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मानवाधिकार और अन्तरराष्ट्रीय एकजुटता पर संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र विशेषज्ञ, सेसिलिया एम बैलिएट द्वारा विशिष्ट व्याख्यान.

'एकजुटता जीवनरक्षक जैकेट, जिसे पानी में तूफ़ान आने से पहले पहनना ज़रूरी'

© UNESCO-MGIEP
मानवाधिकार और अन्तरराष्ट्रीय एकजुटता पर संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र विशेषज्ञ, सेसिलिया एम बैलिएट द्वारा विशिष्ट व्याख्यान.

'एकजुटता जीवनरक्षक जैकेट, जिसे पानी में तूफ़ान आने से पहले पहनना ज़रूरी'

डैरिन फ़ेरेट
मानवाधिकार

मानवाधिकार और अन्तरराष्ट्रीय एकजुटता पर संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र विशेषज्ञ सेसिलिया एम बैलिएट ने एकजुटता के साथ काकरनेआपसी सम्बन्धों को पुनर्स्थापित करने और शान्ति के प्रति प्रतिबद्ध होने का आहवान किया हैउन्होंने यह बात नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में यूनेस्को के महात्मा गांधी शिक्षा और सतत विकास संस्थान (MGIEP) के एक विशेष व्याख्यान के बाद यूएन न्यूज़ के साथ बातचीत में कही.

सेसिलिया बैलिएट के व्याख्यान का विषय था - “The Imperative of Solidarity for Peace Education in a Multi-Polar World.” 

उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि केवल “संघर्ष प्रबंधन” पर ध्यान केन्द्रित करने से हिंसा सामान्य लगने लगी है और शान्ति का विचार पीछे चला गया है. उनकी राय में शान्ति को अन्तरराष्ट्रीय क़ानून और पढ़ाई के पाठ्यक्रम के केन्द्र में रखना ज़रूरी है. “शान्ति का अधिकार” ही बाक़ी सभी अधिकारों को सम्भव बनाता है.

उन्होंने बढ़ते सैन्यीकरण पर चिन्ता जताई और कहा कि शान्ति प्रक्रियाओं में अधिक से अधिक महिलाओं को अग्रणी भूमिका देनी चाहिए - संधि वार्ताओं से लेकर सामुदायिक संवाद और क्रियान्वयन तक. महिलाएँ पहले से ही प्रभावी नेतृत्व दिखा रही हैं, जिसे और मज़बूती से आगे बढ़ाने की ज़रूरत है.

सेसिलिया बैलिएट ने, व्याख्यान के बाद यूएन न्यूज़ के साथ बातचीत में, अपने सन्देश को कुछ शब्दों में समेटते हुए कहा, “एकजुटता जीवनरक्षक जैकेट है - न सजावट, न विकल्प - बल्कि वो चीज़ जिसे पानी में तूफ़ान आने से पहले पहनना ज़रूरी है.”

(इंटरव्यू को स्पष्टता के लिए सम्पादित किया गया है).

यूएन न्यूज़: आप मानवाधिकार और अन्तरराष्ट्रीय एकजुटता पर संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र विशेषज्ञ हैं. “एकजुटता” के क्या मायने हैं?

सेसिलिया बैलिएट: एकजुटता, भेदभाव-रहित वातावरण की सकारात्मक साथी है. इसका मतलब है कि हर व्यक्ति को मानवाधिकारों का पूरा लाभ मिले - यानि “अधिकार पाने का अधिकार”.

व्यवहार में, एकजुटता उन गहरी असमानताओं का जवाब है जो देशों के भीतर और उनके बीच मौजूद हैं. बहुत से लोग सामाजिक-आर्थिक अधिकारों - जैसेकि आवास, भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ, नागरिक एवं राजनैतिक अधिकारों से भी वंचित हैं, जिनमें ऑनलाइन व ऑफ़लाइन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता शामिल है.

