कोविड-19: अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एमरजेंसी – यूएन हिन्दी न्यूज़ कवरेज
पहली बार इन मामलों का दिसंबर 2019 में चीन के वूहान में पता चला

चीन सहित दुनिया के कई देश नॉवल कोरोनावायरस (कोविड-19) के ख़तरे का सामना कर रहे हैं.  चीन सहित अनेक देशों में इस वायरस के संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. संक्रमण के 40 लाख से अधिक मामलों की पुष्टि हुई है और दो लाख 75 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) हालात पर क़ाबू पाने के लिए विशेषज्ञों, सरकारों व साझेदार संगठनो के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि नए वायरस के बारे में वैज्ञानिक जानकारी को पुख़्ता बनाया जा सके, उसके फैलने और घातकता में कमी लाई जाए और प्रभावित देशों व व्यक्तियों को सेहत का ध्यान रखने के लिए ज़रूरी क़दमों को सुनिश्चित किया जा सके.

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कोविड-19: वैक्सीन के लिये 2020 के अन्त 50 करोड़ सिरींज के भण्डारण की तैयारी

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के मुक़ाबले रक्षा कवच तैयार करने के लिये एक असरदार वैक्सीन की तलाश के बीच,  वैक्सीन के त्वरित, सुरक्षित और दक्षतापूर्ण वितरण के लिये ज़रूरी प्रक्रिया को मूर्त रूप देना शुरू कर दिया है. इन तैयारियों के तहत इंजेक्शन के लिये 50 करोड़ से ज़्यादा सिरींज और अन्य ज़रूरी उपकरणों की ख़रीदारी और भण्डारण व्यवस्था को पुख़्ता बनाया जा रहा है जिसकी संख्या वर्ष 2021 एक अरब तक बढ़ाए जाने की सम्भावना है. 

कोविड-19: स्वास्थ्य, सामाजिक व आर्थिक चुनौतियों से निपटने में एकजुटता की दरकार

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से दुनिया भर में ना सिर्फ़ मानव जीवन को भीषण नुक़सान हुआ है बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, खाद्य प्रणालियों और कामकाजी दुनिया के लिये एक अभूतपूर्व चुनौती पैदा हो गई है. संयुक्त राष्ट्र की अग्रणी एजेंसियों ने मंगलवार को एक साझा बयान जारी करके मौजूदा हालात की व्यापकता और विकरालता पर चिन्ता ज़ाहिर की है.  

कोविड-19: संक्रमितों के स्वास्थ्य पर दीर्घकालीन असर चिन्ता का सबब

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अनेक देशों में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में आई तेज़ी के बीच उन लोगों के स्वास्थ्य के प्रति चिन्ता जताई है जो कोरोनावायरस से संक्रमित होने के कई महीने बाद भी थकान, साँस लेने में परेशानी सहित अन्य स्वास्थ्य कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं. यूएन एजेंसी के मुताबिक स्वास्थ्य जोखिमों के मद्देनज़र कोविड-19 को बेक़ाबू होकर फैलने देने की अनुमति किसी भी हालात में नहीं दी जा सकती.    

गुणवत्तापरक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश बढ़ाने की पुकार

वैश्विक महामारी कोविड-19 से उपजे गहरे संकट से तेज़ी से उबरने के लिये यह ज़रूरी है कि सभी ज़रूरतमन्दों को गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराई जाए. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने शनिवार, 10 अक्टूबर, को ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ के अवसर पर आगाह किया है कि कोरोनावायरस के कारण लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भारी असर हुआ है और इसके दुष्परिणामों से निपटने के लिये संसाधन निवेश की तत्काल सख़्त ज़रूरत है. 

कोविड-19: चीन सर्वजन के लिये वैक्सीन सुनिश्चित करने के वैश्विक प्रयासों में शामिल

चीन सहित तीन देश कोविड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में एक असरदार वैक्सीन विकसित किये जाने और उसे न्यायसंगत रूप से वितरित किये जाने के लिये शुरू की गई वैश्विक पहल में शामिल हो गए हैं. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने जिनीवा में शुक्रवार को एक प्रैस वार्ता के दौरान इस सम्बन्ध में जानकारी सामने रखी. 

कोविड-19 के दौरान विश्व व्यापार – बेहतरी के संकेत, मगर अनिश्चितता बरक़रार

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण वैश्विक व्यापार में दर्ज हुई भारी गिरावट के बाद अब उसके फिर उभरने के संकेत नज़र आने लगे हैं. लेकिन विश्व व्यापार संगठन (WTO) ने बुधवार को आगाह किया है कि आगामी दिनों में व्यापार में बेहतरी महामारी के फैलाव की स्थिति और उससे निपटने के लिये की जाने वाली कार्रवाई पर भी निर्भर करती है. संक्रमण के मामले फिर बढ़ने की स्थिति में विश्व व्यापार एक बार फिर बुरे व्यवधान का शिकार हो सकता है.

कोविड-19: सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज में संसाधन निवेश बहुत ज़रूरी, अभी से

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 की विकराल चुनौती के मद्देनज़र सभी सरकारों से वैश्विक स्वास्थ्य कल्याण में संसाधनों का निवेश बढ़ाने और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के वादे को पूरा करने की पुकार लगाई है. यूएन प्रमुख ने बुधवार को एक नया नीतिपत्र जारी करते हुए आगाह किया है कि महामारी से निपटने की तैयारियों व जवाबी कार्रवाई को मज़बूत बनाया जाना होगा ताकि फिर से दुनिया में ऐसे हालात पैदा ना हों. 

कोविड-19: ऐहतियाती उपायों से प्रभावित समुद्री नाविकों को राहत पहुँचाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं ने वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण लाखों समुद्री नाविकों, चालक दल के सदस्यों व अन्य कर्मचारियों के एक अभूतपूर्व संकट से प्रभावित होने पर चिन्ता ज़ाहिर की है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR), संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल कॉम्पैक्ट और व्यवसाय व मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के कार्यकारी दल ने मंगलवार को अपने एक साझा बयान में व्यवसाय क्षेत्र और सम्बद्ध पक्षकारों से नाविकों की व्यथा को दूर करने के लिये समुचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है. 

कोविड-19: संक्रमण व मौतों के 70 फ़ीसदी से ज़्यादा मामले केवल 10 देशों में

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि वैसे तो सभी देश कोविड-19 महामारी से प्रभावित हुए हैं लेकिन यह भी ध्यान रखा जाना होगा कि यह एक असमान ढँग से फैली हुई महामारी है. कोरोनावायरस के संक्रमण और उसके कारण हुई मौतों के 70 फ़ीसदी से ज़्यादा मामले महज़ 10 देशों में हुए हैं, और एक अनुमान के मुताबिक वैश्विक आबादी का क़रीब दस फ़ीसदी हिस्सा अब तक इससे संक्रमित हो चुका है. 

कोविड-19 पर जवाबी कार्रवाई में देशों के लिये एक ‘बेहद अहम लम्हा’

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने दुनिया भर में कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों और मृतकों की संख्या दस लाख से ज़्यादा होने पर अफ़सोस जाहिर करते हुए कहा है कि प्रभावित देश अब भी मज़बूत नेतृत्व और व्यापक रणनीतियों के सहारे, और ज़्यादा देरी किये बिना, कोविड-19 पर क़ाबू पा सकते हैं. 

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