वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

FFD4: Sevilla (Spain) Conference 2025

विकास के लिए वित्त पर चौथे अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन (FFD4) की विशेष कवरेज
सेविया, स्पेन | 30 जून - 3 जुलाई 2025

विकास के लिए वित्त पर चौथे अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन (FFD4) पर यूएन न्यूज़ की विशेष कवरेज में आपका स्वागत है. यह सम्मेलन स्पेन के सेविया शहर में आयोजित हो रहा है.

इस ऐतिहासिक सम्मेलन में विश्व नेतागण, अन्तरराष्ट्रीय संस्थानों, व्यवसायों, सिविल सोसायटी और यूएन व्यवस्था के प्रतिनिधि एकत्र हो रहे हैं. ये सब जन, टिकाऊ विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्रगति को बाधित कर रही तात्कालिक वित्तीय चुनातियों से निपटने के तरीक़ों पर विचार करेंगे.

FFD4 सम्मेलन, वैश्विक वित्तीय परिदृश्य को एक नया आकार देने और एक न्यायसंगत व अधिक टिकाऊ भविष्य के लिए आवश्यक संसाधनों को सक्रिय बनाने के लिए एक अति महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है.

इस सम्मेलन की कवरेज के लिए आप यहाँ मौजूद रह सकते हैं, जिसमें विशेष सामग्री शामिल होगी. यूएन न्यूज़ की एक विशेष टीम सेविया से रिपोर्टिंग के लिए मौजूद रहेगी.

media:entermedia_image:33ce2930-a221-4d23-9273-162c726a36da
© ILO/Nguyễn ViệtThanh

UNIDO: विनाश के बिना औद्योगीकरण -भविष्य के लिए यूएन ब्लूप्रिंट

औद्योगीकरण ने, 19वीं सदी से, दुनिया पर रूपान्तरकारी प्रभाव डाले हैं जिनमें सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही तरह के प्रभाव शामिल हैं. इसने रोज़गार उपलब्ध कराए हैं, और लाखों लोगों को निर्धनता से बाहर निकाला है. लेकिन इसके बहुत बुरे परिणाम भी हुए हैं जिनमें कुछ प्रमुख हैं; पारिस्थितिकी को हानि, हवा में प्रदूषण, और जलवायु संकट को बढ़ाना, जिससे पृथ्वी के बड़े हिस्से के, रहने योग्य नहीं बचने के जोखिम उत्पन्न हो रहे हैं. लेकिन यह भी ज़रूरी नहीं है कि ऐसा ही होगा...

संयुक्त राष्ट्र ने, बच्चों के स्वास्थ्य व शिक्षा के लिए भी अथक प्रयास किए हैं.
© UNICEF/Alaa Noman

संयुक्त राष्ट्र, वैश्विक अड़चनों के बीच एक बेहतर दुनिया के लिए प्रतिबद्ध

संयुक्त राष्ट्र, बढ़ते वैश्विक संकटों के इस वर्ष मेंयुद्धों के विस्तारआर्थिक मुश्किलों और तेज़ होते जलवायु संकट के बावजूद, मज़बूती के साथ खड़ा रहा है. यह वैश्विक संगठन, शान्ति स्थापित करनेसतत विकास को आगे बढ़ाने और मानवीय पीड़ा को कम करने के लिए निरन्तर प्रयासरत है.

ये दक्षिण सूडान का दृश्य है. दुनिया भर में खाद्य सुरक्षा की स्थिति कुछ बेहतर तो हुई है मगर विषमताएँ बढ़ी हैं.
© WFP/Peter Louis

वैश्विक भूख स्थिति में मामूली कमी, असमानताओं का दायरा बढ़ा

दुनिया भर में, वर्ष 2022 के बाद से, भूख यानि जीने के लिए ज़रूरी भरपेट भोजन नहीं मिलने की स्थिति का सामना करने वाले लोगों की संख्या में, मामूली कमी तो दर्ज की गई है मगर यह सभी स्थानों पर समान नहीं है. साथ ही, दुनिया भर में विषमताओं का दायरा बढ़ा है.

स्पेन के सेविया में हुए विकास के लिए वित्त पर चौथे अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन (FFD4) में, अनेक देशों से आए सिविल सोसायटी संगठनों ने भी शिरकत की.
UN News/Matt Wells

सेविया सम्मेलन (FFD4) में, सतत विकास के लिए मज़बूत हुईं आशा और एकता

स्पेन के सेविया में विकास के लिए वित्तपोषण सम्मेलन (FFD4), नए सिरे से संकल्प और ऐसे कार्यों पर ध्यान केन्द्रित करने के साथ, गुरूवार को सम्पन्न हो गया है जो दुनिया भर में लोगों के जीवन में अहम बदलाव ला सकते हैं.

