वैक्सीन समता समय की चुनौती, एकजुटता व साझेदारी की ज़रूरत

स्वास्थ्य
© UNICEF/Frank Dejongh

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के संक्रमण के मामले, पिछले दो महीनों के दौरान लगभग दो गुना बढ़ गए हैं, और दुनिया भर में महामारी का संक्रमण अभी तक के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है, ऐसे में वैक्सीन का विषम वितरण, ना केवल नैतिक भयावहता है, बल्कि आर्थिक व महामारी विज्ञान के नज़रिये से भी आत्म-पराजयी है.  

WFP/Marco Frattini

यमन: कूटनैतिक एकता है युद्ध का अन्त करने की कुंजी

यमन के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ने गुरूवार को एक अपील जारी करके, युद्धरत पक्षों से राष्ट्रव्यापी युद्धविराम लागू करने और शान्ति वार्ता के लिये किसी निश्चित तारीख़ पर सहमति बनाने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा है कि ये क़दम देश में हिंसक संघर्ष पर विराम लगाने की योजना के अनुरूप हैं.

© UNICEF/Vinay Panjwani

'शरीर मेरा है, मगर फ़ैसला मेरा नहीं' महिला सशक्तिकरण पर यूएन रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 57 विकासशील देशों की लगभग आधी महिलाओं को गर्भनिरोधक का उपयोग करने, स्वास्थ्य देखभाल की मांग करने या फिर अपनी कामुकता सहित अपने शरीर के बारे में निर्णय लेने का अधिकार नहीं है.

Photo: Dominic Chavez/World Bank

बांग्लादेश: 'सौर घर प्रणाली कार्यक्रम' साबित हुआ नया विकास वाहक

विश्व बैंक (World Bank) ने अन्य साझीदारों के साथ मिलकर, बांग्लादेश में घरों तक बिजली पहुँचाने के लिये 'सौर ऊर्जा घर प्रणाली' (SHS) कार्यक्रम को वित्तीय पोषण प्रदान किया, जिससे देश की विकास प्रक्रिया में अहम सहयोग मिला है. इस कार्यक्रम के ज़रिये, दूर-दराज़ के क्षेत्रों में समुदायों तक बिजली पहुँचाने वाले एक 'ऑफ़-ग्रिड सौर बाज़ार' के निर्माण के लिये सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच भागीदारी को समर्थन दिया गया. 

     

    © UNHCR/Asif Shahzad

    पाकिस्तान: पंजीकृत अफ़ग़ान शरणार्थियों को मिलेंगे नए स्मार्ट पहचान-पत्र  

    शरणार्थी मामलों की संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (UNHCR) ने, पाकिस्तान में 14 लाख पंजीकृत अफ़ग़ान शरणार्थियों के लिये उनकी जानकारी को सत्यापित करने और उसमें ज़रूरी बदलाव करने वाली देशव्यापी मुहिम की शुरुआत का स्वागत किया है. इस प्रक्रिया के दौरान शरणार्थियों को नए स्मार्ट पहचान-पत्र भी जारी किये जाएंगे.  

    © UNICEF/Ron Haviv

    हिंसक संघर्ष के दौरान यौन हिंसा – रोकथाम ही ‘एकमात्र उपाय’

    संयुक्त राष्ट्र की एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि हिंसक संघर्ष के दौरान यौन हिंसा में जीवित बचे पीड़ित, लम्बे समय तक जिन विनाशकारी दुष्परिणामों को भुगतने के लिये मजबूर हैं, उनसे निपटने का सर्वोत्तम और एकमात्र इलाज, ऐसे मामलों की पूर्ण रोकथाम है. हिंसक संघर्ष में यौन हिंसा के मुद्दे पर यूएन महासचिव की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन ने बुधवार को सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए बताया कि यौन हिंसा को एक क्रूर युद्ध-नीति के तौर पर इस्तेमाल में लाया जाता है.  

    एक नज़र में मुख्य बातें