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जल की बूंद-बूंद को सहेजा जाना ज़रूरी

बाढ़, भारी बारिश, सूखा और पिघलते हिमनद...जलवायु परिवर्तन के कई बड़े संकेत स्पष्ट रूप से जल पर आधारित हैं. इस वर्ष विश्व मौसम विज्ञान दिवस पर यूएन की मौसम विज्ञान एजेंसी ने जल और जलवायु के आपसी संबंध को रेखांकित करते हुए जल संबंधी ऑंकड़ों की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने की पुकार लगाई है.   
 

कोविड-19: दुनिया भर में लड़ाई ख़त्म करके महामारी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलने की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दुनिया भर में किसी भी स्थान पर जारी संघर्ष या युद्ध में शामिल पक्षों से अपील की है कि वो अपने हथियार डाल दें ताकि विश्व के सामने दरपेश एक ज़्यादा बड़ी चुनौती कोविड-19 का मुक़ाबला करने में उनका सहयोग काम आ सके. सोमवार को जारी इस अपील में उन्होंने कहा कि कोविड-19 एक ऐसा दुश्मन है जिसने पूरी मानवता के लिए ख़तरा पैदा कर दिया है. 

जलवायु समस्या के समाधान का हिस्सा है टिकाऊ जल प्रबंधन

रविवार, 22 मार्च, को ‘विश्व जल दिवस’ (World Water Day) पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी एक अहम रिपोर्ट दर्शाती है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और उनके असर को कम करने के लिए जल संसाधानों के इस्तेमाल के तरीक़ों में बड़ा बदलाव आवश्यक है. नई रिपोर्ट में बढ़ते जल संकट और कृषि व उद्योगों में जल के दक्षतापूर्ण उपयोग के लिए ठोस प्रयासों की पुकार लगाई है.
 

कोविड-19: संक्रमितों की संख्या पहुँची दो लाख से ऊपर

कोविड-19 संक्रमण के पहले एक लाख मामलों की पुष्टि होने में क़रीब तीन महीने का समय लगा था, लेकिन उस संख्या के दोगुने होने में महज़ 12 दिन लगे हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने जिनीवा में पत्रकारों को बताया कि कोविड-19 हर दिन एक नए और त्रासदीपूर्ण पड़ाव पर पहुंच रहा है. 

कोविड-19: ज़रूरतमन्दों तक मानवीय सहायता पहुंचाने की ज़िम्मेदारी

कोविड-19 महामारी की विकराल चुनौती से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर व्यापक स्तर पर तेज़ कार्रवाई जारी है. इसके साथ ही यूएन की मानवीय राहत एजेंसियों ने युद्ध प्रभावित क्षेत्रों और आपात हालात में रहने को मजबूर 10 करोड़ से ज़्यादा लोगों तक मदद पहुंचाने का काम भी जारी रखा है. इन प्रयासों के तहत साढ़े आठ करोड़ से ज़्यादा लोगों को भोजन सहित जीवनरक्षक सहायता मुहैया कराई जा रही है. 

कोविड-19: भ्रान्तियाँ, अफ़वाहें व तथ्य

कोविड-19 महामारी ने दुनिया को हिलाकर रख दिया है. इस बीमारी के वायरस के बारे में सटीक जानकारी व इलाज के अभाव में लोग अक्सर भ्रमित हैं और भ्रान्तियों व अफ़वाहों का भी शिकार हो रहे हैं. इस वीडियो में कुछ भ्रान्तियों व ग़लतफ़हमियों को दूर करने की कोशिश...

कोविड-19 की आपदा में सटीक जानकारी व सूचना का निर्बाध प्रवाह अहम

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कोविड-19 महामारी से रोज़मर्रा के जीवन में आए अभूतपूर्व व्यवधानों के बीच सचेत किया है कि इस कठिन समय में सूचना का बेरोकटोक प्रवाह सुनिश्चित किया जाना ज़रूरी है. उन्होंने कहा है कि झूठी सूचनाओं के फैलने से अव्यवस्था फैल सकती है और स्वास्थ्य को क्षति पहुंच सकती है इसलिए तथ्यपरक जानकारी की सुलभता, लोगों की निजता व पत्रकारों की आज़ादी का ख़याल रखा जाना अहम है. 

कोविड-19 से निपटने में फ़लस्तीनियों के साथ भेदभाव स्वीकार्य नहीं

संयुक्त राष्ट्र के एक मानवाधिकार विशेषज्ञ ने इसराइल, फ़लस्तीनी प्राधिकरण और हमास से आग्रह किया है कि उन्हें ग़ाज़ा, पश्चिमी तट और पूर्वी येरूशेलम में सभी फ़लस्तीनी लोगों को भी कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के लिए उनके स्वास्थ्य का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए अपनी अंतरराष्ट्रीय क़ानूनी ज़िम्मेदारियाँ भली-भाँति तरीक़े से निभाएँ.

कोविड-19: 'एकजुटता, उम्मीद व समन्वित कार्रवाई की दरकार'

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से लोगों में डर और अनिश्चितता गहरा रही है इसलिए इस संकट पर पार पाने के लिए आपसी एकजुटता, आशा और राजनैतिक इच्छाशक्ति की पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरत है. महासचिव गुटेरेश ने गुरुवार को एक ऑनलाइन प्रेस वार्ता में ये बातें कहीं. 

कोविड-19: प्रवासियों व शरणार्थियों के साथ गरिमामय बर्ताव ज़रूरी

अंतरराष्ट्रीय प्रवासन एजेंसी (आईओएम) ने कहा है कि महामारी कोविड-19 से उपजे संकट के दौर में भी यह हमेशा ध्यान रखना होगा कि प्रवासियों व शरणार्थियों के साथ गरिमा व सम्मान के साथ बर्ताव हो. यूएन एजेंसी के प्रवक्ता जोएल मिलमैन ने यूएन न्यूज़ को बताया कि इस महामारी के कारण व्यापक स्तर पर तालाबंदी होने से प्रवासियों, विशेषकर खाद्य उद्योग में कार्यरत लोगों, पर भी असर पड़ रहा है.