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कोविड-19: यूएन हिन्दी कवरेज

कोविड-19: अन्तरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपदा – यूएन हिन्दी न्यूज़ कवरेज
पहली बार इन मामलों की जानकारी, दिसम्बर 2019 में चीन के वूहान में मिली.

चीन सहित दुनिया के कई देश नॉवल कोरोनावायरस (कोविड-19) के ख़तरे का सामना कर रहे हैं. चीन सहित अनेक देशों में इस वायरस के संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते रहे हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) हालात पर क़ाबू पाने के लिए विशेषज्ञों, सरकारों व साझीदार संगठनो के साथ मिलकर काम करता रहा है ताकि नए वायरस के बारे में वैज्ञानिक जानकारी को पुख़्ता बनाया जा सके, उसके फैलने और घातकता में कमी लाई जाए और प्रभावित देशों व व्यक्तियों को सेहत का ध्यान रखने के लिए ज़रूरी क़दम सुनिश्चित किए जा सकें.

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पूरी सुरक्षात्मक किट पहने एक स्वास्थ्यकर्मी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के बुनिया में यूनिसेफ के ब्रांड वाले एक तम्बू अस्पताल को कीटाणुरहित कर रहा है।
© UNICEF/John James

भविष्य की महामारियों की रोकथाम के लिए वैश्विक समझौते को पूरा करने की अपील

वैश्विक अधिकारियों ने दुनिया भर के नेताओं से, भविष्य में कोविड-19 जैसी महामारी को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण अन्तरराष्ट्रीय समझौते को अन्तिम रूप देने की अपील की है. यह अपील सोमवार को जारी एक संयुक्त पत्र में की गई है.

अल्बानिया के तिराना शहर के एक क्लिनिक में एक चिकित्सा पेशेवर एक बुजुर्ग महिला को कोविड-19 का टीका लगा रहा है।
© WHO/Arete/Florion Goga

कोविड-19 अब भी गम्भीर संक्रमण की वजह, मगर वैक्सीन एक कारगर बचाव उपाय

कई वर्षों तक दुनिया को थाम देने वाली, कोविड-19 वैश्विक महामारी का आधिकारिक रूप से भले ही अन्त घोषित किया जा चुका हो, लेकिन यह अब भी लोगों में संक्रमण, उनके अस्पतालों में भर्ती होने और मौतों की वजह बन रही है. इसके मद्देनज़र, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपने एक नए अध्ययन में गम्भीर संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन लगाए जाने की सिफ़ारिश की है, विशेष रूप से संक्रमण के प्रति सम्वेदनशील बुज़ुर्ग आबादी व पहले से ही अन्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को.

भारत में एक स्वास्थ्यकर्मी एक पुरुष मरीज को कोविड-19 का टीका लगा रहा है।
UNDP India/ Gaurav Menghaney

WHO: 'वैश्विक महामारी तैयारी सन्धि' के रास्ते में बाधाओं को दूर करना की पुकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुखिया डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने देशों से, वैश्विक महामारी सन्धि को अन्तिम रूप देने में आने वाली शेष बाधाओं को दूर करने की पुकार लगाई है.

शेंज़ेन, चीन में एक व्यस्त पैदल मार्ग पर लोग चेहरे पर मास्क पहने हुए चल रहे हैं।
Man Aihua

WHO: महामारियों से निपटने के लिए ऐतिहासिक समझौता, युवाओं में नज़र आई उम्मीद

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सदस्य देशों ने एक ऐतिहासिक क़दम उठाते हुए पहली बार एक अन्तरराष्ट्रीय समझौते को मंज़ूरी दी है, जिसका उद्देश्य भविष्य में महामारी की रोकथाम, बेहतर तैयारी और प्रभावी जवाबी कार्रवाई सुनिश्चित करना है. इस समझौते पर, दुनिया भर से आए युवा प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए जिनमें बेहतर स्वास्थ्य से भरे भविष्य के लिए उम्मीद नज़र आई. ...(वीडियो)

पूरी तरह से पीपीई पहने दो चिकित्साकर्मी वेंटिलेटर से जुड़े अस्पताल के बिस्तर पर एक मरीज की देखभाल कर रहे हैं।
Unsplash/Mufid Majnun

WHO का महामारी समझौता, वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा की ओर एक ऐतिहासिक क़दम

WHO का महामारी तैयारी समझौता अब आधिकारिक रूप से अपना लिया गया है. यह एक ऐतिहासिक और बेहद अहम पहल है, जो ऐसे समय में सामने आई है जब पूरी दुनिया अस्थिरता और स्वास्थ्य संकटों का सामना कर रही है. यह समझौता ना केवल देशों को एकजुट करता है, बल्कि भविष्य की महामारियों की रोकथाम के लिए बेहतर तैयारी, त्वरित जवाबी प्रतिक्रिया और समन्वित प्रयासों का मार्ग भी दिखाता है...(वीडियो)

 

टोक्यो के शिनागावा स्टेशन से सुरक्षात्मक मास्क पहने यात्री गुजर रहे हैं।
© ADB/Richard Atrero de Guzman

WHO: महामारी तैयारी समझौते के बारे में ग़लतफ़हमियों के जवाब!

