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मुश्किल समय में आशा की उजली किरण:यूएन महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने नववर्ष की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में कहा है कि दुनिया कई खतरों से जूझते हुए एक मुश्किल दौर से गुजर रही है .  पिछले साल 2018 के आगमन पर दिए अपने संदेश में जारी एक रेड अलर्ट की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि उस समय की कई चुनौतियां आज भी बनी हुई हैं लेकिन आशा का दामन थामे रखने के भी कई कारण हैं. 

स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए मिलजुलकर काम करने की अपील

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में चुनाव से ठीक पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सभी राजनीतिक पक्षों से मिलजुलकर काम करने की अपील की है जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न हो सकें. कांगो में रविवार को चुनाव होने हैं. 

'लोगों की न्यायसंगत मांगों पर विचार करे सूडान सरकार'

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने रोटी और ईंधन के दाम बढ़ने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों के ख़िलाफ़अत्यधिक बल प्रयोग पर चिंता जताई है. उन्होंने इसे  शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने के अधिकार का हनन बताया है. 

संयुक्त राष्ट्र ने बांग्लादेश में शांतिपूर्ण और विश्वसनीय चुनाव की अपील की

बांग्लादेश में रविवार को होने वाले चुनाव से पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने हिंसा, भय और दबाव से दूर एक ऐसा माहौल बनाने का आह्वान किया है जिससे देश में शांतिपूर्ण, विश्वसनीय और समावेशी चुनाव कराए जाने में मदद मिले. 

इंडोनेशिया में सूनामी से तबाही के बाद राहत कार्य तेज़

इंडोनेशिया के जावा और सुमात्रा द्वीपों में सूनामी से आई आपदा के बाद सरकार के नेतृत्व में स्थानीय एजेंसियां राहत अभियान में जुट गईं हैं.  संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता मामलों की एजेंसी (OCHA) ने इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी का हवाला देता हुए कहा है कि अब तक 430 लोगों की मौत हो चुकी है, 1,494 लोग घायल हुए हैं जबकि 159 लोग अब भी लापता हैं. 

यमन: मुख्य बंदरगाह शहर हुदायदाह के लिए संघर्ष विराम

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंंतोनियो गुटेरेश ने यमन के मुख्य बंदरगाह शहर हुदायदाह में विरोधी पक्षों द्वारा संघर्ष विराम की घोषणा का स्वागत किया है और कहा है कि इससे लाखों लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा.

कॉप24 (COP24): क्‍या है दांव पर और क्‍या जानना है बहुत ज़रूरी

इधर दुनिया का तापमान बढ़ता जा रहा है, उधर जलवायु कार्रवाई पिछड़ रही है और कुछ करने का अवसर हाथ से निकलता जा रहा है.  2 दिसंबर से पोलैंड के कैटोविच शहर में दो सप्‍ताह का जलवायु परिवर्तन सम्‍मेलन कॉप24 शुरू हुआ, जिसमें संबद्ध पक्ष इस बारे में विचार करेंगे कि इस समस्‍या से तत्‍काल सामूहिक रूप से कैसे निपटा जाए.

मानवाधिकारों के सार्वभौमिक चिरंतन मूल्‍यों की वर्षगांठ

संयुक्‍त राष्‍ट्र परिवार दुनिया भर में यह सुनिश्चित करने की भरसक कोशिश करता रहा कि इस वर्ष मानवाधिकार दिवस, मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा में निहित सिद्धांतों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल हो सके. वर्ष 2018 में ये दिन सोमवार को था और इस वर्ष मानवाधिकार दिवस की 70वीं वर्षगाँठ है. ये सिद्धांत आज भी उतने ही महत्‍वपूर्ण और प्रासंगिक हैं जितने 1948 में थे. 

प्रवासियों की बेहतरी के वैश्विक प्रवासन संधि का अनुमोदन

164 देशों के प्रतिनिधियों ने सोमवार को ग्‍लोबल कम्‍पैक्‍ट फॉर माइग्रेशन नामक संधि का अनुमोदन कर दिया है. संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव एंतॉनियो गुटेरेश ने इस ऐतिहासिक क़दम को पीड़ा और उथल-पुथल से बचने की राह का निर्माण क़रार दिया. इस सम्मेलन में मुख्य रूप से सरकारों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की. 

ग्रीनहाउस गैसों का स्तर रिकॉर्ड ऊँचाई पर

वातावरण में तापमान बढ़ाने वाली ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा बढ़कर एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है. संयुक्त राष्ट्र के मौसम विज्ञान संस्थान ने गुरूवार को एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी दी. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस चलन में कमी आने के कोई संकेत नज़र नहीं आ रहे हैं. इसी कारण से जलवायु परिवर्तन हो रहा है, समुद्र का स्तर बढ़ रहा है, महासागरों का अम्लीकरण हो रहा है और मौसम का मिज़ाज प्रतिकूल हो रहा है.