तेज़ आर्थिक विकास से मिलेगा टिकाऊ विकास लक्ष्यों को सहारा

17 जनवरी 2020

संयुक्त राष्ट्र की ताज़ा विश्व आर्थिक स्थिति व संभावनाओं पर वर्ष 2020 की रिपोर्ट बताती है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में लंबे समय से व्यापार विवादों के प्रभावों के कारण पिछले एक दशक में सबसे कम वृद्धि हुई.  वर्ष 2019 में आर्थिक वृद्धि की दर 2.3 प्रतिशत दर्ज की गई.

रिपोर्ट के अनुसार जलवायु संकट, दुनिया भर में लगातार जारी गंभीर विषमताएँ, खाद्य असुरक्षा के बढ़ते स्तर और कुपोषण जैसी स्थितियाँ बहुत से समाजों में लोगों के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं जिनके कारण असंतोष भी बढ़ रहा है.

लंबे समय से वैश्विक आर्थिक गतिविधियों के कमज़ोर रहने से स्थाई विकास को बड़ा झटका लग सकता है, जिसमें ग़रीबी उन्मूलन और सभी के लिए अच्छे रोज़गार पैदा करने के लक्ष्यों पर नकारात्मक असर पड़ना शामिल होगा. 

भारत में संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अर्थशास्त्री डॉक्टर नागेश कुमार ने नई दिल्ली में हमारी सहयोगी अंशु शर्मा से एक ख़ास बातचीत में कहा कि आर्थिक विकास की गति तेज़ होने से टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए संसाधनों को जुटाने में भी मदद मिलती है. 

अवधि
9'8"

 

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