सीरिया

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अगर हम इदलिब में ग़ूता जैसे हालात से तुलना करें तो स्थिति छह गुना ज़्यादा भीषण हो सकती है जिसने 23 लाख लोगों पर असर डाला है.

स्तफाँ डी मिस्तूरा, सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत,
16 मई 2018 को सुरक्षा परिषद में की गई टिप्पणी

सीरिया संकट पर एक नज़र

सीरिया में मार्च 2011 में गृहयुद्ध शुरू होने के बाद से ही वहाँ अभूतपूर्व और अकल्पनीय तबाही और बर्बादी हुई है. साथ ही भारी संख्या में लोग बेघर भी हुए हैं. 50 लाख से ज़्यादा सीरियाई लोगों को देश छोड़कर भी भागना पड़ा है और क़रीब 60 लाख लोग देश के भीतर ही विस्थापित हुए हैं. एक करोड़ 30 लाख से ज़्यादा लोगों को जीवित रहने के लिए सहायता की ज़रूरत है. सीरियाई संघर्ष और युद्ध ने सीरियाई लोगों के लिए असीमित तकलीफ़ों और तबाही के हालात बना दिए जिनसे पुरुष, महिलाएँ और बच्चे कोई अछूते नहीं बच सके.

सीरिया संघर्ष आँकड़ों में

 युद्ध के प्रभाव

  • आठ वर्षों से जारी युद्ध की वजह से क़रीब 56 लाख लोगों को शरणार्थी बनना पड़ा है. क़रीब 61 लाख लोग देश के भीतर ही विस्थापित हो गए हैं (मार्च 2018 तक के आँकड़े)
  • सीरिया के भीतर ही क़रीब एक करोड़ 30 लाख लोगों को जीवित रहने के लिए मदद की ज़रूरत है, इनमें क़रीब 60 लाख बच्चे हैं.
  • वर्ष 2017 के अन्त में देश के आधे से ज़्यादा अस्पताल, क्लीनिक और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा केन्द्र सीमित रूप से काम कर रहे थे या फिर इस हद तक ध्वस्त और तबाह हो गए थे कि उनकी मरम्मत करना सम्भव नहीं था.

 यू एन एक्शन पर एक नज़र

  • सुरक्षा परिषद ने सीरिया में राजनैतिक कार्रवाई के लिए पहल की. वर्ष 2017 में 15 सदस्यों वाली सुरक्षा परिषद ने सीरिया स्थिति पर 33 बार चर्चा की, यहाँ तक कि अनौपचारिक बातचीत और चर्चा में भी सीरिया एक अति महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया. 2012 के बाद से ही सुरक्षा परिषद ने सीरिया पर 23 प्रस्ताव मंज़ूर किए हैं या फिर उनका सम्बन्ध मुख्य रूप से सीरिया से रहा.  
  • संयुक्त राष्ट्र ने सीरिया संकट का कोई राजनैतिक समाधान तलाश करने के लिए 2016 में शुरू करके सीरियाई बातचीत के 8 दौर आयोजित किए हैं.
  • वर्ष 2017 में, संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाले मानवीय सहायता काफ़िलों ने सीरिया के भीतर आठ लाख, 20 हज़ार और 200 लोगों तक मदद पहुँचाई.
  • संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाले रीजनल रैफ्यूजी एंड रेज़ीलेंस प्लान (3RP) – 2018 ने पड़ोसी देशों में क़रीब 50 लाख सीरियाई शरणार्थियों की मदद के लिए चार अरब 40 करोड़ डॉलर की रक़म जुटाने का आहवान किया है. इस कार्यक्रम का तहत क़रीब 40 लाख ऐसे मेज़बान लोगों की भी मदद की जाएगी जो इन शरणार्थियों की मदद कर रहे हैं.
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन और उसके साझीदार संगठनों ने सीरिया में 2017 के दौरान क़रीब एक करोड़ 40 लाख लोगों को इलाज मुहैया कराया.
  • 2017 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने क़रीब 25 लाख बच्चों को पोलियो के टीके लगाने के अभियान की अगुआई की. इसके अलावा क़रीब 48 लाख बच्चों को ख़सरा के भी टीके लगवाए गए. 
  • संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष ने सीरिया के भीतर सिर्फ़ दिसम्बर 2017 में ही, 19 हज़ार 454 बच्चों को जन्म दिलाने में मदद की, इनमें 8 हज़ार 746 ऑपरेशन के ज़रिए बच्चों की पैदाइश शामिल थी.  
  • संयुक्त राष्ट्र बाल कोष और उसके साझीदार संगठनों ने 2018 में 5 से 17 वर्ष की उम्र के क़रीब 22 लाख बच्चों को औपचारिक शिक्षा संस्थानों में पंजीकृत कराने की योजना बनाई.
  • संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने मार्च 2011 के बाद से ही अन्तरराष्ट्रीय क़ानूनों के उल्लंघन की घटनाओं की जाँच-पड़ताल स्वतंत्र अन्तरराष्ट्रीय जाँच आयोग से कराई है.

