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'महामारी से जुड़ी पाबन्दियों से करोड़ों बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर जोखिम'

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के दौरान राष्ट्रव्यापी सार्वजनिक स्वास्थ्य आदेशों या अनुशंसाओं के कारण, दुनिया भर में करोड़ों बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिये जोखिम उत्पन्न हो गया है, और इन हालात के कारण, हर सात में से लगभग एक बच्चा अपने घर पर ही रहने को विवश है.

‘महामारी’ के रूप में उभरती मुस्लिम-विरोधी नफ़रत, कार्रवाई का आग्रह 

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने कहा है कि इस्लाम के नाम पर किये गए  11 सितम्बर, 2001 के हमलों और अन्य भयावह आतंकवादी कृत्यों को अंजाम दिये जाने के बाद से, मुसलमानों को संदिग्ध नज़र से देखे जाने की समस्या महामारी का आकार ले रही है. धर्म या आस्था की आज़ादी पर यूएन के विशेष रैपोर्टेयर अहमद शहीद ने, गुरुवार को, मानवाधिकार परिषद को सम्बोधित करते हुए, देशों का आहवान किया है कि मुसलमानों के साथ भेदभाव पर अंकुश लगाने के लिये उपाय सुनिश्चित किये जाने होंगे. 

म्याँमार: सेना से प्रदर्शनकारियों की 'हत्याएँ' और 'क्रूर बल प्रयोग' रोकने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने गुरूवार को कड़े शब्दों में कहा है कि म्याँमार में सेना को, शान्तिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर अपना “क्रूर और हिंसक दमन” रोकना होगा. मानवाधिकार उच्चायुक्त का ये सख़्त बयान ऐसी ख़बरों को बीच आया है कि 1 फ़रवरी को सेना द्वारा तख़्तापलट किये जाने के बाद 54 लोग मारे जा चुके हैं, इनमें से 38 लोगों की मौत, बुधवार को केवल एक दिन में हुई है.

इंजीनियरिंग के क्षेत्र में समानता, टिकाऊ विकास लक्ष्यों के लिये अहम

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) व साझीदारों द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, टिकाऊ विकास के 2030 एजेण्डा को साकार करने, और किसी को भी पीछे ना छूटने देने के लिये, अभियान्त्रिकी (इंजीनियरिंग) में व्याप्त क्षेत्रीय विसंगतियाँ को दूर किया जाना होगा.  

म्याँमार: विरोध प्रदर्शनों के दौरान, एक दिन में, 38 लोगों की मौत ‘स्तब्धकारी’ 

म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत, क्रिस्टीन श्रेनर बर्गनर ने बुधवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि देश में हालात से क्षेत्रीय स्थिरता के लिये चुनौती पैदा हो रही है, और मौजूदा संकट वास्तव में एक युद्ध में तब्दील हो सकता है. म्याँमार में सेना द्वारा सत्ता पर क़ब्ज़ा किये जाने के बाद जारी विरोध प्रदर्शनों में, बुधवार को 38 लोगों की मौत हुई है. 

2050 तक, उपचार के अभाव में, ढाई अरब लोगों की श्रवण क्षमता खोने का ख़तरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि वर्ष 2050 तक दुनिया में, हर चार में से एक व्यक्ति, यानि लगभग 25 प्रतिशत आबादी, किसी ना किसी हद तक, श्रवण क्षमता में कमी की अवस्था के साथ जी रही होगी. यूएन एजेंसी ने, बुधवार, 3 मार्च, को ‘विश्व श्रवण दिवस’ के अवसर पर पहली बार, इस विषय में एक रिपोर्ट जारी की है. 

यूएन प्रमुख को लगा दूसरा टीका

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, शुक्रवार 28 फ़रवरी को, न्यूयॉर्क के एक वैक्सीन केन्द्र में, कोविड-19 का दूसरा टीका लगवाया. उनकी आयु 65 वर्ष से अधिक होने के कारण, दूसरा टीका लगवाने के लिये उनका नाम, प्राथमिकता सूची में आया था. यूएन समर्थित एक पहल के तहत, वर्ष 2021 के अन्त तक, दो अरब लोगों को कोविड-19 के टीके लगवाने का लक्ष्य है.

वैक्सीनें कैसे कारगर होती हैं!

वैक्सीन टीके, हमारी रोग प्रतिरोधक प्रणाली को, वायरस की पहचान, पहले से ही करने और उसके ख़िलाफ़ सुरक्षा कवच बनाने में सक्षम बनाते हैं. वैक्सीन टीके, हमें सुरक्षित बनाते हैं और वायरस को फैलने से रोकते हैं. अगर पर्याप्त संख्या में, लोगों को टीके लग जाएँ, तो पूरे समुदाय की सुरक्षा की जा सकती है. देखें ये वीडियो...

मानवता, पृथ्वी व समृद्धि के लिये वन संरक्षण ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सरकारों और लोगों का आहवान किया है कि वनों की रक्षा करने और वन समुदायों को समर्थन देने के लिये प्रयास तेज़ किये जाने होंगे. यूएन प्रमुख ने, बुधवार, 3 मार्च, को विश्व वन्यजीवन दिवस (World Wildlife Day) के अवसर पर अपने सन्देश में, वन संसाधनों के अरक्षणीय प्रयोग और वन्यजीवों की तस्करी से उपजते ख़तरों के प्रति भी आगाह किया है.  

यूनीसेफ़: क़रीब 17 करोड़ बच्चे, एक साल तक स्कूली शिक्षा से रह गए वंचित

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने कहा है कि कोविड-19 महामारी का विकराल रूप शुरू हुए, जैसे-जैसे एक वर्ष पूरा हो रहा है, हमें, स्वतः यह ध्यान आ रहा है कि दुनिया भर में तालाबन्दियों और पाबन्दियों ने कितना बड़ा और गम्भीर शिक्षा संकट उत्पन्न कर दिया है.