर चिन्ता, बुनियादी अधिकारों की रक्षा का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने म्याँमार में हालात पर गहरी चिन्ता जताते हुए सेना और पुलिस से शान्तिपूर्ण सभा के अधिकार का पूर्ण सम्मान किये जाने और अत्यधिक बल प्रयोग से परहेज़ करने का आग्रह किया है. ख़बरों के अनुसार सेना द्वारा सत्ता हथिया लिये जाने के बाद देश में विरोध-प्रदर्शनों के जारी रहने के बीच म्याँमार के बड़े शहरों में बख़्तरबन्द गाड़ियों व सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है. 

सुरक्षा परिषद: माली में यूएन मिशन के अस्थाई शिविर पर हमले की कड़ी निन्दा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने माली में 10 फ़रवरी को यूएन शान्तिरक्षकों पर हुए हमले की कठोर निन्दा की है. माली में संयुक्त राष्ट्र मिशन (MINUSMA) पर हुए इस हमले में टोगो के एक शान्तिरक्षक की मौत हो गई थी और 27 शान्तिरक्षक घायल हुए थे. सुरक्षा परिषद ने कहा है कि शान्तिरक्षकों को निशाना बनाकर किये गए हमले को अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के तहत युद्धापराध की श्रेणी में रखा जा सकता है.

विश्व रेडियो दिवस: बदलते ज़माने के साथ, बदलता रेडियो

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने शनिवार, 13 फ़रवरी, को ‘विश्व रेडियो दिवस’ पर रेडियो की महत्ता की ओर ध्यान आकृष्ट किया है. यूनेस्को के अनुसार 110 वर्ष पुराने इस माध्यम में बदलती दुनिया और तकनीक के अनुरूप बदलाव अपनाने की क्षमता है, और कोरोनावायरस संकट के दौरान पेश आई चुनौतियों से निपटने में यह एक प्रमुख औज़ार साबित हुआ है.

भारत: निम्न कार्बन उत्सर्जन की राह पर अग्रसर, बिहार भी सक्रिय

भारत में बिहार प्रदेश, एक जलवायु अनुकूल व निम्न कार्बन उत्सर्जक नीति बनाने को तत्पर है. इसी उद्देश्य से शुक्रवार को, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) - यूनेप और बिहार के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जिसके तहत यूनेप, इस बदलाव के लिये, बिहार को, तकनीकी सलाह व समीक्षा समेत सभी प्रकार सहायता प्रदान करेगा. 

कोविड-19 से उबरने के बावजूद लक्षणों की पीड़ा - स्वास्थ्य प्रणालियों पर बोझ की आशंका

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि कोरोनावायरस संक्रमण से उबरने के बावजूद लम्बे समय तक उसके लक्षणों के माध्यम से, पीड़ित मरीज़ों की अवस्था समझने के लिये और ज़्यादा शोध किये जाने की आवश्यकता है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने आशंका जताई है कि ऐसे मरीज़ों की बढ़ती संख्या का असर, वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों पर होगा.