वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

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मध्य पूर्व

ग़ाज़ा के ख़ान यूनिस में एक ट्रक के पीछे बैठे कुछ बच्चे यात्रा कर रहे हैं. (फ़ाइल)
© UNICEF/Eyad El Baba

ग़ाज़ा: ‘विध्वंस व विस्थापन’ के इसराइली तौर-तरीक़े, स्वतंत्र आयोग ने जाँच में किए उजागर

स्वतंत्र मानवाधिकार जाँचकर्ताओं की उच्चस्तरीय टीम ने ग़ाज़ा में इसराइली सेना के आचरण की वैधता पर गम्भीर प्रश्न खड़े करते हुए उन दावों का विरोध किया है, जिनके अनुसार फ़लस्तीनी चरमपंथियों द्वारा बन्धक बनाए गए लोगों की व्यथा को उजागर करने के लिए पर्याप्त कोशिशें नहीं की गई हैं.   

ग़ाज़ा में इसराइली बमबारी में बुनियादी ढाँचे और इमारतों को विशाल पैमाने पर नुक़सान हुआ है जिसके पुनर्निर्माण में वर्षों का समय और भारी धन लगेगा.
© UNICEF/Tess Ingram

ग़ाज़ा: इसराइली हमलों के दौरान, युद्ध के नियमों का हुआ 'निरन्तर उल्लंघन'

यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने कहा है कि ग़ाज़ा पट्टी में इसराइली सैन्य बलों द्वारा बमबारी किए जाने के मामलों में संयुक्त राष्ट्र की जाँच दर्शाती है कि युद्ध के नियमों का निरन्तर हनन हुआ है. इस दौरान शक्तिशाली बमों का इस्तेमाल किया गया और लड़ाकों व आम नागरिकों के बीच भेद ना किए जाने के भी आरोप सामने आए हैं.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश, ग़ाज़ा संकट पर विचार करने के लिए जॉर्डन में आयोजित अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए (11 जून 2024).
UN/Mohammad Ali

ग़ाज़ा: युद्धविराम और बन्धक रिहाई के लिए बिल्कुल सही क्षण, गुटेरेश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को कहा है कि ग़ाज़ा में एक व्यापक युद्धविराम और फ़लस्तीनी गुटों के पास बाक़ी बचे बन्धकों की रिहाई के लिए ये बिल्कुल सटीक क्षण है जिसका बेसब्री से इन्तेज़ार है. उन्होंने सुरक्षा परिषद में एक दिन पहले ही, ग़ाज़ा में युद्ध का अन्त करने के लिए पारित हुए प्रस्ताव का स्वागत किया है.

फ़लस्तीन के प्रश्न सहित, मध्य पूर्व स्थिति पर, सुरक्षा परिषद की बैठक, जिसमें इसराइल और हमास के बीच युद्धविराम की पेशकश करने वाला प्रस्ताव पारित किया गया (10 जून 2024).
UN Photo/Eskinder Debebe

ग़ाज़ा में 'तत्काल और पूर्ण' युद्धविराम प्रस्ताव, सुरक्षा परिषद में पारित

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने, 8 महीने से भीषण युद्ध से त्रस्त फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा में युद्धविराम की पेशकश करने वाला एक प्रस्ताव, सोमवार को पारित कर दिया है. संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव के समर्थन में 14 वोट पड़े हैं. वीटो अधिकार रखने वाले स्थाई सदस्य - रूस ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया.

ग़ाज़ा में बच्चे खाना पकाने के लिए कार्डबोर्ड एकत्र कर रहे हैं, ताकि उससे आग जला सकें.
© UNICEF/Eyad El Baba

ग़ाज़ा: पीड़ित परिवारों की गुज़र-बसर का बोझ बच्चों के कन्धों पर भी, ILO

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने आगाह किया है कि ग़ाज़ा में इसराइल-हमास युद्ध भड़कने के आठ महीने बाद, गुज़र-बसर के लिए संघर्ष कर रहे हताश परिवार अपने बच्चों को काम पर भेजने के लिए मजबूर हैं. यूएन एजेंसी के अनुसार, ग़ाज़ा में बेरोज़गारी दर 80 प्रतिशत के आँकड़े के पास पहुँच गई है.

