कोविड-19: अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एमरजेंसी – यूएन हिन्दी न्यूज़ कवरेज
पहली बार इन मामलों का दिसंबर 2019 में चीन के वूहान में पता चला

चीन सहित दुनिया के कई देश नॉवल कोरोनावायरस (कोविड-19) के ख़तरे का सामना कर रहे हैं. चीन सहित अनेक देशों में इस वायरस के संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. संक्रमण के दो लाख से अधिक मामलों की पुष्टि हुई है और साढ़े आठ हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत भी हो चुकी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) हालात पर क़ाबू पाने के लिए विशेषज्ञों, सरकारों व साझेदार संगठनो के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि नए वायरस के बारे में वैज्ञानिक जानकारी को पुख़्ता बनाया जा सके, उसके फैलने और घातकता में कमी लाई जाए और प्रभावित देशों व व्यक्तियों को सेहत का ध्यान रखने के लिए ज़रूरी क़दमों को सुनिश्चित किया जा सके. कोरोनावायरस से जुड़ी ख़बरों पर नियमित अपडेट यहां उपलब्ध है...

बांग्लादेश: कोविड-19 से बचाव के लिए फ़ेस मास्क बनाने में जुटा स्थानीय समुदाय

कोविड-19 महामारी फैलने की आंच बांग्लादेश तक भी पहुंच रही है और कॉक्सेस बाज़ार में रह रहे लाखों रोहिंज्या शरणार्थियों और स्थानीय समुदाय के स्वास्थ्य के लिए ख़तरा पैदा रहा है. इस बीमारी की रोकथाम के उपायों को इन समुदायों तक पहुंचाने के काम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे हैं. संक्रमण से उनकी सुरक्षा व बचाव के लिए एक नई पहल शुरू की गई है जिसमें स्थानीय समुदाय के सदस्य कपड़े के हज़ारों फ़ेस मास्क बना रहे हैं.

कोविड-19: संकट काल में खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाना ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र की तीन प्रमुख एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों ने कहा है कि कोविड-19 से अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण की रक्षा करते समय देशों को यह ध्यान में रखना होगा कि व्यापार-संबंधी ऐसे क़दम ना उठाए जाएं जिनसे खाद्य आपूर्ति श्रृंखला (फ़ूड सप्लाई चेन) या खाद्य सुरक्षा पर असर पड़े. 

कोविड-19 के दूरगामी दुष्प्रभावों से निपटने के लिए नई योजना पेश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को एक नई योजना को पेश किया है जिसमें विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के विनाशकारी नतीजों से निपटने की रूपरेखा बनाई गई है और निम्न व मध्य आय वाले देशों के लिए एक वैश्विक फ़ंड की स्थापना की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक कोरोनावायरस महामारी समाजों की बुनियाद और लोगों की आजीविका के साधनों पर हमला कर रही है, बड़ी संख्या में लोगों की मौत का कारण बन रही है और मौजूदा हालात से वैश्विक अर्थव्यवस्था व देशों पर दूरगामी दुष्प्रभाव होने की आशंका प्रबल हो रही है. 

कोविड-19: आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का जारी रहना अहम

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टैड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित इटली, स्पेन और अमेरिका सहित कई अन्य देशों की स्वास्थ्य प्रणालियों और सेवाओं पर भारी बोझ पड़ा है. लेकिन संकट की इस घड़ी में अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुनिश्चित करना होगा ताकि ऐसी मौतों को टाला जा सके जिनकी उपचार के ज़रिए रोकथाम हो सकती है.   

कोविड-19: शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें महिलाएं

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से ऐहतियाती उपायों के मद्देनज़र तालाबंदी होने से महिलाओं की मुश्किलें बढ़ी हैं लेकिन उन्हें पारिवारिक ज़रूरतों के साथ-साथ अपने शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान भी रखना होगा.

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कोविड-19: उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए 2.5 ट्रिलियन डॉलर की ज़रूरत

विश्व की दो-तिहाई आबादी (चीन को छोड़कर) को कोविड-19 के कारण अभूतपूर्व आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है और हालात बेहतर होने से पहले और भी ज़्यादा ख़राब होने की आशंका है. संयुक्त राष्ट्र ने स्थिति की गंभीरता के मद्देनज़र सोमवार को विकासशील देशों के लिए ढाई ट्रिलियन डॉलर के राहत पैकेज की अपील की है ताकि अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की भावना को ठोस कार्रवाई का आकार दिया जा सके. 

कोविड-19 से पनप रही है नफ़रत, यूएन विशेषज्ञ की चेतावनी

अल्पसंख्यक मामलों पर संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ फ़र्नान्ड डे वैरेनेस ने ध्यान दिलाया है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण उपजी अन्य चुनौतियों का भी ख़याल रखा जाना ज़रूरी है. उन्होंने आगाह किया कि हाल के दिनों में चीनी और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है और प्रवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रखने की कोशिशें भी हो रही हैं. 

कोविड-19: वूहान में दो महीने तक एकांतवास की आपबीती

कोविड-19 का मुक़ाबला करने के लिए अनेक देशों ने हाल ही में लॉकडाउन यानी पूर्ण तालाबंदी लागू करने की घोषणा की है. जिसके कारण आमजन को काफ़ी समय अपने घरों पर ही गुज़ारना पड़ रहा है. चीन के वूहान प्रान्त को इस वायरस का जन्म स्थान माना जा रहा है और वहाँ लोगों को ख़ुद को एकांतवास में रखने का समय लगभग दो महीना रहा है. यूएन न्यूज़ ने वूहान के एक निवासी डीज़ी (परिवर्तित नाम) से यह जानने के लिए बातचीत की एकांतवास का सामना वो कैसे कर रही हैं. अनूदित साक्षात्कार के संपादित अंश...

कोविड-19: घबराएँ नहीं, धैर्य रखें - एक डॉक्टर का अहम संदेश

शियांग लू उन हज़ारों चीनी डॉक्टरों में से एक हैं जिन्हें सबसे ज़्यादा प्रभावित हूबेई प्रान्त में कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के लिए भेजा गया था. ये तब जब वहाँ कोविड-19 संक्रमण अपने चरम पर पहुँच गया था. यूएन न्यूज़ ने जब 23 मार्च को शियांग लू से बातचीत की तो उनका कहना था कि वहाँ स्थिति में काफ़ी सुधार आ चुका है और शायद जल्द ही उन्हें अपने घर वापिस लौटने का मौक़ा मिल जाए.

कोविड-19: इसराइल द्वारा फ़लस्तीनियों के साथ सहयोग की सराहना

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिए संयुक्त राष्ट्र  विशेष समन्वयक निकोलय म्लादेनॉफ़ ने कोविड-19 महामारी मुक़ाबला करने के लिए इसराइली और फ़लस्तीनी सरकारों के बीच हो रहे सहयोग  सराहना की है.

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