74वीं 'जनरल डिबेट' की विशेष कवरेज
24 सितंबर – 30 सितंबर 2019

विश्व भर से नेता एक बार फिर यूएन महासभा के 74वें वार्षिक सत्र के लिए न्यूयॉर्क में एकत्र हुए है जहां वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयासों पर दुनिया भर की नज़रें लगी रहीं.  महासभा के उच्चस्तरीय खंड - आम बहस - की कवरेज से जुड़ी विस्तृत जानकारी यूएन समाचार ने आप तक पहुंचाने की कोशिश की. 

इस साल संयुक्त राष्ट्र महासभा में आम बहस के समानांतर कई महत्वपूर्ण शिखर वार्ताएं और बैठकें भी हुईं जिनसे टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने के प्रयासों और महत्वाकांक्षा जलवायु कार्रवाई को मज़बूती मिली, ऐसा माना जा रहा है.

21 सितंबर – युवा जलवायु शिखर वार्ता 
23 सितंबर – जलवायु कार्रवाई शिखर वार्ता; सार्वजनिक स्वास्थ्य कवरेज पर उच्च स्तरीय बैठक 
24-25 सितंबर – टिकाऊ विकास लक्ष्यों पर शिखर वार्ता 
26 सितंबर – विकास के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने पर उच्च स्तरीय संवाद 
27 सितंबर – लघु द्वीपीय विकासशील देशों के लिए समर्थन जुटाने पर बैठक

जनरल डिबेट का समापन: बहुपक्षवाद की अहमियत पर बल

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद-बांडे ने कहा है कि शांति, सुरक्षा और टिकाऊ विकास को हासिल करने का एकमात्र रास्ता यही है कि देश आपस में मिलकर काम करें. सोमवार को महासभा के 74वें सत्र के उच्चस्तरीय खंड के समापन भाषण के दौरान उन्होंने यह बात कही.

बांग्लादेश से 'रोहिंज्या शरणार्थियों की वापसी चाहता है म्यांमार'

म्यांमार के राखीन प्रांत में हिंसा से बचने के लिए बांग्लादेश में शरण लेने वाले रोहिंज्या शरणार्थियों की वतन वापसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. म्यांमार के राज्य काउंसलर कार्यालय में मंत्री क्यॉ तिन्त स्वे ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि यह मामला उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है. 

बांग्लादेश में चुनौतियों के बावजूद विकास के मोर्चे पर ‘चमत्कार’

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने शुक्रवार को यूएन महासभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक व्यवधानों और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद दुनिया मानती है कि उनके देश को विकास के मोर्चे पर चमत्कारिक नतीजे हासिल हुए हैं. 

चीन किसी की 'धमकियों से नहीं डरेगा'

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने शुक्रवार को यूएन महासभा में अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि संरक्षणवाद की चुनौती का सामना करते हुए उनका देश ना तो धमकियों से डरेगा और ना ही किसी के दबाव में आएगा.
 

इमरान ख़ान: कश्मीर मुद्दे पर भारत के साथ खुले टकराव की चेतावनी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शुक्रवार, 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए पड़ोसी देश भारत के साथ खुले टकराव की स्थिति पैदा होने की चेतावनी दी. महासभा के 74वें सत्र की उच्चस्तरीय जनरल डिबेट में शिरकत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत जब विवादित क्षेत्र कश्मीर में लगभग दो महीनों से लगाया हुआ कर्फ्यू उठाएगा तो वहाँ ख़ूनख़राबा होने के बहुत आसार हैं.

बिखर रही दुनिया किसी के हित में नहीं – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा है कि विश्व का स्वरूप बदल रहा है और गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है. विश्व का बिखराव किसी के हित में नहीं है इसलिए दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए समरसता, विश्व बंधुत्व, विश्व कल्याण और शांति का संदेश है जो संयुक्त राष्ट्र का भी ध्येय रहा है.

इसराइल: ईरान को परमाणु हथियार बनाने की इजाज़त नहीं दी जा सकती

इसराइल के विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए एकजुट होना चाहिए. 

महमूद अब्बास ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से इसराइली "घमंड" को ख़ारिज करते हुए ख़बरदार किया

फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने गुरूवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए इसराइली सरकार के, उन्हीं के शब्दों में, “घमंडी और आक्रामक” रवैये की निंदा की और संयुक्त राष्ट्र का आहवान किया कि संकट हल करने के लिए दो राष्ट्रों की स्थापना वाले समाधान के लिए ज़ोरदार प्रयास किए जाएँ.

खाड़ी क्षेत्र को बिखरने से बचाने के लिए 'आशाओं के गठबंधन' की पुकार

ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा है कि खाड़ी क्षेत्र में लगातार बढ़ते तनाव से वह बिखरने के कगार पर पहुंच गया है. क्षेत्र में उपजे नाज़ुक हालात का ज़िक्र करते हुए राष्ट्रपति रोहानी ने कहा कि ज़रा सी भूल एक बड़ी आग को हवा दे सकती है. 

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन की 'विनाशकारी डिजिटल भविष्य' के बारे में चेतावनी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र के उच्च स्तरीय खंड को अपना संबोधन मुख्य रूप से आर्टिफ़िशियल इंटैलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के बढ़ते ख़तरों की तरफ़ पर केंद्रित किया. साथ ही उन्होंने ब्रेक्ज़िट का भी संक्षिप्त ज़िक्र किया जिसमें इसकी तुलना ग्रीस की एक पौराणिक कथा के साथ की.  यूरोपीय संघ की सदस्यता समाप्त करके इस ढाँचे से बाहर आने के ब्रिटेन के फ़ैसले को ब्रेक्ज़िट कहा जा रहा है. 

PHOTOS FROM महासभा का 74वाँ सत्र