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में यूएस डेस्टिनी लैबोरेटरी में एक फूल पौधा. नासा ने फूलों की पौध उगाने का ये प्रयोग 16 नवंबर 2015 को शुरू किया था.
NASA/Johnson

वैश्विक विकास की मज़बूत बुनियाद बन चुका है अन्तरिक्ष

अन्तरिक्ष तकनीक अब कोई कल्पनाओं की दुनिया या दूर की बात नहीं रह गई है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन और वैश्विक विकास की मज़बूत बुनियाद बन चुकी है. संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमिना मोहम्मद ने बुधवार को बाह्य अन्तरिक्ष के शान्तिपूर्ण उपयोगों पर आयोजित संयुक्त राष्ट्र मंच में ये विचार व्यक्त किए हैं.

मिस्र की योजना और आर्थिक विकास मंत्री,  डॉ. रनिया अल-मशात (मध्य).
UN News/Matt Wells

FFD4 सम्मेलन: ऋण संकट से जूझ रहे देशों के लिए नया वैश्विक मंच

स्पेन के सेविया में संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास पर अहम सम्मेलन (FFD4 ) के दौरान एक नई व्यवस्था शुरू की गई है, जिससे क़र्ज़ संकट से परेशान देशों को समन्वित कार्रवाई करने और वैश्विक वित्तीय प्रणाली में अपनी आवाज़ मज़बूत करने का अवसर मिलेगा.

यूएन की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, अफ़ग़ानिस्तान में महिलाएँ अपनी गिरफ़्तारी के डर का सामना कर रही हैं.
UNAMA

विकासशील देशों में लैंगिक समानता के लिए, सालाना 420 अरब डॉलर की कमी

विकासशील देशों में महिलाओं की प्रगति के लिए ज़रूरी लैंगिक समानता प्राप्त करने के प्रयासों के लिए, हर साल लगभग 420 अरब डॉलर की भारी वित्तीय कमी का सामना करना पड़ रहा है. इसका मतलब है कि महिलाओं और लड़कियों के लिए बनाए गए कार्यक्रमों और सेवाओं को लगातार पर्याप्त धन नहीं मिल पा रहा है.

सेविया चौथे विकास वित्त पोषण सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है.
UN Photo/Mariscal

FFD4: ऋण संकट बना, विकास की राह में सबसे बड़ी रुकावट

स्पेन के सेविया में आयोजित चौथे विकास वित्त पोषण सम्मेलन (FFD4) में वैश्विक नेताओं ने विकास की दिशा बदलने और टिकाऊ भविष्य के निर्माण की प्रतिबद्धता जताई. सम्मेलन के केन्द्र में यह चिन्ता रही कि टिकाऊ विकास लक्ष्यों को पूरा करने के लिए विकासशील देशों को हर वर्ष लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर की भारी वित्तीय कमी का सामना करना पड़ रहा है. यह वित्तीय संकट न केवल विकास कार्यों को बाधित कर रहा है, बल्कि लाखों लोगों के जीवन, शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी असर डाल रहा है. सेविया समझौते को इस दिशा में एक ठोस पहल माना जा रहा है, जो न्यायपूर्ण और समावेशी विकास की राह तैयार करने में अहम साबित हो सकता है...(वीडियो)

विकास के लिए वित्त पर, चौथे अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन (FFD4) में, वैश्विक सहयोग मज़बूत होने की आशा व्यक्त की गई है.
UN Photo/Chema Moya

FFD4: "ठोस, व्यावहारिक और क्रियान्वयन योग्य" रोडमैप की आशा

स्पेन के सम्राट फ़ेलिपे ने कहा है कि सेविया में आयोजित हो रहा, विकास के लिए वित्त पर चौथा अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन, “सफल होना ही चाहिए,”  क्योंकि सहयोग, बहुपक्षीय व्यवस्था की नींव है  - और आज, जब विश्व अनिश्चितताओं से घिरा है, तो यह सम्मेलन उन मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है जो हमें जोड़कर रखते हैं. सम्राट ने इस  सम्मेलन (FFD4) से एक "ठोस, व्यावहारिक और क्रियान्वयन योग्य" रोडमैप सामने आने की आशा भी व्यक्त की है.

स्पेन के सेविया में, विकास के लिए वित्त पर, चौथा अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन (FFD4) आयोजित किया गया है.
UN News/Matt Wells

FFD4: भविष्य में निवेश करने व दिशा बदलने का यही समय, यूएन प्रमुख की पुकार

"हम सेविया में एक नई दिशा तय करने के लिए एकत्र हुए हैं." संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को विश्व नेताओं को सम्बोधित करते हुए यह पुकार लगाई है. उन्होंने इसे “दस वर्षों में एक बार मिलने वाला ऐतिहासिक अवसर” क़रार दिया, जो विकासशील देशों के सामने दरपेश 4 ट्रिलियन डॉलर की विशालकाय वित्तीय चुनौती को दूर करके, उन्हें सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) प्राप्ति की ओर अग्रसर करने तथा सर्वजन के लिए एक समावेशी, न्यायसंगत और टिकाऊ भविष्य के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है.