कोविड-19: अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एमरजेंसी – यूएन हिन्दी न्यूज़ कवरेज
पहली बार इन मामलों का दिसंबर 2019 में चीन के वूहान में पता चला

चीन सहित दुनिया के कई देश नॉवल कोरोनावायरस (कोविड-19) के ख़तरे का सामना कर रहे हैं.  चीन सहित अनेक देशों में इस वायरस के संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. संक्रमण के 40 लाख से अधिक मामलों की पुष्टि हुई है और दो लाख 75 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) हालात पर क़ाबू पाने के लिए विशेषज्ञों, सरकारों व साझेदार संगठनो के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि नए वायरस के बारे में वैज्ञानिक जानकारी को पुख़्ता बनाया जा सके, उसके फैलने और घातकता में कमी लाई जाए और प्रभावित देशों व व्यक्तियों को सेहत का ध्यान रखने के लिए ज़रूरी क़दमों को सुनिश्चित किया जा सके.

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वैश्विक महामारी के रोकथाम उपायों में व्यापक फेरबदल की पुकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा नियुक्त एक पैनल ने अपनी रिपोर्ट में वैश्विक महामारियों के ख़तरों व विनाशकारी असर से निपटने के लिये निडर कार्रवाई का आग्रह किया है. महामारी की तैयारी एवँ जवाबी कार्रवाई के लिये अन्तरराष्ट्रीय पैनल (Independent Panel for Pandemic Preparedness and Response) ने अपनी रिपोर्ट में यूएन स्वास्थ्य एजेंसी को ज़्यादा अधिकार दिये जाने की आवश्यकता पर बल दिया है.

कोविड-19: वैक्सीन पेटेण्ट अधिकारों में छूट, 'अभूतपूर्व अमेरिकी समर्थन' का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 वैक्सीन के बौद्धिक सम्पदा अधिकारों में छूट के लिये अमेरिकी सरकार द्वारा समर्थन दिये जाने की घोषणा का स्वागत किया है. महासचिव गुटेरेश ने इस निर्णय को अभूतपूर्व क़रार देते हुए कहा है कि यह वैक्सीन उत्पादकों के लिये, ज्ञान व टैक्नॉलॉजी को साझा करने का अवसर है, जिससे स्थानीय स्तर पर वैक्सीन उत्पादन के प्रभावशाली विस्तार की सम्भावना को मूर्त रूप दिया जा सकेगा.    

कोविड-19: संक्रमितों के स्वास्थ्य लाभ के लिये नए दिशानिर्देश

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोविड-19 संक्रमण से पीड़ित मरीज़ों की स्वास्थ्य देखभाल के लिये मंगलवार को नए दिशानिर्देश जारी किये हैं. इन गाइडलाइन्स में उन मरीज़ों की स्वास्थ्य दिक्कतों पर भी ध्यान केन्द्रित किया गया है जोकि कोरोनावायरस संक्रमण से उबरने के कई महीने बाद भी इसके लक्षणों से पीड़ित (Long COVID) हैं और पूरी तरह ठीक महसूस नहीं कर पा रहे हैं.   

दावोस बैठक में यूएन प्रमुख का सन्देश - महामारी से पुनर्बहाली में निजी क्षेत्र की अहम भूमिका

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अग्रणी व्यवसायियों को सम्बोधित करते हुए ध्यान दिलाया है कि कोविड-19 और जलवायु संकट से देशों को बाहर निकालने में निजी क्षेत्र को अहम भूमिका निभानी होगी. यूएन प्रमुख ने सोमवार को स्विट्ज़रलैण्ड के दावोस शहर में विश्व आर्थिक मँच की वार्षिक बैठक में वर्चुअल शिरकत करते हुए कहा कि महामारी से पुनर्बहाली की प्रक्रिया में समावेशन को सुनिश्चित करते हुए टिकाऊ विकास की दिशा में क़दम बढ़ाए जाने होंगे. 