एकजुटता में काम करना, मतलब अधिकारों को वास्तविकता में बदलने के लिए ठोस क़दम उठाना है. जैसेकि किफ़ायती आवास के समर्थन में खड़े होना, वंचितों के लिए डिजिटल पहुँच सुनिश्चित करना, सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना, और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए सुरक्षित स्थानों की रक्षा करना.

यह सोच भी है और कार्यों का सिलसिला भी. एकजुटता वही दरवाज़ा खोलती है जिन अधिकारों पर लोगों का हक़ पहले से है.

यूएन न्यूज़: जब दुनिया भर में इतना अधिक ध्रुवीकरण और संघर्ष है, तो इसका क्या अर्थ है? कोई व्यक्ति एकजुटता का अभ्यास कैसे कर सकता है?

सेसिलिया बैलिएट: हम यह मानते हैं कि दूसरों से जुड़ाव इंसान होने का एक मूल हिस्सा है. यह रिश्ता कोविड-19 के दौरान टूट गया था. हम एक-दूसरे से अलग हो गए और अब तक उससे पूरी तरह से उबर नहीं पाए हैं. अब यह हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है कि हम इन रिश्तों को फिर से मज़बूत करें और एक-दूसरे के प्रति अपने दायित्व को स्वीकार करें. यह काम, हर समुदाय से, हर किसी की भागेदारी माँगता है - चाहे युवा हों या बुज़ुर्ग.

यूएन न्यूज़: क्या आपने अपने अनुभवों और यात्राओं में, कोई ऐसा देश या स्थान देखा है जहाँ एकजुटता सही, सकारात्मक या प्रभावशाली रूप में प्रकट होती हो?

सेसिलिया बैलिएट: सूरीनाम में मैंने एक पुनर्वास केन्द्र का दौरा किया. वहाँ ऐसे युवा थे जिन्होंने छोटे अपराध किए थे या समाज के हाशिये पर पहुँच गए थे. सामाजिक कार्यकर्ता उन्हें शिक्षा, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास दे रहे थे ताकि वे फिर से अपने समुदायों से जुड़ सकें. यह सचमुच एक प्रेरक अनुभव था.

सूरीनाम का इतिहास इस भावना को समझने में मदद करता है. इस देश में, डच उपनिवेश काल के दौरान, आदिवासी समुदायों, अफ़्रीकी मूल के लोगों और भारत व चीन से आए प्रवासी मज़दूरों को एक साथ लाया गया. इन समुदायों ने, पीढ़ियों के दौरान आपस में विवाह किए और एक ऐसी संस्कृति का निर्माण किया जो विविधता में एकता को महत्व देती है. लोग एक-दूसरे के त्यौहार मनाते हैं, एक-दूसरे का खाना खाते हैं, यहाँ तक कि एक-दूसरे के वस्त्र पहनते हैं. वहाँ मैंने जो आपसी सम्मान और समानता देखी, वह मैंने शायद ही कहीं और देखी हो.

यूएन न्यूज़: और यह भावना उस कार्यक्रम के माध्यम से किस तरह अभिव्यक्त होती है?

सेसिलिया एम. बैलिएट: वे युवाओं को शैक्षिक कार्यक्रमों में शामिल करते हैं, खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराते हैं जहाँ वे एथलेटिक गतिविधियों में भाग ले सकते हैं, परामर्श सत्र आयोजित करते हैं जहाँ प्रतिभागी अपने पिछले आघातों पर चर्चा करते हैं, उन चुनौतियों से उबरना सीखते हैं तथा समाज से जुड़ने के सकारात्मक तरीक़े खोजते हैं.

यूएन न्यूज़: आपने अपने व्याख्यान और अन्य अवसरों पर भी स्थानीयकरण के महत्व के बारे में बात की है - यानि प्रत्येक परिस्थिति की वास्तविकताओं के अनुसार एकजुटता की अभिव्यक्ति को अनुकूल बनाना. क्या आप इस पर थोड़ा विस्तार से बताएँगी?

