नवीनतम समाचार

यमन: नयी रिपोर्ट में युद्धापराधों की आशंका, जवाबदेही तय किये जाने की माँग

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त विशेषज्ञों ने कहा है कि यमन में जारी हिंसा के कारण देश बदहाल हालात में है और लोग पीड़ा में जीवन गुज़ार रहे हैं. साथ ही उन्होंने संदिग्ध युद्धापराधों के मामलों की अन्तरराष्ट्रीय जाँच कराने और दोषियों के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने की अपील की है.

जलवायु परिवर्तन से मुक़ाबले में ‘विज्ञान, एकजुटता और समाधानों’ की दरकार

वायुमण्डल में ग्रीनहाउस गैसों की सघनता अपने रिकॉर्ड स्तर पर है, कोविड-19 के कारण कार्बन उत्सर्जनों में दर्ज की गई क्षणिक गिरावट के बाद अब उत्सर्जन की मात्रा फिर बढ़ रही है और वैश्विक तापमान में वृद्धि नई ऊँचाइयों को छू रही है. संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को जलवायु परिवर्तन पर एक नई रिपोर्ट पेश की है जिसमें ये तथ्य उभर कर सामने आये हैं. 

हिंसक संघर्ष में रोकने होंगे शिक्षा पर हमले - यूएन महासचिव

शिक्षा एक बुनियादी मानवाधिकार और शान्ति व विकास की दिशा को आगे बढ़ाने का एक मज़बूत पहिया है, लेकिन इसके बावजूद शिक्षकों, छात्रों और शिक्षण केन्द्रों पर हमलों की संख्या लगातार बढ़ रही है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने स्कूलों और शिक्षण केन्द्रों पर होने वाले हमलों पर क्षोभ ज़ाहिर करते हुए बताया कि वर्ष 2015 से 2019 के बीच ऐसी 11 हज़ार घटनाएँ दर्ज की गईं. 

कोविड-19: महामारी से निपटने के लिये स्वास्थ्य सेवाओं में ज़्यादा निवेश की पुकार

थाईलैण्ड की राजधानी बैन्कॉक में बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में स्थित कार्यालय के 73वें क्षेत्रीय समिति सत्र की शुरुआत हुई है जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य प्रणालियों को मज़बूत बनाने के लिये अधिक निवेश और कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के लिए निरन्तर प्रयास करने के साथ-साथ क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया है.
 

कोविड-19: बच्चों की ज़िंदगियाँ दाँव पर, स्वास्थ्य क्षेत्र में दशकों की प्रगति पर ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि पाँच साल से कम उम्र के बच्चों की मौतों गिरावट लाने में दशकों की प्रगति पर कोविड-19 महामारी का ख़तरा मंडरा रहा है. संयुक्त राष्ट्र ने सभी देशों से इस वैश्विक संकट के दौरान बच्चों और महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करने की अपील की है.

यूएन महासभा: 'अभूतपूर्व हालात' में लोगों की सेवा के लिये निरन्तर प्रयासरत

कोविड-19 महामारी के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अभूतपूर्व परिस्थितियों में अपने दायित्वों का निर्वहन और ज़रूरी सेवाएँ सुनिश्चित करने के लिये अपने प्रयास निरन्तर जारी रखे हैं. यूएन महासभा अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद-बाँडे ने 74वें सत्र के समापन पर मंगलवार को मौजूदा सत्र के अहम कार्यक्रमों का उल्लेख किया और आगामी कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी है. 

कोविड-19: बेहतर पुनर्बहाली के लिये नीतिगत उपायों पर वित्त मन्त्रियों की बैठक

संयुक्त राष्ट्र की उपमहासचिव आमिना मोहम्मद ने मंगलवार को 193 सदस्य देशों के वित्त मन्त्रियों के साथ एक वर्चुअल बैठक में हिस्सा लिया जिसका उद्देश्य महामारी के बाद पुनर्बहाली के लिये नीतिगत विकल्पों का खाका तैयार करना था. इन नीति उपायों को इस महीने 29 सितम्बर को एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान विश्व नेताओं के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा.
 

कोविड-19: शरणार्थी बच्चों की शिक्षा पर विनाशकारी प्रभाव

शरणार्थी मामलों की संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (UNHCR) ने अपनी एक नई रिपोर्ट ‘Coming Together for Refugee Education’ में आशंका जताई है कि स्कूल बन्द होने, ज़्यादा फ़ीस होने या दूरस्थ शिक्षा के लिए तकनीक तक पहुँच ना होने के कारण बड़ी संख्या में शरणार्थी बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रखने में असमर्थ होंगे. एक वीडियो रिपोर्ट...
 

कोविड-19 की चपेट में भारत – जवाबी कार्रवाई में यूएन एजेंसियों की अहम भूमिका 

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 संक्रमण के मामले भारत में तेज़ी से बढ़ रहे हैं और संक्रमितों की संख्या के मामले में भारत अब विश्व में दूसरे स्थान पर पहुँच गया है. देश के अनेक राज्यों में गम्भीर हालात के मद्देनज़र संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ भारत सरकार के साथ राष्ट्रीय, राज्य और ज़िला स्तर पर महामारी से निपटने की कार्रवाई के तहत स्वास्थ्य प्रणालियों और सेवाओं को पुख़्ता बनाने, बचाव उपाय अपनाने और हालात की समीक्षा सहित अन्य प्रयासों में जुटी हैं. 

पाकिस्तान: पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ हिंसा भड़काये जाने पर चिन्ता 

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने पाकिस्तान में पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, विशेषत: महिलाओं व अल्पसंख्यकों, के ख़िलाफ़ हिंसा भड़काये जाने के बढ़ते मामलों पर चिन्ता जताई है. यूएन मानवाधिकार कार्यालय ने कथित ईशनिन्दा के आरोपों को ख़ास तौर पर चिन्ताजनक क़रार दिया है और हिंसा के लिये ज़िम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय किये जाने का आग्रह किया है.