WHO की महामारी तैयारी सन्धि को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की ग़लतफ़हमियाँ फैलाई जा रही हैं — जैसे कि यह सन्धि जबरन वैक्सीन लगवाएगी, तालाबन्दी थोपेगी या नहीं मानने वाले देशों को दंडित करेगी. लेकिन सच इससे बिल्कुल अलग है. यह सन्धि देशों पर किसी भी प्रकार की बाध्यता नहीं थोपती है. दरअसल, यह एक वैश्विक समझौता है जिसमें देश आपसी सहमति से एक बेहतर ढाँचे की दिशा में काम करेंगें, ताकि भविष्य में महामारी जैसी स्थितियों से मिलकर, समन्वय और समानता के साथ निपटा जा सके...(वीडियो}

नर्स रोजमेरी राइकेकेनी सोलोमन द्वीप समूह के पूर्वी ग्वाडलकैनाल के कुवामिती गांव में अपनी मां की गोद में बैठे एक बच्चे को कोविड-19 का टीका लगा रही हैं।
© WHO/Neil Nuia

भविष्य में महामारियों से बचाव के लिए देशों का ऐतिहासिक समझौता

कोविड-19 स्वास्थ्य आपदा से सबक़ सीखने के इरादे से प्रेरित तीन साल की बातचीत के बाद, देशों ने भविष्य की महामारियों को बेहतर ढंग से रोकने, उनका मुक़ाबला करने के लिए तैयार रहने और जवाबी कार्रवाई करने के लिए दुनिया का प्रथम ऐतिहासिक अन्तरराष्ट्रीय समझौता अपनाया है.

भारत में एक स्वास्थ्यकर्मी एक पुरुष मरीज को कोविड-19 का टीका लगा रहा है।
UNDP India/ Gaurav Menghaney

महामारी तैयारी समझौते के बारे में कुछ अहम जानकारी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोविड-19 महामारी से हुए विशाल विनाश से सबक़ सीखने के प्रयासों के तहत, एक महामारी तैयारी सन्धि पर दस्तख़त किए जाने की कोशिशों की अगुवाई की है. इस सन्धि के मसौदे को कुछ सप्ताह पहले, जिनीवा में सदस्य देशों ने स्वीकृत किया था, जिसे सन्धि का रूप देने के लिए, विश्व स्वास्थ्य सभा की बैठक में पेश किया गया है. इस सभा की बैठक सोमवार, 19 मई को शुरू हुई है. इस महामारी तैयारी समझौते के बारे में कुछ अहम जानकारी... (वीडियो)

इंडोनेशिया के एक क्लिनिक में एक दाई गर्भवती महिला के पेट की जांच कर रही है।
© UNICEF/Ulet Ifansasti

जिनीवा में, ‘महामारी तैयारी सन्धि’ को मंज़ूरी के मुद्दे पर विश्व पंचायत

क्या दुनिया अगली महामारी का मुक़ाबला करने के लिए बेहतर तरीक़े से तैयार है? ऐसे में जबकि देश अब भी कोविड-19 के स्थाई प्रभावों से जूझ रहे हैं, यही सवाल, भविष्य की महामारियों का सामना करने के बारे में एक अन्तरारष्ट्रीय समझौते को आकार दे रहा है. इस समझौते को अपनाए जाने के बारे में, जिनीवा में सोमवार को देशों के बीच अहम बैठक शुरू हुई है जो 27 मई तक चलेगी.

एक फोटो कोलाज जिसमें स्क्रब पहने एक डॉक्टर, माइक्रोफोन में बोलते एक व्यक्ति, हल्के रंग की जैकेट पहने एक महिला, पंखों वाली पगड़ी पहने एक आदिवासी बुजुर्ग, सफेद कोट पहने एक एशियाई व्यक्ति, मास्क के साथ नीले रंग के स्क्रब पहने एक व्यक्ति और एक अन्य व्यक्ति एक कार्यक्रम में बोलते हुए दिखाई दे रहे हैं।
UN News

'महामारी तैयारी सन्धि' के लिए', 2020 की कोविड बहादुर हस्तियों की भावुक अपीलें

विश्व के नेतागण, संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक महामारी तैयारी सन्धि के मसौदे को पारित किए जाने पर विचार करने के लिए, सोमवार 19 मई को, जिनीवा में बहुत अहम बैठक शुरू करने वाले हैं, यूएन न्यूज़ ने कोविड-19 के तूफ़ान से गुज़रे अग्रिम पंक्ति के डॉक्टरों, सामुदायिक पैरोकारों, एक युवा स्वयंसेवक और एक पत्रकार के साथ एक बार फिर मुलाक़ातें की हैं. ये दुनिया भर में लाखों लोगों की आवाज़ों में से चन्द ऐसी गवाहियाँ हैं जो ये दिखाती हैं कि इस मसौदे को पारित किए जाने के लिए ये लम्हा क्यों महत्वपूर्ण है, और ये आवाज़ें, कार्रवाई के लिए तत्काल पुकार को आकार देने में भी मदद कर रही हैं.

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