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महिला उद्यमी: हरित व टिकाऊ कारोबार की राह पर अग्रसर

हाल के दशकों में महत्वपूर्ण प्रगति के बावजूद, रोज़गार, शक्ति और उद्यमिता के क्षेत्र में बड़ा लैंगिक अन्तर व्याप्त है. कई देशों में, महिलाओं को अभी भी अपनी पूर्ण आर्थिक क्षमता तक पहुँचना बाकी है और आत्म-सशक्तिकरण के मार्ग पर अपने सफ़र में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. दुबई में हाल ही में आयोजित विश्व उद्यमिता व निवेश सम्मेलन के मौके पर, यूएन न्यूज़ ने अरब और अफ़्रीका क्षेत्र की कई महिला उद्यमियों से मुलाकात की, जो बहरैन स्थित UNIDO-ITPO की मदद से, कारोबार में टिकाऊ विकास लक्ष्यों को अपनाते हुए, व्यवसायिक दुनिया में नए आयाम स्थापित कर रही हैं.
 

भारत: फ़ैशन उद्योग में हरित विकास व महिला उद्यमियों का सशक्तिकरण

भारत में संयुक्त राष्ट्र महिला संस्था - यूएन वीमैन के एक कार्यक्रम के तहत, महिला उद्यमियों को हरित व टिकाऊ उत्पादन एवं कौशल प्रशिक्षण देकर, बड़े उद्योगों के साथ जोड़ा जा रहा है, जिससे उनके उद्यमों का विकास होने के साथ-साथ, उनसे जुड़ी कमज़ोर वर्ग की महिलाओं की आजीविकाओं का भी विस्तार हो सके.
 

रंजीतसिंह डिसले  - शिक्षा बाँटने वाले अदभुत अध्यापक

ब्रिटेन के वर्के फ़ाउण्डेशन और संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवँ सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने हाल ही में, भारत में महाराष्ट्र प्रदेश के एक सरकारी स्कूल में अध्यापक, रंजीतसिंह डिसले  को, ‘वैश्विक शिक्षक पुरस्कार’ (Global Teacher Prize) से सम्मानित किया है. यह सम्मान उन अध्यापकों को दिया जाता है जो शिक्षा प्रदान करने के दायित्व को पूरा करते हुए, सामान्य चलन से आगे बढ़कर कुछ अलग कर दिखाते हैं.

भारत: ग्लेशियर टूटने से हुए भारी नुक़सान पर यूएन प्रमुख ने जताया दुख, मदद की पेशकश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भारत के उत्तराखण्ड प्रदेश में ग्लेशियर (हिमनद) टूटने से जान-माल के भारी नुक़सान पर गहरा दुख व्यक्त किया है. यूएन प्रमुख ने साथ ही, राहत और बचाव कार्यों में, किसी भी तरह की ज़रूरत में, मदद की पेशकश की है.

कोविड-19: दक्षिण एशिया में 60 करोड़ बच्चों के जीवन में उलट-पुलट

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 दक्षिण एशियाई देशों में बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में हुई प्रगति के लिए संकट का कारण बन रही है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने मंगलवार को जारी अपनी नई रिपोर्ट में देशों की सरकारों से त्वरित  कार्रवाई का आग्रह किया है ताकि एक पूरी पीढ़ी की आशाओं और आकाँक्षाओं को बर्बाद होने से बचाया जा सके. महामारी दक्षिण एशिया क्षेत्र में भारत, पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश सहित अन्य देशों में तेज़ी से फैल रही है जहाँ विश्व की क़रीब एक चौथाई आबादी रहती है.

कोविड-19: लाखों बच्चों के बाल मज़दूरी के गर्त में धँसने का ख़तरा

पिछले दो दशकों के दौरान बाल श्रम  की समस्या से निपटने में एक बडी सफलता हासिल हुई है लेकिन वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण इन प्रयासों में अब तक हुई प्रगति को एक बड़ा झटका लगा है. अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) द्वारा जारी एक साझा रिपोर्ट में कोविड-19 संकट के कारण लाखों बच्चों के बाल मज़दूरी का शिकार होने की आशंका जताई गई है और सरकारों से बच्चों की सहायता के लिए उपायों में निवेश करने की पुकार लगाई है. 

भारत के पश्चिमी तटों पर चक्रवात निसर्ग की डरावनी दस्तक

भारत के पश्चिमी तटीय क्षेत्रों पर स्थित महाराष्ट्र और गुजरात के कई इलाक़ों में बुधवार को निसर्ग तूफ़ान ने डरावनी दस्तक दी. तूफ़ान के कारण कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई और कुछ घायल हो गए. मुम्बई, ठाणे, रायगढ़ समेत महाराष्ट्र के तटवर्ती ज़िलों के अलावा गुजरात के इलाक़ों में भी इस तूफ़ान का असर दिखाई दिया. 
 

सुपर सायक्लोन ‘अम्फन’ गुज़रा, छोड़ गया बर्बादी के निशान

संयुक्त राष्ट्र और साझीदार संगठनों के राहतकर्मी भारत और बांग्लादेश में चक्रवाती तूफ़ान ‘अम्फन’ से बुरी तरह प्रभावित हुए लोगों तक मदद पहुँचाने के काम में जुट गए हैं. बुधवार को पूर्वी भारत के तटीय इलाक़ों से टकराने वाला यह सुपर सायक्लोन अपने साथ बर्बादी लाया और प्रभावित इलाक़ों में जान-माल का भारी नुक़सान करके चला गया.

सुपर सायक्लोन 'अम्फन' की चपेट में पश्चिम बंगाल के सात ज़िले

सुपर सायक्लोन 'अम्फन’ ने भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में बुधवार को दस्तक दे दी जहाँ सात ज़िलों में इसका प्रकोप ज़्यादा होने की आशंका है. संयुक्त राष्ट्र के आपदा जोखिम न्यूनीकरण के भारत कार्यालय में विशेषज्ञ रन्जनी मुखर्जी ने यूएन न्यूज़ हिन्दी के साथ एक ख़ास बातचीत में बताया कि प्रदेश की राजधानी कोलकाता में इसका अनुमान से कहीं ज़्यादा असर देखा जा रहा है जहाँ 130 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ़्तार से हवाएँ चल रही हैं और आस-पास के इलाक़ों में भी भारी बारिश हो रही है.

टिकाऊ विकास पर प्रगति के आकलन के लिए नया इंडेक्स जारी

भारत में नीति आयोग ने टिकाऊ विकास लक्ष्यों (एसडीजी) पर आधारित 'इंडिया इंडेक्स' का दूसरा संस्करण जारी किया है जिससे यह जानने में मदद मिलेगी कि 2030 एजेंडा को हासिल करने में भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किए गए प्रयास कितना सफल रहे हैं.