वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

Fourth International Conference on Small Island Developing States (SIDS4)

लघु द्वीपीय विकासशील देशों पर चौथा अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन (SIDS4)
27-30 मई 2024 | एंटीगुआ और बरबूडा

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लघु द्वीपीय विकासशील देश (SIDS) बहुमुखी संकटों से जूझ रहे हैं: जलवायु परिवर्तन, कोविड-19 महामारी के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव, और ऋण का एक संकट. वैश्विक तालाबन्दियों ने द्वीप की धन सुरक्षा में बड़ी खाई उत्पन्न कर दी थी और टिकाऊ विकास लक्ष्यों में संसाधन निवेश के प्रयासों को गम्भीर रूप से पीछे धकेल दिया था. 

इस बीच जलवायु कार्रवाई तत्काल बहुत ज़रूरी नज़र आ रही है, क्योंकि दो दशकों के दौरान, मौसम सम्बन्धी आपदाएँ दो गुनी हो गई हैं: जिसमें द्वीपीय देश सबसे निर्बल हालात में हैं जबकि वो इन परिस्थितियों के लिए सबसे कम ज़िम्मेदार हैं. 

महान मुसीबत की इस घड़ी में, अवसर का लाभ उठाना होगा. ऐंटीगुआ और बरबूडा में, 27 से 30 मई तक, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय लघु द्वीपीय विकासशील देशों पर चौथे अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन (SIDS4) के लिए एकत्र होगा. इसमें इन देशों के टिकाऊ विकास क्षेत्र में प्रगति की समीक्षा की जाएगी और साझेदारियों के एक नए दशक का प्रस्ताव रखा जाएगा, साथ ही सहनसक्षम समृद्धि के उनके मार्ग में फिर से जान फूँकने के लिए समाधान सुझाए जाएंगे.

यूएन न्यूज़ की टीम, इस सम्मेलन में आपको बिल्कुल पहली क़तार में बिठाने के लिए एंटीगुआ और बरबूडा की राजधानी सेंट जॉन्स में मौजूद रहेगी. आप अपने मोबाइल फ़ोन या कम्प्यूटर से पर ही, इस सम्मेलन के तमाम कार्यक्रमों और चर्चाओं पर नज़र रख सकते हैं. आप SIDS4 में शिरकत करने वाले प्रतिनिधियों को एक सर्वसम्मत, विषय केन्द्रित, भविष्योन्मुखी और कार्रवाई-केन्द्रित राजनैतिक परिणाम वाले दस्तावेज़ पर काम करते हुए देख सकते हैं.

आपदा जोखिम न्यूनीकरण (UNDRR) के लिए यूएन महासचिव के विशेष प्रतिनिधि कमल किशोर, ऐंटीगुआ और बरबूडा में SIDS देशों के चौथे सम्मेलन में.
UN News/Matt Wells

SIDS (देशों) के चौथे सम्मेलन के प्रमुख मुद्दे, कमल किशोर की ज़ुबानी

संयुक्त राष्ट्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यालय (UNDRR) के सहायक महासचिव और महासचिव के विशेष प्रतिनिधि कमल किशोर की जानकारी के अनुसार, ऐंटीगुआ और बरबूडा में हुए लघु द्वीपीय विकासशील देशों (SIDS) के चौथे सम्मेलन के दौरान चर्चा के महत्वपूर्ण मुद्दे... (वीडियो)

यूएन उपमहासचिव आमिना मोहम्मद ने ऐंटीगुआ एंड बरबूडा में लघु द्वीपीय देशों पर चौथे अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन में शिरकत की.
UN News/Matt Wells

लघु द्वीपीय देशों के लिए, ‘नई आशा, एकजुटता व संकल्प’ का एजेंडा पारित

ऐंटीगुआ एंड बरबूडा में चौथे अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान लघु द्वीपीय विकासशील देशों (SIDS) में सुदृढ़ समृद्धि पर लक्षित एक रोडमैप को पारित किया गया है, जिसे संयुक्त राष्ट्र उपमहासचिव ने एक ऐसे नए सफ़र की शुरुआत बताया है जिससे इन देशों के नागरिकों से किए गए वादों को साकार किया जा सकेगा.  

तुवालू में कामगार, समुद्री तट पर क्षरण से निपटने के लिए अवरोध तैयार कर रहे हैं.
© UNICEF/Lasse Bak Mejlvang

जलवायु वित्त पोषण के लिए, बयानबाज़ी से निर्णायक कार्रवाई की ओर बढ़ने की दरकार

जलवायु कार्रवाई में लघु द्वीपीय विकासशील देशों की वित्तीय मदद के लिए अब तक जो क़दम उठाए गए हैं, वे पिछले वर्ष दुबई में आयोजित कॉप28 जलवायु सम्मेलन के दौरान किए गए वादों से मेल नहीं खाते हैं.