मध्य ग़ाज़ा के नुसीरात इलाक़े में, UNRWA के एक स्कूल पर इसराइली हमले में, 35 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें लगभग 14 बच्चे भी थे.
UNRWA

ग़ाज़ा में UNRWA के स्कूल पर इसराइली हमले में अनेक लोग हताहत

संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता एजेंसियों ने कहा है कि ग़ाज़ा में संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित एक स्कूल पर, बीती रात एक इसराइली हमले में अनेक लोग हताहत हुए हैं. इसके अलावा युद्ध के कारण बेदख़ल हुए लोगों में हैज़ा और अन्य जानलेवा बीमारियाँ फैलने की चेतावनी भी जारी की गई है क्योंकि उन लोगों को घातक कूड़े-कचरे के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है.

7 अक्टूबर (2023) के बाद से, पश्चिमी तट में भी हिंसा में ख़ासी बढ़ोत्तरी हुई है और जून के प्रथम सप्ताह तक से अधिक फ़लस्तीनियों के मारे जाने की ख़बरें हैं.
© UNICEF/Alaa Badarneh

क़ाबिज़ पश्चिमी तट में, 7 अक्टूबर के बाद, 500 फ़लस्तीनियों की मौत

ग़ाज़ा युद्ध का असर इसराइल के क़ब्ज़े वाले अन्य फ़लस्तीनी इलाक़े – पश्चिमी तट में भी इस रूप में पड़ा है कि वहाँ 7 अक्टूबर के बाद से हिंसा में, 500 से अधिक फ़लस्तीनी मारे गए हैं.

ग़ाज़ा में विस्थापित लोगों को गर्म भोजन प्रदान किया जा रहा है.
© WFP/Ali Jadallah

ग़ाज़ा: युद्ध जारी रहने से, बिखर रहा है सामाजिक ताना-बाना

ग़ाज़ा पट्टी में आम फ़लस्तीनियों के लिए रहने की जगह निरन्तर सिकुड़ती जा रही है, और सीमित स्थान पर बड़ी संख्या में लोग शरण लेने के लिए मजबूर हैं. संयुक्त राष्ट्र मानवतावादी कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को सचेत किया है कि इन हालात में ग़ाज़ा का सामाजिक ताना-बाना बिखर रहा है.

ग़ाज़ा में युद्ध ने लाखों लोगों को भुखमरी और अकाल के नज़दीक धकेल दिया है. यूएन एजेंसिया अपनी क्षमतानुसार सहायता में सक्रिय हैं.
© WFP/Jaber Badwan

ग़ाज़ा: सहायता आपूर्ति में निरन्तर बाधाओं से, बच्चे भुखमरी की चपेट में

इसराइल के क़ब्ज़े वाले फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा में, युद्ध से त्रस्त लोगों तक बहुत कम मानवीय सहायता सामग्री पहुँच पा रही है, इस हद तक कम कि बहुत से बच्चों को अब भूखे पेट रहना पड़ रहा है. 

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष संयोजक टॉर वैनेसलैण्ड, सुरक्षा परिषद में फ़लस्तीन के सवाल पर, क्षेत्र की ताज़ा स्थिति की जानकारी देते हुए.
UN Photo/Ariana Lindquist

ग़ाज़ा: टोर वैनेसलैंड ने दोहराई युद्धविराम और बन्धकों की रिहाई की पुकार

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत टोर वैनेसलैंड ने सभी सम्बद्ध पक्षों से तुरन्त बातचीत की तरफ़ लौटने, बन्धकों की रिहाई और ग़ाज़ा पट्टी में तत्काल एक मानवीय युद्धविराम लागू किए जाने का आग्रह किया है. इस बीच इसराइली हमला जारी रहने से, मानवीय तकलीफ़ें बढ़ने के साथ-साथ क्षेत्रीय तनाव भी बढ़ रहा है.