'महामारी से जुड़ी पाबन्दियों से करोड़ों बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर जोखिम'

स्वास्थ्य
© UNICEF/Berulava

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के दौरान राष्ट्रव्यापी सार्वजनिक स्वास्थ्य आदेशों या अनुशंसाओं के कारण, दुनिया भर में करोड़ों बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिये जोखिम उत्पन्न हो गया है, और इन हालात के कारण, हर सात में से लगभग एक बच्चा अपने घर पर ही रहने को विवश है.

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म्याँमार: विरोध प्रदर्शनों के दौरान, एक दिन में, 38 लोगों की मौत ‘स्तब्धकारी’ 

म्याँमार के लिये संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत, क्रिस्टीन श्रेनर बर्गनर ने बुधवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि देश में हालात से क्षेत्रीय स्थिरता के लिये चुनौती पैदा हो रही है, और मौजूदा संकट वास्तव में एक युद्ध में तब्दील हो सकता है. म्याँमार में सेना द्वारा सत्ता पर क़ब्ज़ा किये जाने के बाद जारी विरोध प्रदर्शनों में, बुधवार को 38 लोगों की मौत हुई है. 

UNICEF/Vincent Tremeau

मानवता, पृथ्वी व समृद्धि के लिये वन संरक्षण ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सरकारों और लोगों का आहवान किया है कि वनों की रक्षा करने और वन समुदायों को समर्थन देने के लिये प्रयास तेज़ किये जाने होंगे. यूएन प्रमुख ने, बुधवार, 3 मार्च, को विश्व वन्यजीवन दिवस (World Wildlife Day) के अवसर पर अपने सन्देश में, वन संसाधनों के अरक्षणीय प्रयोग और वन्यजीवों की तस्करी से उपजते ख़तरों के प्रति भी आगाह किया है.  

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2050 तक, उपचार के अभाव में, ढाई अरब लोगों की श्रवण क्षमता खोने का ख़तरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि वर्ष 2050 तक दुनिया में, हर चार में से एक व्यक्ति, यानि लगभग 25 प्रतिशत आबादी, किसी ना किसी हद तक, श्रवण क्षमता में कमी की अवस्था के साथ जी रही होगी. यूएन एजेंसी ने, बुधवार, 3 मार्च, को ‘विश्व श्रवण दिवस’ के अवसर पर पहली बार, इस विषय में एक रिपोर्ट जारी की है. 

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यूनीसेफ़: क़रीब 17 करोड़ बच्चे, एक साल तक स्कूली शिक्षा से रह गए वंचित

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने कहा है कि कोविड-19 महामारी का विकराल रूप शुरू हुए, जैसे-जैसे एक वर्ष पूरा हो रहा है, हमें, स्वतः यह ध्यान आ रहा है कि दुनिया भर में तालाबन्दियों और पाबन्दियों ने कितना बड़ा और गम्भीर शिक्षा संकट उत्पन्न कर दिया है. 

UN/Gregorio Cunha

मेजर बिन्देश्वरी तँवर - यूएन शान्तिरक्षक बनना, एक मूल्यवान अवसर

भारत की मेजर बिन्देश्वरी तँवर एक सैन्य अधिकारी हैं और एक युवा बेटे की माँ भी. 34 वर्षीय मेजर बिन्देश्वरी तँवर का विवाह अपने एक साथी अधिकारी के साथ ही हुआ, और फ़िलहाल वो एक यूएन शान्तिरक्षक के रूप में दक्षिण सूडान में सेवारत हैं.  मेजर बिन्देश्वरी तँवर का कहना है कि यूएन शान्तिरक्षक के तौर पर कार्य करने का अवसर बेहद मूल्यवान अनुभव है जिसे बाँहें फैलाकर स्वीकार करना चाहिये. उनके साथ एक ख़ास बातचीत...

एक नज़र में मुख्य बातें