पारम्परिक ज्ञान में छिपा है जलवायु संकट का समाधान

11 अगस्त 2020

भारत में ओडिषा राज्य की अर्चना सोरेंग दुनिया भर से चुने गए उन सात युवाओं में से हैं जिन्हें महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के  पर्यावरण पर युवा सलाहकारों के समूह में शामिल किया गया है.

खड़िया जनजाति की अर्चना सोरेंग ओडिषा के सुंदरगढ़ जिले की रहने वाली हैं और उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, मुंबई से रेग्युलेट्री गवर्नेंस में मास्टर्स ऑफ आर्ट्स की पढ़ाई के बाद राज्य में अनुसंधान अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं.

क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तरों पर विभिन्न युवा संगठनों के साथ काम करते हुए अर्चना सोरेंग आदिवासी समुदायों के पारम्परिक ज्ञान और प्रथाओं को संरक्षित कर उन्हें बढ़ावा देने में सक्रियता से हिस्सा लेती रही हैं.

पर्यावरण पर युवा सलाहकारों के समूह में शामिल होने पर यूएन न्यूज़ की अंशु शर्मा ने अर्चना सोरेंग के साथ एकख़ास बातचीत में जलवायु परिवर्तन से जुड़े मु्ददों पर उनकी राय जानने का  प्रयास किया.

अवधि
12'12"

 

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