लघु द्वीपीय विकासशील देशों का चौथा अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन, ऐंटीगुआ एंड बरबूडा में आयोजित हो रहा है.
UN Photo/Eskinder Debebe

क़र्ज़ के बोझ में डूब रहे हैं लघु द्वीपीय देश, ऐंटीगुआ सम्मेलन में महासचिव की चेतावनी

अन्तरराष्ट्रीय वित्त पोषण, सतत विकास के लिए ईंधन के समान है, मगर लघु द्वीपीय विकासशील देश (Small Island Developing States/SIDS) इसकी क़िल्लत से जूझ रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने आगाह किया है ये देश क़र्ज़ के बोझ और जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते समुद्री जलस्तर में डूब रहे है, जबकि इसके लिए वे ज़िम्मेदार भी नहीं हैं.

समोआ के एडिलेड नफोई (बाएँ से दूसरे) समेत, SIDS वैश्विक बाल एवं युवा कार्रवाई सम्मेलन के प्रतिनिधि, "संकल्प दीवार" का अपना हिस्सा पूरा करने के बाद.
UN News/ Matthew Wells

ऐंटीगुआ: जलवायु कार्रवाई के लिए, 'संकल्प दीवार' का निर्माण

भले ही इस अदभुत कृति को री-सायकिल योग्य गत्ते के डब्बों से बनाया गया हो, लेकिन सोमवार को जब विश्व नेताओं ने लघु द्वीपीय देशों पर चौथे अन्तराष्ट्रीय सम्मेलन (SIDS4) का उद्घाटन किया, तो बेहतर भविष्य के लिए युवजन की उम्मीदों की एक अनूठी अभिव्यक्ति ने उनका स्वागत किया. ये है ठोस "संकल्प दीवार," जो नेताओं को जलवायु परिवर्तन के क़हर से निपटने के लिए अधिक कार्रवाई करने हेतु प्रेरित करेगी.

ऐंटीगुआ और बरबूडा की राजधानी सैंट जॉन्स का एक दृश्य, जहाँ लघु द्वीपीय विकासशील देशों पर चौथा सम्मेलन (SIDS4) आयोजित किया गया है.
© UNICEF/Roger LeMoyne

लघु द्वीपीय देश (SIDS), ‘जलवायु न्याय और वित्त न्याय के लिए परीक्षण मामला’ एंतोनियो गुटेरेश

दुनिया, वैश्विक तापमान वृद्धि या दोगुनी गति वाले वित्तीय विश्व के कारण किसी एक देश या संस्कृति का नुक़सान नहीं होने दे सकती, जहाँ धनी अधिक अमीर बन रहे हैं और निर्धन, अधिक ग़रीब हो रहे हैं. यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने ऐंटीगुआ और बरबूडा में सोमवार को लघु द्वीपीय देशों पर चौथे सम्मेलन (SIDS4) का उदघाटन करते हुए यह बात कही है.

तुवालू के प्रधानमंत्री ने चक्रवाती तूफ़ान के बाद हुई तबाही का जायज़ा लेने के लिए नुई द्वीप का दौरा किया.
© UNDP/Silke von Brockhausen

लघु द्वीपीय विकासशील देश: सहनसक्षम समृद्धि के लिए, हरसम्भव क़दम उठाने का आहवान

लघु द्वीपीय विकासशील देशों (Small Island Developing States) के नेतागण, इस सप्ताहांत कैरीबियाई क्षेत्र में स्थित देश एंटीगुआ एंड बरबूडा में आयोजित एक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए एकत्र हो रहे हैं, जिसका लक्ष्य टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने व सहनसक्षमता निर्माण के लिए एक साहसिक, नई योजना को आकार देना है.

रोसो घाटी में स्थित, डॉमिनिका का भू-तापीय ऊर्जा पाइप.
UNDP/ Zaimis Olmos

क्या डॉमिनिका में 100% नवीकरणीय ऊर्जा का समाधान, धरती के भीतर मौजूद है?

दुनिया भर के अनेक देशों ने, अपनी सम्पूर्ण ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नवीकरणीय स्रोतों की राह पकड़ ली है. पूर्वी कैरीबियाई क्षेत्र में स्थित डॉमिनिका भी इन्हीं देशों की सूची में शामिल होने की तैयारी में है, और शीघ्र ही ऊर्जा के लिए जीवाश्म ईंधन के उपयोग का पूर्ण ख़ात्मा करने वाला पहला लघु द्वीपीय विकासशील देश (SIDS) बन जाएगा.

भारत में बढ़ते समुद्री जलस्तर के कारण तटीय इलाक़ों की रक्षा के लिए उपाय किये जा रहे हैं.
Climate Visuals Countdown/Debsuddha Banerjee

‘डूब रहे हैं दुनिया के अन्न टोकरी देश’, महासभा अध्यक्ष

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष डेनिस फ़्रांसिस ने गुरूवार को आगाह करते हुए कहा है कि लघु द्वीपीय देशो वैसे तो बढ़ते समुद्री जल स्तरों के हानिकारक प्रभावों की चपेट में आने के लिए बहुत संवेदनशील हैं, मगर उन प्रभावों का दायरा उससे कहीं अधिक है.