सेसिलिया बैलिएट: यही मानवता की सुंदरता है - हम अनेक रूपों, आकारों और पृष्ठभूमियों में मौजूद हैं. एकजुटता हमारे अपने समुदायों के भीतर जन्म लेती है, जो हमारी विशिष्ट परिस्थितियों और वास्तविकताओं से आकार पाती है. हर समाज अपनी चुनौतियों का सामना करता है - चाहे वह लैंगिक असमानता हो, पर्यावरण का क्षरण हो, या विकास में असन्तुलन - और समाधान भी इन्हीं वास्तविकताओं से निकलना चाहिए.

जब समुदाय एकजुट होकर स्थानीय स्तर पर “अपना घर साफ़” करते हैं - यानि अपने आस-पास एकजुटता के साथ कार्य करते हैं, तो उसका सामूहिक प्रभाव वास्तव में परिवर्तनकारी हो सकता है. यदि दुनिया भर के समुदाय इस तरह की स्थानीय पहलों में शामिल हों, तो शान्ति को उस गहराई और स्थायित्व के साथ मज़बूत किया जा सकता है, जो कभी ऊपर से थोपे गए प्रयासों से सम्भव नहीं हुआ.

यूएन न्यूज़: आपने एकजुटता में महिलाओं की भूमिका और युवजन के बारे में भी बात की. क्या आप इन समूहों पर कुछ और कहना चाहेंगी?

सेसिलिया बैलिएट: लम्बे समय तक सहानुभूति और देखभाल पर आधारित दृष्टिकोण को - जिन्हें अक्सर महिलाओं के नेतृत्व से जोड़ा जाता है - अन्तरराष्ट्रीय नीति-निर्माण में पूरी मान्यता नहीं मिली. अब स्थिति बदल रही है. आज वकील और अन्य अधिवक्ता अदालतों में “देखभाल और सहानुभूति के दायित्व” को मान्यता दिलाने की दलील दे रहे हैं, जिससे ये दृष्टिकोण राष्ट्रीय-शासन की मुख्य धारा में आ रहे हैं. इस नज़रिये से राष्ट्र का दायित्व साफ़ है: सबसे वंचित - बुज़ुर्ग, बच्चे और विकलांग व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना.

यूएन न्यूज़: अगर कोई व्यक्ति कहे कि व्यक्तिगत तौर पर वो कुछ विशेष करना चाहते हैं, तो आप उन्हें क्या सलाह देंगी कि वह कैसे जुड़ना शुरू करें व एकजुटता के लिए कार्य करे?

सेसिलिया बैलिएट: मैंने नॉर्वे में एक पॉडकास्ट पर एक कहानी साझा की थी. साक्षात्कारकर्ता ने बताया कि उनका बेटा परेशान था क्योंकि स्थानीय सरकार ने री-सायकिल्ड कचरा नहीं उठाया था. मेरा जवाब सीधा था - उसे कहिए कि वह ख़ुद वह थैला उठाए और री-सीयकिल केन्द्र तक पहुँचा दे. दूसरों को दोष देने के बजाय हमें यह देखना चाहिए कि हम ख़ुद क्या कर सकते हैं और उसकी ज़िम्मेदारी लें.

छोटे, स्वयं-प्रेरित क़दम - जैसेकि किसी पड़ोसी की मदद करना या अपने समुदाय को बेहतर बनाना भी एकजुटता के कार्य हैं. अगर पर्याप्त संख्या में लोग ऐसा करने लगें, तो इससे समाज की पूरी संस्कृति में बदलाव आ सकता है.

यूएन न्यूज़: आज के इस ध्रुवीकृत दौर में कुछ लोग कहते हैं कि एकजुटता एक विलासिता है. आप इस पर क्या कहेंगी?

सेसिलिया बैलिएट: एकजुटता जीवनरक्षक जैकेट है. हिंसा अब सामान्य बात होती जा रही है, और सशस्त्र संघर्ष का ख़तरा वास्तविक है - जो हर किसी को प्रभावित करेगा. लेकिन हमारे पास एक अलग रास्ता चुनने का विकल्प है: एकजुटता में कार्य करना, आपसी सम्बन्धों को फिर से बनाना, और शान्ति के प्रति दृढ़ रहना. यह कोई विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है.