कोविड-19: वायरस के नए प्रकार से 'गम्भीर संक्रमणों' की लहर का ख़तरा

वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण हाल के महीनों में व्यापक क्षति हुई है और वायरस का नया रूप जल्द ही संक्रमणों के मामलों में फिर से तेज़ उछाल का सबब बन सकता है. संयुक्त राष्ट्र में राजनैतिक और शान्तिनिर्माण मामलों की अवर महासचिव रोज़मैरी डीकार्लो ने सोमवार को सुरक्षा परिषद को वीडियो लिन्क के ज़रिये सम्बोधित करते हुए कहा कि महामारी की वजह से कूटनीतिक और शान्ति स्थापना प्रयासों में बाधाओं और जटिलताओं का सामना करना पड़ा है.

यूएन श्रम एजेंसी: कोविड-19 से वैश्विक आय और उत्पादकता को भारी नुक़सान

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) का एक नया अनुमान दर्शाता है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण रोज़गार के अवसरों, कामकाजी घण्टों और आय पर भारी असर हुआ है. वर्ष 2020 में दुनिया भर में कामकाजी घण्टों में 8.8 फ़ीसदी का नुक़सान हुआ जोकि 25 करोड़ से ज़्यादा पूर्णकालिक रोज़गारों के बराबर है. यूएन एजेंसी के नए आकलन के मुताबिक वर्ष 2009 के वैश्विक वित्तीय संकट की तुलना में यह आँकड़ा लगभग चार गुणा अधिक है.  

कोविड-19 काल में व्यवधान – शिक्षा की नए सिरे से परिकल्पना का अवसर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने रविवार, 24 जनवरी, को अन्तरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर वैश्विक महामारी की पृष्ठभूमि  में छात्रों, शिक्षकों और परिवारों की सहनक्षमता को श्रृद्धांजलि अर्पित की है. ग़ौरतलब है कि महामारी की रोकथाम के ऐहतियाती उपायों के मद्देनज़र विश्व भर में स्कूलों, शैक्षणिक संस्थाओं और विश्वविद्यालों को बन्द कर दिया गया जिससे करोड़ों ज़िन्दगियाँ प्रभावित हुई हैं.  

कोविड-19: पूर्ण ख़ात्मे के लिये, इसका अन्त हर किसी के लिये ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतन्त्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 जब तक हर किसी के लिये ख़त्म नहीं हो जाती, तब तक इस महामारी का अन्त किसी के लिये भी नहीं होगा. यूएन के विशेष रैपोर्टेयर ने महामारी पर क़ाबू पाने के लिये वैश्विक स्तर पर न्यायसंगत टीकाकरण सम्भव बनाने और समन्वित प्रयासों की पुकार लगाई है. 

कोविड-19: ‘वैक्सीन की जमाखोरी’ से अफ़्रीका पर मंडराता जोखिम

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरुवार को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कोविड-19 महामारी से बचाव के लिये, अफ़्रीका से इतर, अन्य क्षेत्रों में स्थित देश टीकों की जमाखोरी और द्विपक्षीय समझौते कर रहे हैं. इसके परिणामस्वरूप वैक्सीन की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी हो रही है जिससे महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में अफ़्रीका के पीछे छूट जाने का जोखिम है. 

कोविड-19: स्वतन्त्र आयोग की अन्तरिम रिपोर्ट, जवाबी कार्रवाई में मिली कमियाँ

कोरोनावायरस संकट की पृष्ठभूमि में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा नियुक्त विशेषज्ञों ने कहा है कि मौजूदा वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली, विश्वव्यापी महामारियों के प्रति समय रहते आगाह करने और पुख़्ता जवाबी कार्रवाई करने के लिये पूरी तरह सक्षम नहीं है. इन विशेषज्ञों ने मंगलवार को अपनी एक अन्तरिम रिपोर्ट जारी की है जिसमें कोविड-19 महामारी और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों से निपटने के लिये एक नए ढाँचे की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है.