 

सीरिया स्तर की बातचीत

सीरियाई स्तर की बातचीत के बारे में कुछ जानकारी

सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत स्तफ़ाँ डी मिस्तूरा सीरिया के विभिन्न पक्षों के बीच बातचीत कराने और वहाँ युद्ध को ख़त्म करने के लिए अथक कोशिशें कर रहे हैं. जनवरी 2016 से ही विशेष दूत डी मिस्तूरा ने सीरियाई बातचीत के कई दौर आयोजित कराए हैं. साल 2017 और 2018 के दौरान भी ये बातचीत जारी रही. इन बातचीतों में सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2254 (2015) के दो प्रमुख पहलुओं पर ध्यान दिया गया है. पहला है - नया संविधान तैयार करने की प्रक्रिया और समय सीमा. और दूसरा है सीरियाई नेताओं द्वारा ख़ुद की प्रक्रिया के आधार पर चुनाव कराना जिनके ज़रिए युद्ध को समाप्त किया जा सके. 

सरियाई शान्ति प्रक्रिया के महत्वपूर्ण पड़ावों को देखने के लिए यहाँ क्लिक करें...

मानवीय पहलू

संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता

सीरिया में मार्च 2011 में युद्ध शुरू होने के बाद क़रीब ढाई लाख लोगों की मौत हो चुकी है और दस लाख से ज़्यादा घायल हुए हैं. सीरिया की आधी से ज़्यादा आबादी को या तो अपने घर छोड़ने के मजबूर होना पड़ा है, एक नहीं कई बार. इस तरह सीरिया दुनिया भर में विस्थापित लोगों का सबसे बड़ा संकट बन गया है.  पूरे देश में असुरक्षा के हालात हैं और मानवाधिकारों के बड़े पैमाने पर उल्लंघन हुआ है. अन्तरराष्ट्रीय क़ानून, अन्तरराष्ट्रीय मानवीय सहायता क़ानून और मानवाधिकार क़ानूनों का भी बड़े पैमाने पर उल्लंघन हुआ है. संयुक्त राष्ट्र ज़रूरतमंद लोगों तक मानवीय सहायता पहुँचाने के लिए साझीदारों के साथ मिलकर अथक प्रयास कर रहा है.

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ और साझीदार संगठन

मानवीय सहायता तालमेल एजेंसीू - OCHA

बच्चों की देखभाल - यूनीसेफ़

खाद्य सुरक्षा - FAO I WFP

स्वास्थ्य - WHO

विश्व विरासत - UNESCO

IIIM

अंतरराष्ट्रीय, निष्पक्ष और स्वतंत्र प्रक्रिया

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 दिसंबर 2016 को अंतरराष्ट्रीय, निष्पक्ष और स्वतंत्र प्रक्रिया (मैकेनिज़्म) का गठन किया. इसका उद्देश्य सीरिया में युद्ध के दौरान मानवाधिकार उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय मानवीय क़ानूनों के उल्लंघन के सबूत इकट्ठा करके उनका विश्लेषण करना है. इसका लक्ष्य ये भी है कि इन सबूतों और आकलन के आधार पर एक स्वतंत्र और निष्पक्ष आपराधिक प्रक्रिया चलाई जा सके. ये प्रक्रिया सीरिया के किसी राष्ट्रीय न्यायालय, क्षेत्रीय या फिर अंतरराष्ट्रीय अदालत या ट्राइब्यूनल में भी जलाई जा सकती है जिन्हें इन अपराधों के बारे में सुनवाई के अधिकार सौंपे जाएँ.

संयुक्त राष्ट्र महासभा का प्रस्ताव - 71/248 ( इंगलिश I अरबी  )

प्रस्ताव संख्या 71/248 को लागू करने के बारे में महासचिव की रिपोर्ट - (इंगलिश Iअरबी )

IIIM पर कुछ आम प्रश्न और उनके जवाब - ( इंगलिश Iअरबी )

IIIM को स्वैच्छिक योगदान की सूची (1 जुलाई 2017 तक)

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