वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

FFD4: Sevilla (Spain) Conference 2025

विकास के लिए वित्त पर चौथे अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन (FFD4) की विशेष कवरेज
सेविया, स्पेन | 30 जून - 3 जुलाई 2025

विकास के लिए वित्त पर चौथे अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन (FFD4) पर यूएन न्यूज़ की विशेष कवरेज में आपका स्वागत है. यह सम्मेलन स्पेन के सेविया शहर में आयोजित हो रहा है.

इस ऐतिहासिक सम्मेलन में विश्व नेतागण, अन्तरराष्ट्रीय संस्थानों, व्यवसायों, सिविल सोसायटी और यूएन व्यवस्था के प्रतिनिधि एकत्र हो रहे हैं. ये सब जन, टिकाऊ विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्रगति को बाधित कर रही तात्कालिक वित्तीय चुनातियों से निपटने के तरीक़ों पर विचार करेंगे.

FFD4 सम्मेलन, वैश्विक वित्तीय परिदृश्य को एक नया आकार देने और एक न्यायसंगत व अधिक टिकाऊ भविष्य के लिए आवश्यक संसाधनों को सक्रिय बनाने के लिए एक अति महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है.

इस सम्मेलन की कवरेज के लिए आप यहाँ मौजूद रह सकते हैं, जिसमें विशेष सामग्री शामिल होगी. यूएन न्यूज़ की एक विशेष टीम सेविया से रिपोर्टिंग के लिए मौजूद रहेगी.

यूएन की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, अफ़ग़ानिस्तान में महिलाएँ अपनी गिरफ़्तारी के डर का सामना कर रही हैं.
UNAMA

विकासशील देशों में लैंगिक समानता के लिए, सालाना 420 अरब डॉलर की कमी

विकासशील देशों में महिलाओं की प्रगति के लिए ज़रूरी लैंगिक समानता प्राप्त करने के प्रयासों के लिए, हर साल लगभग 420 अरब डॉलर की भारी वित्तीय कमी का सामना करना पड़ रहा है. इसका मतलब है कि महिलाओं और लड़कियों के लिए बनाए गए कार्यक्रमों और सेवाओं को लगातार पर्याप्त धन नहीं मिल पा रहा है.

सेविया चौथे विकास वित्त पोषण सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है.
UN Photo/Mariscal

FFD4: ऋण संकट बना, विकास की राह में सबसे बड़ी रुकावट

स्पेन के सेविया में आयोजित चौथे विकास वित्त पोषण सम्मेलन (FFD4) में वैश्विक नेताओं ने विकास की दिशा बदलने और टिकाऊ भविष्य के निर्माण की प्रतिबद्धता जताई. सम्मेलन के केन्द्र में यह चिन्ता रही कि टिकाऊ विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए विकासशील देशों को हर वर्ष लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर की भारी वित्तीय कमी का सामना करना पड़ रहा है. यह वित्तीय संकट न केवल विकास कार्यों को बाधित कर रहा है, बल्कि लाखों लोगों के जीवन, शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी असर डाल रहा है. सेविया समझौते को इस दिशा में एक ठोस पहल माना जा रहा है, जो न्यायपूर्ण और समावेशी विकास की राह तैयार करने में अहम साबित हो सकता है...(वीडियो)